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एक तो नकली ऊपर से घटतौली
बरेली।
Updated Thu, 09 Mar 2017 01:10 AM IST
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One by one from the fake upturn
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
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खाद्य तेल के बाजार में बड़े पैमाने पर कम मात्रा की पैकिंग उतारी गयी हैं। बाट माट नियमों की अनदेखी कर ग्राहकों से कम मात्रा वाले पैकिंग पर भी ज्यादा कीमत वसूली जा रही है। त्योहार पर बड़ी तादाद घटिया और नकली खाद्य तेल खपाने में कंपीटीशन भी बना हुआ है। ग्राहक जाने अनजाने नकली और ऊपर से घटतौली वाले उत्पाद खरीदने को मजबूर हैं। इस बार होली पर करीब पौने तीन अरब रुपये का कारोबार हुआ है। जो पिछले वर्षों से 25 प्रतिशत ज्यादा बताया जाता है।
लगातार उपभोक्ता बढ़ते जा रहे हैं, इसके अनुपात में खाद्य तेल कारोबार भी बढ़ा है। इसके साथ ही नकली और मिलावट तेल, भ्रामक पैकिंग, घटतौली भी अनापशनाप बढ़ गयी है। खाद्य सुरक्षा व औषधि प्रशासन और बाट माप विभाग की लापरवाही से मिलावटी और नकली तेल बनाने वालों ने फैलाए हैं। पिछले दिनों रिठौरा में मिलावटी रविंद्रा, जय किसान आदि उत्पाद पकड़े गए थे। विभिन्न नामों की नकली पैकिंग पकड़े जाने के बाद भी एफएसडीए ने अभी तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की है। इससे नकली और मिलावट धंधा करने वाले लोग बेखौफ हो गए हैं। सबसे ज्यादा मिलावटी और अवैध पैकिंग कार्य तहसील और कस्बों में हो रहा है। इस धंधे से सही कारोबार वाले त्रस्त हैं।
इन दिनों बाजार में रविंद्रा सरसों तेल नाम से दो पैकिंग मौजूद है। एक लीटर जैसी लगने वाली बोतल पर न्यूनतम साइज में 900 एमएल प्रिंट है। असली की चिट सफेद और नकली की पीली है। तेल का रंग भी नकली पैक में थोड़ा फीका है। आम उपभोक्ता आमतौर पर इतनी पड़ताल नहीं करता इसलिए धंधा चल रहा है। कहीं कोई शिकायत तक दर्ज नहीं है। इसी तरह 450 एमएल वाली पैकिंग आधा लीटर की बोतल की जगह बिक रही है। क्वालिटी, रवि, हैल्दी च्वाइस नाम से चार सौ, आठ सौ और नौ सौ एमएल भर्ती वाले पाउच धड़ल्ले से बिक रहे हैं। ग्राहक एक लीटर समझ कर खरीद रहा है।
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घटतौली में रविंद्र फर्म को नोटिस
बाट माप विभाग ने बाजार से कुछ सैंपल लेकर उनकी माप तौल करायी। सहायक आयुक्त स्वाति कौशिक ने बाजार से अचानक रविंद्रा ब्रांड सरसों तेल पैकिंग लेकर तौल करायी। नौ सौ और 450 एमएल पैकिंग वाली बोतलों पर बेहद छोटे साइज में जानकारी लिखी थी। कौशिक ने बताया कि फर्म ने नियमानुसार पैकिंग नहीं की है। नौ सौ और 450 में पैकिंग अवैध है। सहायक आयुक्त ने फर्म को नोटिस जारी किया है। पैकिंग अधिनियम से खिलवाड़ करने वाली फर्म से 50 हजार रुपये जुर्माना वसूला जाएगा। उधर, रविंद्र फर्म निदेशक विजय अग्रवाल ने बताया कि उनका ब्रांड लोकप्रिय हो गया है, इसलिए शरारती लोगों ने नकली पैकिंग कर बाजार में बोतलें उतार दी हैं। इससे पहले भी रविंद्र्र नाम से नकली पैकिंग और मिलावटी तेल बनाने का मामला पकड़वाया था। रिठौरा में भी उनका रविंद्र ब्रांड नकली बनता पाया गया है। अभी तक एफएसडीए ने कोई प्रभावी कार्य नहीं किया है।
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लगातार उपभोक्ता बढ़ते जा रहे हैं, इसके अनुपात में खाद्य तेल कारोबार भी बढ़ा है। इसके साथ ही नकली और मिलावट तेल, भ्रामक पैकिंग, घटतौली भी अनापशनाप बढ़ गयी है। खाद्य सुरक्षा व औषधि प्रशासन और बाट माप विभाग की लापरवाही से मिलावटी और नकली तेल बनाने वालों ने फैलाए हैं। पिछले दिनों रिठौरा में मिलावटी रविंद्रा, जय किसान आदि उत्पाद पकड़े गए थे। विभिन्न नामों की नकली पैकिंग पकड़े जाने के बाद भी एफएसडीए ने अभी तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की है। इससे नकली और मिलावट धंधा करने वाले लोग बेखौफ हो गए हैं। सबसे ज्यादा मिलावटी और अवैध पैकिंग कार्य तहसील और कस्बों में हो रहा है। इस धंधे से सही कारोबार वाले त्रस्त हैं।
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इन दिनों बाजार में रविंद्रा सरसों तेल नाम से दो पैकिंग मौजूद है। एक लीटर जैसी लगने वाली बोतल पर न्यूनतम साइज में 900 एमएल प्रिंट है। असली की चिट सफेद और नकली की पीली है। तेल का रंग भी नकली पैक में थोड़ा फीका है। आम उपभोक्ता आमतौर पर इतनी पड़ताल नहीं करता इसलिए धंधा चल रहा है। कहीं कोई शिकायत तक दर्ज नहीं है। इसी तरह 450 एमएल वाली पैकिंग आधा लीटर की बोतल की जगह बिक रही है। क्वालिटी, रवि, हैल्दी च्वाइस नाम से चार सौ, आठ सौ और नौ सौ एमएल भर्ती वाले पाउच धड़ल्ले से बिक रहे हैं। ग्राहक एक लीटर समझ कर खरीद रहा है।
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घटतौली में रविंद्र फर्म को नोटिस
बाट माप विभाग ने बाजार से कुछ सैंपल लेकर उनकी माप तौल करायी। सहायक आयुक्त स्वाति कौशिक ने बाजार से अचानक रविंद्रा ब्रांड सरसों तेल पैकिंग लेकर तौल करायी। नौ सौ और 450 एमएल पैकिंग वाली बोतलों पर बेहद छोटे साइज में जानकारी लिखी थी। कौशिक ने बताया कि फर्म ने नियमानुसार पैकिंग नहीं की है। नौ सौ और 450 में पैकिंग अवैध है। सहायक आयुक्त ने फर्म को नोटिस जारी किया है। पैकिंग अधिनियम से खिलवाड़ करने वाली फर्म से 50 हजार रुपये जुर्माना वसूला जाएगा। उधर, रविंद्र फर्म निदेशक विजय अग्रवाल ने बताया कि उनका ब्रांड लोकप्रिय हो गया है, इसलिए शरारती लोगों ने नकली पैकिंग कर बाजार में बोतलें उतार दी हैं। इससे पहले भी रविंद्र्र नाम से नकली पैकिंग और मिलावटी तेल बनाने का मामला पकड़वाया था। रिठौरा में भी उनका रविंद्र ब्रांड नकली बनता पाया गया है। अभी तक एफएसडीए ने कोई प्रभावी कार्य नहीं किया है।