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वन्य जीव के बालों से बने ब्रश पर भिड़ आपस में गए अफसर

Wed, 23 Sep 2020 02:11 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 23 Sep 2020 02:11 AM IST
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Officer clashed over a brush made of wildlife hair
डीएफओ से बातचीत करते अधिकारी और अन्य। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

दुकानदार पर केस दर्ज कराना चाहते थे वाइल्ड लाइफ ऑफ इंडिया के अफसर, डीएफओ ने निजी मुचलके पर छोड़ा
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डीएफओ कार्यालय में काफी देर अफरातफरी, उच्चाधिकारियों से शिकायत कर लौटे वाइल्ड लाइफ के दीपक कुमार

बरेली। स्टेशनरी की एक दुकान से वन्य जीव के बालों से बने पेंटिंग ब्रश की बरामदगी के बाद वन विभाग और वाइल्ड लाइफ इंडिया की एंटी पोचिंग डिविजन के अफसरों के बीच ही भिड़ंत हो गई। पहले इस मामले में वन जीव संरक्षण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराने की तैैयारी थी लेकिन डीएफओ ने दुकानदार को निजी मुचलके पर छोड़ा तो एंटी पोचिंग के दीपक कुमार नाराज होकर शिकायत करने की बात कहते हुए दिल्ली लौट गए।
एंटी पोचिंग डिविजन के दीपक कुमार ने सोमवार को श्यामगंज में छापे के बाद दूसरे दिन भी बरेली में ही डेेरा डाले रहे। मंगलवार को उन्होंने वन विभाग की टीम के साथ सीबीगंज में शिवमंदिर के पास दीपक स्टेशनरी नाम की दुकान पर छापा मारा तो यहां से 42 पेंटिंग ब्रश बरामद हुए। इनमें वन्य जीवों के बालों का इस्तेेमाल होने की बात कही जा रही थी। डीएफओ भरतलाल के दफ्तर में देर शाम तक आरोपी व्यापारी सीबीगंज के शिवपुरी निवासी धीरेंद्र गंगवार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की कार्रवाई की जानकारी दी गई लेकिन बाद में डीएफओ ने बताया कि व्यापारी ब्रश में इस्तेमाल बाल सिंथेटिक बता रहा है। इसलिए केस दर्ज कराने से पहले इन ब्रश की जांच वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट आफ इंडिया देहरादून से कराई जाएगी। वन्य जीवों के बाल होने की पुष्टि के बाद ही केस दर्ज कराया जाएगा। इसके बाद डीएफओ ने व्यापारी को निजी मुचलके पर छोड़ दिया।
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इस कार्रवाई से नाराज वाइल्ड लाइफ एंटी पोचिंग के दिल्ली से आए दीपक कुमार काफी नाराज हो गए। उनका कहना था कि बरामद ब्रश सील करने से पहले उनके साइन तक नहीं लिए गए न उन्हें दुकानदार को छोड़ने के बारे में बताया गया जबकि उस पर केस दर्ज होना चाहिए। डीएफओ ने उनसे बातचीत करने की कोशिश की लेकिन वह रात में ही अपनी गाड़ी से दिल्ली लौट गए। उन्होंने बताया कि उन्होंने इसकी शिकायत चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन से कर दी है।
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जब तक जांच नहीं हो जाती तब तक किसी व्यक्ति पर वन्य जीव अधिनियम के तहत कार्रवाई नहीं हो सकती। किसी के दबाव में कार्रवाई नहीं की जा सकती। देहरादून लैब से जांच के बाद ही कोई निर्णय होगा। -भरतलाल, डीएफओ


जैसे एक दिन पहले श्यामगंज के व्यापारी पर कार्रवाई हुई है, उसी तरह इस मामले में भी केस दर्ज होना चाहिए था लेकिन बरामद ब्रश सील करने से पहले मेरे साइन तक नहीं लिए गए। मैंने इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से कर दी है। -दीपक कुमार, एंटी पोचिंग डिविजन वाइल्ड लाइफ इंडिया

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