Bareilly News: कन्नौज के इत्र से महकेगा अर्बन हाट, मिलेंगे कानपुर के लेदर उत्पाद, छह महीने में होगा गुलजार
बरेली के अर्बन हाट का संचालन जल्द शुरू हो सकता है। बंगलूरू की कंपनी ने इसके संचालन का टेंडर लिया है। कंपनी ने इसके संचालन की तैयारी शुरू कर दी है।
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बरेली में स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत बना अर्बन हाट छह महीने में गुलजार होगा। यहां बरेली की जरी-जरदोजी के साथ ही कन्नौज के इत्र, कानपुर के लेदर उत्पाद, लखनऊ की चिकनकारी, पीलीभीत की बांसुरी, स्वयं सहायता समूहों और ओडीओपी के उत्पाद की खरीदारी कर सकेंगे।
बंगलूरू की कंपनी वैग्माइन इंटरप्राइजेज ने 157.67 करोड़ रुपये की लागत से तैयार अर्बन हाट एंड हैंडीक्राफ्ट सेंटर के संचालन का टेंडर लिया है। अनुबंध के बाद छह महीने में इस फर्म को संचालन शुरू करना होगा। संचालन शुरू होने पर शहर से लोग इसमें सिनेमा देख सकेंगे। परिसर में ओपन थियेटर भी है। एक करोड़ से अधिक लागत वाले झूले पर एक साथ 84 लोग आनंद ले सकेंगे। गेमिंग जोन भी होगा।
फूड स्ट्रीट में वेज और नानवेज व्यंजनों का स्वाद आपको लुभाएगा। देश-विदेश से आने वालों के ठहरने के लिए थ्री स्टार होटल की सुविधा मिलेगी। विभिन्न उत्पादों की प्रदर्शनी लगा सकेंगे। अब टेंडर लेने वाली कंपनी ही दुकानों के आवंटन का तरीका और दरें निर्धारित करेगी।
तीन कंपनियों का ज्वॉइंट वेंचर संभालेगा संचालन
स्थानीय कंपनी बीएल एग्रो के साथ बंगलूरू की वैग्माइन इंटरप्राइजेज और छत्तीसगढ़ के बिलासपुर की सिटी माल-36 ने ज्वाॅइंट वेंचर बनाकर अर्बन हाट का संचालन संभालने की तैयारी की है। इसी वेंचर को टेंडर मिला है। वैग्माइन इंटरप्राइजेज के पास हैदराबाद के पंजागुटा में एलएंडटी मॉल समेत 15 स्थानों पर मॉल के संचालन का अनुभव है। सिटी मॉल के पास माल चलाने का अनुभव है। बीएल एग्रो स्थानीय कंपनी है।
व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स नहीं हुआ आबाद
तांगा स्टैंड की जगह पर रेलवे स्टेशन के करीब 4.3 करोड़ रुपये की लागत से बना तीन मंजिला व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स दो साल भी संचालन की राहत देख रहा है। इसके लिए टेंडर निकाले गए, पर किसी फर्म ने उत्साह नहीं दिखाया। यहां पार्किंग का बेहतर इंतजाम नहीं है। अब शर्तों में बदलाव कर इसके संचालन की तैयारी है। मंगलवार को मौजूदा स्थिति देखी गई तो वहां निजी वाहनों की अवैध पार्किंग मिली। सब्जी विक्रेताओं की खाली क्रेट भी रखी हुई थीं।
जीआईसी ऑडिटोरियम के लिए फिर बन रही आरएफपी
जीआईसी परिसर स्थित शानदार ऑडिटोरियम के संचालन के लिए टेंडर तो कई बार निकले, पर ऐसी कोई फर्म नहीं मिली जिसे संचालन सौंपा जा सके। इसमें अभी बिजली कनेक्शन नहीं है। स्मार्ट सिटी खुद इसे संचालित करता है। अगर किसी को आयोजन करना है तो किराये का साथ जनरेटर का भारी-भरकम खर्च वहन करना पड़ता है। अब एक बार फिर संचालन के लिए रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) का प्रारूप तैयार किया जा रहा है।
ई-कियोस्क पर ताला देखकर लौट जाते हैं जरूरतमंद
तीन साल पहले श्यामगंज में बनाया गया ई-कियोस्क का भी संचालन नहीं हो सका। मंगलवार को वहां ताला बंद मिला। आसपास के विद्यार्थी जो यहां आकर प्रतियोगी परीक्षाओं के फार्म ऑनलाइन भरना चाहते थे, वे ताला देखकर निराश लौट रहे थे। उनका कहना था कि इस कियोस्क का युवाओं को कोई लाभ नहीं मिल रहा।
नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि जीआईसी ऑडिटोरियम और तांगा स्टैंड पर बने व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स के संचालन के लिए आरएफपी का प्रारूप तय किया जा रहा है। जल्द ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कर इनका संचालन कराया जाएगा।