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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   October arrived, the sun's heat has not fewer

अक्तूबर आ गया, सूरज की तपिश कम न हुई

Tue, 04 Oct 2016 12:59 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली Updated Tue, 04 Oct 2016 12:59 AM IST
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स्कूलाें में शीतकालीन समय अक्तूबर से माना जाता है और समय परिवर्तित कर देते हैं। लेकिन इसे ग्लोबल वार्मिंग का असर कहें या पर्यावरण के प्रति खिलवाड़, कि अब सूरज भी अक्तूबर को शीतकालीन समय की शुरूआत नहीं मान रहा। तभी तो दिन की तपन मार्च- अप्रैल की याद दिला रही है। पिछले सालों में रात का न्यूनतम तापमान जरूर गिरा और हल्की ठंड का एहसास हुआ। लेकिन इस बार तो यह भी नीचे गिरने का नाम नहीं ले रहा। यह 27 डिग्री सेल्सियस है जो पिछले सालों में 15 से 16 डिग्री सेल्सियस पर था। सुबह 9 बजे से ही तेज धूप सता रही है। दिन में बाहर निकलना मुश्किल है। पसीने से लोग तरबतर हो रहे हैं। अधिकतम तापमान 35.6 डिग्री सेल्सियस है जो कि सामान्य से तीन डिग्री अधिक है। न्यूनतम तापमान 27.4 डिग्री है जो कि सामान्य से 4 डिग्री अधिक है। अमूमन ऐसा तापमान मार्च के महीने में दर्ज किया जाता है। न्यूनतम तापमान अप्रैल और मई में 27 डिग्री सेल्सियस पर रहता है, लेकिन इस बार यह अक्तूबर में है। वर्ष 2015 में न्यूनतम तापमान 3 अक्तूबर को 22 डिग्री सेल्सियस पर था। जबकि 10 तारीख तक यह 16 डिग्री पर पहुंच गया था। 
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प्राथमिक स्कूलों में शिक्षक व बच्चे परेशान 
बेसिक विभाग के प्राथमिक विद्यालयों में सोमवार से कक्षा का समय सुबह 9 से तीन बजे का हो गया है। अधिकतम स्कूलाें में पंखा नहीं है, ऐसे में बच्चों का गर्मी में बैठना मुश्किल हो रहा है। शिक्षकों ने कुछ दिनाें तक समय 8 से 1 बजे तक रखने की मांग की है। 
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ऐसा मौसम की वायरल तोड़ देगा शरीर 
इस मौसम का वायरल खतरनाक है। बुखार आने से पहले सर्दी और जुकाम के अलावा शरीर में दर्द और अकड़न बनी हुई है। हाथ पैरों में दर्द भी है। मच्छर और कीट पतंगे भी इस मौसम में अधिक आ रहे हैं। इनसे बचने की जरूरत है। फिजीशियन डॉ. अजय मोहन अग्रवाल ने बताया कि ठंडे पानी, कूलर, एसी, मच्छर से बचें। बासी खाना न खाएं। बुखार आए तो खाना न छोड़ें, पानी खूब पिएं। दो दिन बाद जांच करा लें। आराम करें।  
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बारिश की संभावना नहीं, इसलिए सुखा लें फसल
पंतनगर स्थित कृषि विश्वविद्यालय के डॉ. एचएस कुशवाहा के मुताबिक इस सप्ताह हल्के बादल छाये रहने के बावजूद बारिश की कोई संभावना नहीं है। कम अवधि की समय से रोपी गई धान में 90 फीसदी बालियां पक चुकी हों उन्हें काटकर 2 से 3 दिनों तक खेत में ही सूखने दें। इसी बीच दस अश्व शक्ति वाले मोटर या डीजल इंजन से चालित थ्रैसर की ग्रीसिंग आदि करा कर कलपुर्जों की मरम्मत करा लें। खेत में कम नमी की दशा में हल्की सिंचाई करें, जिससे दानों के आकार में वृद्धि हो सके। धान की इस अवस्था की फसल में किसी प्रकार के कीट या बीमारी के लगने की कोई संभावना नहीं है। तोरिया की बुवाई हेतु इस सप्ताह अनुकूल तापमान रहेगा।

अक्तूबर में रात के तापमान का रिकार्ड 
वर्ष        तापमान 
2010    17.0
2011    16.1
2012    14.5
2013    18.1
2014    17.4
2015    15.9
2016    27.4
(नोट- यह आंकड़े अक्तूबर में एक से दस तारीख के बीच के हैं। अधिकतम तापमान इस दौरान 32 से 34 डिग्री के बीच रहा। स्त्रोत- आईएमडी)
मानसून 10 अक्तूबर को पश्चिमी उत्तर प्रदेश से विदा होगा। अभी एक सप्ताह तक न तो बारिश की उम्मीद है और न ही तपिश से राहत की। न्यूनतम तापमान घट सकता है, लेकिन अधिकतम ऐसे ही रहेगा।
डॉ. जेपी गुप्ता, निदेशक, मौसम विज्ञान कें द्र, लखनऊ 
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