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होम व कार लोन की तीन महीने किस्तें न देने पर भी खाता नहीं होगा एनपीए

Fri, 27 Mar 2020 11:40 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 27 Mar 2020 11:40 PM IST
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NPA will not be an account even if you do not give three months installments of home and car loan
प्रतीकात्मक फोटो - फोटो : प्रतीकात्मक फोटो

एसबीआई, पीएनबी सहित अन्य बैंकों के करीब 3.50 लाख ग्राहकों को फायदा
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कारोबारियों को लिमिट से 10 फीसदी ज्यादा कैश निकालने की छूट

बरेली। लॉकडाउन के दौरान मंदी को देखते हुए बैंकों ने ग्राहकों को बड़ी राहत दी है। तीन महीने तक लोन की किस्तें न जमा कर पाने के बावजूद खाता एनपीए न होने और व्यापारियों के लिए कैश लिमिट में बढ़ोत्तरी सहित कई फैसले से आम जनता के साथ कारोबारियों की भी मुश्किलें कुछ कम हुई हैं। इसके अलावा ब्याज दर की कटौती से ग्राहकों को कई करोड़ का लाभ पहुंचाने की कोशिश की गई है।
रिजर्व बैँक आफ इंडिया यानी आरबीआई ने लॉकडाउन के दौरान आर्थिक मंदी को देखते हुए ग्राहकों को कई तरह से राहत देने की कोशिश की है। होम और कार लोन लेने वालों के तीन मासिक किस्तें न जमा करने पर उनके खाते एनपीए हो जाते थे। जबकि आरबीआई के गाइड लाइंस के बाद ऐसी स्थिति में खातों के एनपीए होने की बाध्यता को खत्म कर दिया गया है। बैंक अधिकारियों ने कहना है कि इस फैसले के बाद एसबीआई, पीनएबी सहित कई बैंकों के करीब साढ़े तीन लाख कस्मटर को लॉकडाउन के दौरान बड़ी राहत मिली है। चूंकि बैंकों ने ब्याज दर में भी कटौती कर दी है। ऐसे में ईएमआई की धनराशि भी कम हो गई है। इसके अलावा करीब पांच लाख क्रेडिट कार्ड होल्डर को भी यह फायदा पहुंचाया गया है कि उनसे तीन माह तक ब्याज की वसूली नहीं होगी। आरबीआई ने कारोबारियों को यह मदद पहुंचाई कि लॉकडाउन के दौरान वे अपनी कैश लिमिट से 10 फीसदी अतिरक्त धनराशि निकला सकते हैं। बैंक अधिकारियों का कहना है कि ऐसी स्थिति में किसी कारोबारी को कर्मचारियों को वेतन, पीएफ या भत्ता देने में कोई दिक्कत न आए, इसके लिए यह फैसला लिया गया है। इससे यहां सैकड़ों व्यापारियों ने चैन की सांस ली है।
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बैंकों में पांच फीसदी भी नहीं जमा हो रहा कैश, बैंकों को भी मिली छूट

लॉकडाउन के बाद से सभी दुकानें और कारोबार बंद हैं। इससे बेंकों में आमदिनों के मुकाबले इन दिनों पांच फीसदी भी धनराशि जमा नहीं हो पा रही है। बैँक अधिकारियों का कहना है कि आरबीआई ने बैंकों के लिए न्यूनतम पूंजी रखने की सीमा में कुछ कटौती कर दी है। इससे बैंकों को अपने जमा धनराशि से ज्यादा खर्च करने की छूट मिल गई है।
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2000 के नहीं आ रहे नोट, एटीएम में 500 रुपये की फीडिंग

बैंकों में वैसे भी दो हजार के नोट कम ही जमा हो रहे थे। इन दिनों यह नोट लगभग आने ही बंद हो गए हैं। इसके बैंक अधिकारियों ने स्टाफ को एटीएम में केवल पांच या उससे छोटे नोटों की आपूर्ति करने के निर्देश दिए हैं।

लॉकडाउन को लेकर होम और कार लोने लेने वालों को बड़ी राहत दी गई है। हालांकि इसका समायोजन बाद में होगा। मंदी के देेखते हुए आरबीआई के फैसले से लाखों ग्राहकों को सुकून देने वाला है। -पीके जैन, मंडल प्रमुख, पीएनबी


आरबीआई की लाइड लाइंस मिलने के बाद सभी बैँकों में उनका अनुपालन कराया जाएगा। आम ग्राहक और कारोबारी दोनों ही इससे लाभान्वित हो रहे हैं। -ओपी बढेरा, लीड बैंक मैनेजर
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