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अब संदिग्ध कोरोना संक्रमितों की मौत भी पोर्टल पर होगी अपडेट

Thu, 17 Jun 2021 12:01 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 17 Jun 2021 12:01 AM IST
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Now the death of suspected corona infected will also be updated on the portal
कोरोना जांच। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सीवियर एचआरसीटी समेत इलाज करने वाले डॉक्टर की देनी होगी सत्यापित रिपोर्ट
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निजी अस्पतालों से स्वास्थ्य विभाग ने मांगा ब्योरा, प्रिजर्मिटव लिस्ट में दर्ज होगी मौत

बरेली। कोरोना की आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट निगेटिव लेकिन एचआरसीटी सीवियर रही है, तो भी ऐसे मृत व्यक्ति का ब्योरा यूपी कोविड पोर्टल पर अपडेट होगा। हालांकि यह मौतें कंफर्मेटिव के बजाय प्रिजर्मिटव लिस्ट में दर्ज की जाएंगी। इस संबंध में शासन से निर्देश मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन ने कवायद शुरू कर दी है।
कोविड संक्रमण की दूसरी लहर में हजारों लोग संक्रमित हुए और सैकड़ों की मौत हुई। जिला सर्विलांस अधिकारी एसीएमओ डॉ. रंजन गौतम ने बताया कि कई देशों में वायरस के म्यूटेशन यानी स्वरूप परिवर्तन की वजह से कई लोगों में कोरोना संक्रमण का पता नहीं चला। कई लोग ऐसे भी थे, जिनकी आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट निगेटिव थी, लेकिन उनके फेफड़ों पर वायरस का असर था। फेफड़ों के खराब होने से उनकी मौत हुई। विशेषज्ञों की ओर से वायरस की इस नई स्ट्रेन को लेकर मौत की वजह बताए जाने के बाद अब शासन ने जिन मरीजों की एचआरसीटी सीवियर होने से मौत हुई है, उनकी रिपोर्ट भी पोर्टल पर प्रिजर्मिटव लिस्ट में दर्ज करने को कहा है। शासन ने ऐसे मृतकों को संदिग्ध संक्रमित माना है।
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निजी अस्पतालों, क्लीनिकों से मांगी जानकारी

डॉ. गौतम के मुताबिक एचआरसीटी सीवियर कैटगरी के जिन मरीजों का इलाज निजी अस्पतालों में हुआ, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका, उनकी डिटेल मांगी गई है। वहीं, अगर किसी के परिजन की रिपोर्ट सीवियर मिली है और मौत घर पर हुई है तो वह सीधे स्वास्थ्य विभाग को सूचना दे सकते हैं। उन्हें मरीज की एचआरसीटी रिपोर्ट, संबंधित चिकित्सक, जिसके परामर्श पर दवा का सेवन किया, उससे कोरोना संदिग्ध की मौत की सत्यापित प्रति लानी अनिवार्य है। इसे प्रशासन की संस्तुति पर ही पोर्टल पर अपडेट करने के निर्देश मिले हैं।
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16 से 25 स्कोर यानी सीवियर एचआरसीटी

माइक्रोबॉयोलॉजिस्ट डॉ. राहुल गोयल का कहना है कि एचआरसीटी के आधार पर संक्रमण की पुष्टि नहीं हो सकती। जब तक आरटीपीसीआर पॉजिटिव न मिले। फिर भी सीटी वैल्यू सीवियर है तो किसी वायरस के हमले की आशंका रहती है। कोरोना महामारी में सीवियर रिपोर्ट मिलने पर शासनादेश के तहत कोरोना के कंफर्मेटिव मरीजों की तरह ही सीटी सीवियर का इलाज किया गया। कहा, एचआरसीटी में अधिकतम सीटी वैल्यू 25 होती है। आईसीएमएआर से जारी एडवाइजरी के तहत पांच से नौ माइल्ड, 10 से 15 मॉडरेट और 16 से 25 सीवियर माना जाता है।

आशंका: पुराने वेरिएंट को ट्रेस कर रही थी किट

डॉ. गोयल का कहना है कि इस बार वायरस की नई स्ट्रेन हावी हुई थी। हो सकता है कि कुछ लोग नए वेरिएंट के वायरस से ग्रसित हुए हों, इसकी पुष्टि किट के जरिए नहीं हो सकी। आशंका है कि किट वायरस के पुराने वेरिएंट के आधार पर बनी हो जो सिर्फ पहली लहर में हावी रहे वायरस की तमाम स्ट्रेन को ही पकड़ने में सक्षम रही हो। हालांकि, अभी इस पर तमाम शोध चल रहे हैं, बगैर पुष्टि के कुछ भी साफतौर पर नहीं कहा जा सकता है। जिन लोगों की एचआरसीटी सीवियर मिली उन्हें संदिग्ध संक्रमित मानकर आइसोलेशन को कहा गया।
फोटो: केस-1
सीबीगंज विधूलिया के रहने वाले 72 वर्षीय शमीम की मौत करीब डेढ़ माह पहले हुई थी। गुलमोहर पार्क स्थित एक निजी क्लीनिक में उनका इलाज चल रहा था। बेटे राजू शमीम ने बताया पिता की आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट निगेटिव थी, लेकिन एचआरसीटी की वैल्यू 17 थी। संदिग्ध संक्रमित मानकर डॉक्टर उनका इलाज कर रहे थे।
केस-2
आजादनगर के रहने वाले 69 वर्षीय अचल कुमार में कोरोना के लक्षण थे। करीब माह भर पहले उनकी मौत हो गई। बेटे नीरज कुमार ने बताया कि पिता का इलाज पीलीभीत बाईपास स्थित एक अस्पताल में चल रहा था। एचआरसीटी की वैल्यू 17 थी। लिहाजा, संदिग्ध संक्रमित बताकर दोबारा आरटीपीसीआर जांच कराई फिर भी रिपोर्ट निगेटिव आई थी।

शासनादेश के तहत जिनकी एचआरसीटी सीवियर थी और उनकी मौत हुई, उन सभी को प्रिजमर्टिव लिस्ट में दर्ज किया जाएगा। इसके लिए सभी निजी अस्पतालों, क्लीनिकों, अल्ट्रासाउंड सेंटर आदि से जानकारी मांगी गई है। आदेश का कड़ाई से अनुपालन कराया जाएगा। - डॉ. रंजन गौतम, एसीएमओ, जिला सर्विलांस अधिकारी

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