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सड़क की ऐसी तैसी हो गई,काहे का टोल!
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
Updated Sat, 03 Sep 2016 01:07 AM IST
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पीपीपी मोड पर बने बरेली हल्दवानी -एनडी तिवारी मार्ग का एक साल में ही दम निकल गया। इस पीपीपी में एक पी यानी पीएनसी कंपनी में प्रदेश के बड़े लोगों की है। वाहनों की रफ्तार भी 110 किलोमीटर प्रति घंटा से घटकर 60 किलोमीटर पर आ चुकी है। हाइवे का डिवाइडर पेड़ पौधों की हरियाली के बजाय कूड़े और गंदगी से पटा है। डिवाइडर में 20 से ज्यादा छोड़े गए कट जानलेवा साबित हो रहे हैं।
बरेली से उत्तराखंड को जोड़ने वाले 54 किलोमीटर सड़क स्टेट हाइवे की पहल पर आगरा की पीएनसी कंपनी ने 2015 में बनाई थी। कंपनी ने आधी अधूरी रोड बनाकर वाहनों से टोल वसूलना शुरू कर दिया। न तो रोड पटरी बनी और न नाला निर्माण पूरा किया गया। इज्जतनगर रेलवे स्टेशन से हवाई अड्डे तक ट्रक रोड घेरे खड़े रहते हैं जिनसे अंधेरे में दुघर्टना का खतरा रहता है। डिवाइडर में 20 से ज्यादा कट छोड़े गए हैं। डेढ़ माह पूर्व बहेड़ी में तीन बाइक सवार युवाओं की बाइक कट से निकले वाहन से टकरा जाने से मौत हो गई थी। नियमानुसार डिवाइडर के अधिकृत कट पर पोल लगाने के बाद उसे सफेद रंग से पुतवाकर इमरजेंसी मोबाइल नंबर लिखाए जाते हैं ताकि दुघर्टना होने पर इन नंबरों पर सूचित किया जा सके। एनडी तिवारी मार्ग पर ये इमरजेंसी नंबर बरेली से उत्तराखंड सीमा तक कहीं भी अंकित नहीं हैं। टोल प्लाजा से बहेड़ी तक रोड के अपोजित साइड से ट्रैफिक चलता है जिसे न तो पुलिस रोकती है और न ही टोल प्लाजा स्टाफ।
रेलवे क्रासिंग से भी टोल वसूली
पीएनसी कंपनी ने टोल प्लाजा के अलावा दोहना रेलवे क्रासिंग पर भी अपना बोर्ड लगा रखा है। क्रासिंग से गांवों की ओर जाने वाले वाहनों से भी जबरन टोल वसूली की जाती है। जब कोई वाहन मालिक टोल देने से मना करता है तो वह शासन के बड़े अफसर का आदेश होने की बात कहते हैं लेकिन उसे दिखाते नहीं हैं। दो दिन पहले उद्योग बंधु बैठक में उद्यमियों ने पटरी और नाली न बनी होने से भोजीपुरा इंडस्ट्रियल एरिया में जलभराव का मामला उठाया था। इस पर डीएम पंकज यादव ने जिला उद्योग केंद्र महाप्रबंधक से कहा कि पीएनसी अधिकारी 31 अगस्त को सुबह 11 बजे मिलें। जीएम मोहम्मद अफजल ने प्रोजेक्ट मैनेजर आर के पांडे से संपर्क किया तो उन्होंने बताया कि वे सोमवार को मिलकर अपनी बात रखेंगे।
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बरेली से उत्तराखंड को जोड़ने वाले 54 किलोमीटर सड़क स्टेट हाइवे की पहल पर आगरा की पीएनसी कंपनी ने 2015 में बनाई थी। कंपनी ने आधी अधूरी रोड बनाकर वाहनों से टोल वसूलना शुरू कर दिया। न तो रोड पटरी बनी और न नाला निर्माण पूरा किया गया। इज्जतनगर रेलवे स्टेशन से हवाई अड्डे तक ट्रक रोड घेरे खड़े रहते हैं जिनसे अंधेरे में दुघर्टना का खतरा रहता है। डिवाइडर में 20 से ज्यादा कट छोड़े गए हैं। डेढ़ माह पूर्व बहेड़ी में तीन बाइक सवार युवाओं की बाइक कट से निकले वाहन से टकरा जाने से मौत हो गई थी। नियमानुसार डिवाइडर के अधिकृत कट पर पोल लगाने के बाद उसे सफेद रंग से पुतवाकर इमरजेंसी मोबाइल नंबर लिखाए जाते हैं ताकि दुघर्टना होने पर इन नंबरों पर सूचित किया जा सके। एनडी तिवारी मार्ग पर ये इमरजेंसी नंबर बरेली से उत्तराखंड सीमा तक कहीं भी अंकित नहीं हैं। टोल प्लाजा से बहेड़ी तक रोड के अपोजित साइड से ट्रैफिक चलता है जिसे न तो पुलिस रोकती है और न ही टोल प्लाजा स्टाफ।
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रेलवे क्रासिंग से भी टोल वसूली
पीएनसी कंपनी ने टोल प्लाजा के अलावा दोहना रेलवे क्रासिंग पर भी अपना बोर्ड लगा रखा है। क्रासिंग से गांवों की ओर जाने वाले वाहनों से भी जबरन टोल वसूली की जाती है। जब कोई वाहन मालिक टोल देने से मना करता है तो वह शासन के बड़े अफसर का आदेश होने की बात कहते हैं लेकिन उसे दिखाते नहीं हैं। दो दिन पहले उद्योग बंधु बैठक में उद्यमियों ने पटरी और नाली न बनी होने से भोजीपुरा इंडस्ट्रियल एरिया में जलभराव का मामला उठाया था। इस पर डीएम पंकज यादव ने जिला उद्योग केंद्र महाप्रबंधक से कहा कि पीएनसी अधिकारी 31 अगस्त को सुबह 11 बजे मिलें। जीएम मोहम्मद अफजल ने प्रोजेक्ट मैनेजर आर के पांडे से संपर्क किया तो उन्होंने बताया कि वे सोमवार को मिलकर अपनी बात रखेंगे।
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