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मंडी में प्याज 30 और सरकारी काउंटर पर 35 रुपये किलो
बरेली।
Updated Mon, 20 Nov 2017 02:12 AM IST
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बाजार
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योगी सरकार में भी जमाखोरों की मनमानी कम नहीं हुई। प्याज के रेट बढ़े तो काबू होने का नाम नहीं ले रहे। इस पर सिस्टम की पब्लिक के प्रति संवेदनशीलता देखिए कि अमर उजाला के मुद्दा उठाने पर सरकारी काउंटर लगाने का दावा किया। उसमें नाम भर को काउंटर लगाया। उस पर हद यह पार कर दी कि मंडी वाले रेट 30 से महंगा यानी 35 रुपये किलो प्याज बेच डाला। इससे पहले मंडी में 40 रुपये प्रति किलो टमाटर बिका और सरकारी काउंटर पर भी इसी भाव।
प्रशासन की लापरवाही से मुनाफाखोरों की मौज है। किसी भी मंडी में स्टाक और मूल्य प्रदर्शित नहीं किया जाता है। इसके चलते ही सब्जियों पर महंगाई है। मंडी से मोहल्लों तक सब्जी के दाम दोगुने हो जाते हैं। थोक मंडी में लगे तमाम अवैध फड़ों पर आलू, प्याज और अन्य सब्जियां कम दामों पर मिल रही हैं। सस्ता प्याज और टमाटर उपलब्ध कराने के नाम पर खोले गए एकमात्र सरकारी काउंटर पर सिर्फ प्याज और टमाटर ही बेचा जा रहा है। काउंटर थोक मंडी गेट पर तौल केंद्र के पास लगाया गया है। रविवार सुबह दस बजे खुले इस काउंटर पर प्याज के दाम पांच रुपये प्रति किलो ज्यादा होने की वजह से ग्राहकों को निराशा हुई। उन्होंने मंडी में लगे अवैध फड़ों से ही प्याज खरीदा।
बथुआ 80 रुपये प्रति किलो
सर्दियों में बथुआ का अलग महत्व है। वैसे तो बथुआ एक खरपतवार (घास) ही है, लेकिन इसकी तासीर गर्म होती है, इसलिए सर्दियों में लोग परांठा, कचौड़ी, पूड़ी, साग आदि बनाकर खाते हैं। कभी गरीब इसका इस्तेमाल करते थे, जब से इसकी खूबियां लोगों ने जानी तो मांग बढ़ गई। आजकल यह साग वीआईपी श्रेणी में आ गया है। हकीम खुर्शीद मुराद ने बताया कि बथुआ पाचन शक्ति बढ़ाने के साथ ही पेट संबंधी अन्य विकार दूर करने में सहायक है।
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बटेर और मुर्गी अंडे महंगे
अभी सर्दी ठीक से शुरू भी नहीं हुई है कि अंडा डेढ़ गुना तक मंहगा हो गया है। कुछ दिनों पहले मुर्गी का एक अंडा पांच रुपये का था जो अब सात रुपये में मिल रहा है। पंजाब, हरियाणा से आने वाली 30 अंडों की क्रेट 175 से 180 रुपये में बिक रही है। इस हिसाब से दुकानदार को एक अंडा छह रुपये का पड़ता है, जो ग्राहक तक सात रुपये में पहुंच रहा है। उधर, सीएआरआई ने भी बटेर और मुर्गी का अंडा महंगा कर दिया है। बटेर का अंडा एक रुपये बढ़कर 2.50 रुपये प्रति और मुर्गी का अंडा 120 से बढ़कर 150 रुपये किलो हो गया है। अंडा विक्रेता उस्मान खान ने बताया कि कई अंडे टूट भी जाते हैं। इस वजह से दुकानदार को कोई ज्यादा मुनाफा नहीं होता है।
प्रशासन की लापरवाही से मुनाफाखोरों की मौज है। किसी भी मंडी में स्टाक और मूल्य प्रदर्शित नहीं किया जाता है। इसके चलते ही सब्जियों पर महंगाई है। मंडी से मोहल्लों तक सब्जी के दाम दोगुने हो जाते हैं। थोक मंडी में लगे तमाम अवैध फड़ों पर आलू, प्याज और अन्य सब्जियां कम दामों पर मिल रही हैं। सस्ता प्याज और टमाटर उपलब्ध कराने के नाम पर खोले गए एकमात्र सरकारी काउंटर पर सिर्फ प्याज और टमाटर ही बेचा जा रहा है। काउंटर थोक मंडी गेट पर तौल केंद्र के पास लगाया गया है। रविवार सुबह दस बजे खुले इस काउंटर पर प्याज के दाम पांच रुपये प्रति किलो ज्यादा होने की वजह से ग्राहकों को निराशा हुई। उन्होंने मंडी में लगे अवैध फड़ों से ही प्याज खरीदा।
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बथुआ 80 रुपये प्रति किलो
सर्दियों में बथुआ का अलग महत्व है। वैसे तो बथुआ एक खरपतवार (घास) ही है, लेकिन इसकी तासीर गर्म होती है, इसलिए सर्दियों में लोग परांठा, कचौड़ी, पूड़ी, साग आदि बनाकर खाते हैं। कभी गरीब इसका इस्तेमाल करते थे, जब से इसकी खूबियां लोगों ने जानी तो मांग बढ़ गई। आजकल यह साग वीआईपी श्रेणी में आ गया है। हकीम खुर्शीद मुराद ने बताया कि बथुआ पाचन शक्ति बढ़ाने के साथ ही पेट संबंधी अन्य विकार दूर करने में सहायक है।
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बटेर और मुर्गी अंडे महंगे
अभी सर्दी ठीक से शुरू भी नहीं हुई है कि अंडा डेढ़ गुना तक मंहगा हो गया है। कुछ दिनों पहले मुर्गी का एक अंडा पांच रुपये का था जो अब सात रुपये में मिल रहा है। पंजाब, हरियाणा से आने वाली 30 अंडों की क्रेट 175 से 180 रुपये में बिक रही है। इस हिसाब से दुकानदार को एक अंडा छह रुपये का पड़ता है, जो ग्राहक तक सात रुपये में पहुंच रहा है। उधर, सीएआरआई ने भी बटेर और मुर्गी का अंडा महंगा कर दिया है। बटेर का अंडा एक रुपये बढ़कर 2.50 रुपये प्रति और मुर्गी का अंडा 120 से बढ़कर 150 रुपये किलो हो गया है। अंडा विक्रेता उस्मान खान ने बताया कि कई अंडे टूट भी जाते हैं। इस वजह से दुकानदार को कोई ज्यादा मुनाफा नहीं होता है।