अब उद्योग विभाग की जमीन पर माफिया की नजर
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डेयरी खोलकर कब्जे की तैयारी, प्रशासन ने ढहाया अतिक्रमण
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करोड़ों की भूमि पर भैंसें बांधी और खड़ी कर दीं खराब गाड़ियां
बरेली। सत्ता की हनक और सिस्टम से जुगाड़ कर माफिया सरकारी जमीनों पर कब्जे और अतिक्रमण कर रहे हैं। शहर में सौ से ज्यादा प्रमुख स्थानों पर अवैध धंधा खुलेआम हो रहा है। विकास भवन के पीछे उद्योग विभाग की कीमती जमीन पर डेयरी शुरू कर दी गई और अस्थायी निर्माण भी कर लिया। सिस्टम और लोगों पर दबदबा बनाने के लिए कार पर ‘विश्व हिंदू महासंघ’ लिखवाकर उसे व अन्य खराब वाहन वहां खड़े कर दिए। काफी जद्दोजहद के बाद शनिवार देर शाम अस्थायी कब्जा धराशायी किया गया।
कुछ समय पहले विकास भवन-राधेश्याम कॉलोनी मार्ग पर कुछ लोगों ने करोड़ों रुपये की जमीन पर सबसे पहले पानी निकासी का नाला पाट दिया। इसके बाद उन्होंने भैंसें बांधकर डेयरी शुरू कर दी। उद्योग विभाग कार्यालय के विरोध को नजरअंदाज कर डेयरी के आगे सड़क किनारे एक बड़ी कार पर जिलाध्यक्ष- विश्व हिंदू महासंघ लिखकर खड़ी कर दी। वाहन चोरी न हो या हटाए न जा सकें, इसके लिए अगला पहिया पंक्चर कर दिया। साथ ही चार-पांच कारों और खड़ी कर दीं। क्योंकि खराब गाड़ियां हटाना मुश्किल होता है। कारों के पास ही बांस-बल्ली से निर्माण कर बैठने के लिए बड़ा स्थान बना लिया। कई बार विभागीय स्टाफ ने विरोध किया लेकिन अतिक्रमण नहीं हटाया गया। प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए नगर निगम स्टाफ से अस्थायी कब्जे तहत नहस करा दिए। अतिक्रमण करने वालों को चेतावनी दी कि दो दिन में सरकारी जमीन से मलबा हटा लें।
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शाम को ढहाया गया कब्जा
करोड़ों रुपये की सरकारी जमीन से कब्जे हटाने के लिए जिला प्रशासन ने शनिवार दोपहर का समय निश्चित किया। इसके तहत नगर निगम से जेसीबी आदि और उद्योग विभाग का स्टाफ लगाया गया। शनिवार शाम एसीएम प्रथम रोहित यादव पुलिस फोर्स लेकर पहुंचे। इससे पहले ही कार्रवाई की भनक लगने पर डेयरी की भैंसे वहां से हटा दी गईं। बाकी बचे कब्जे वहां मौजूद लोगों से हटाने को कहा तो कब्जेदारों ने इसे अनसुना कर दिया। वहां मौजूद एक व्यक्ति ने वीडियो बनाना शुरू कर दिया। एसीएम ने हड़काया तब पता वह कब्जा करने वालों में से एक है। इसके बाद एसीएम और पुलिस अफसरों ने जेसीबी मशीन से कब्जा ढहाने के निर्देश दिए, इससे स्थायी कब्जे धराशायी हो गए। इस मौके पर उद्योग विभाग से अधिकारी मौजूद रहे।
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सपा सरकार से शुरू हुआ था कब्जों का सिलसिला
विभागीय मिलीभगत से काफी समय पहले जिला उद्योग परिसर के पूर्वी छोर पर (पुराना आरटीओ कार्यालय) आधा दर्जन दुकानें बना ली गईं। पिछले दिनों कब्जेदारों ने दुकानों के ऊपर भी निर्माण करा दिया। तत्कालीन एसडीएम ईशान प्रताप सिंह ने अवैध निर्माण तोड़ने के लिए तैयारी की थी कि उनका तबादला हो गया। यह मामला अभी लंबित है। इससे पहले सपा सरकार में सैकड़ों मीटर कीमती जमीन पर कब्जा और निर्माण हुआ। विभागीय प्रधान लिपिक ने अपनी ओर से कब्जेदारों को लिखकर दे दिया था कि अमुक जमीन विभाग की नहीं है। इसलिए करोड़ोें की जमीन विभाग के हाथ से निकल गई। विभाग ने दोषी लिपिक पर कोई कार्रवाई तक करना उचित नहीं समझा। विभागीय मिलीभगत से सैकड़ों मीटर जमीन पर लोग कब्जा कर पक्का मकान और दुकानें आदि बनवा चुके हैं। लेकिन इस बार कब्जे करने वालों ने नई तरकीब निकाली। सरकारी जमीन पर कब्जा डेयरी शुरू कर और विश्व हिंदू महासंघ की आढ़ में किया जाने लगा। इसकी शिकायत आशा अग्रवाल नाम से शासन तक हुई तब कहीं प्रशासन जागा। जबकि संयुक्त आयुक्त (उद्योग) ने भी अतिक्रमण हटाने को पत्र लिखे।
बजट न मिलने से नहीं बनी सुरक्षा दीवार
उद्योग विभाग की जमीनों पर हो रहे कब्जे रोकने के लिए लगातार शासन से बजट मांगा जा रहा है। विकास भवन के पीछे सड़क किनारे अर्बन हाट, विभागीय आवास आदि हैं। सड़क किनारे दीवार पूरी तरह गायब हो गई है। माफिया इस कमजोरी का ही फायदा उठा रहे हैं। विभाग से बजट मिलने के बाद दीवार बन सकती है।
हमने सुरक्षा दीवार बनाने के लिए शासन से बजट मांगा है। धनराशि मिलते ही दीवार बनवाई जाएगी। उद्योग विभाग की ओर से पक्के अतिक्रमणों को हटाने के लिए लगातार प्रयास हो रहे हैं। मामले कोर्ट में लंबित होने से समस्या है। शनिवार शाम अस्थायी कब्जे प्रशासन और नगर निगम ने हटा दिए हैं। - आरआर गोयल, संयुक्त आयुक्त (उद्योग)
उद्योग विभाग की करोड़ों रुपये कीमत की जमीन पर डेयरी खोल ली गई थी। सड़क किनारे कब्जा करने के लिए खराब वाहन खड़े कर दिए। लोगों ने डेयरी तो बंद कर दी, लेकिन अस्थायी कब्जे और निर्माण नहीं हटाए तो उन्हें ढहा दिया गया। मलबा हटाने के लिए दो दिन का मौका दिया है अन्यथा प्रशासन हटवा कर कार्रवाई करेगा। - रोहित यादव, एसीएम प्रथम
करोड़ों की भूमि पर भैंसें बांधी और खड़ी कर दीं खराब गाड़ियां बरेली। सत्ता की हनक और सिस्टम से जुगाड़ कर माफिया सरकारी जमीनों पर कब्जे और अतिक्रमण कर रहे हैं। शहर में सौ से ज्यादा प्रमुख स्थानों पर अवैध धंधा खुलेआम हो रहा है। विकास भवन के पीछे उद्योग विभाग की कीमती जमीन पर डेयरी शुरू कर दी गई और अस्थायी निर्माण भी कर लिया। सिस्टम और लोगों पर दबदबा बनाने के लिए कार पर ‘विश्व हिंदू महासंघ’ लिखवाकर उसे व अन्य खराब वाहन वहां खड़े कर दिए। काफी जद्दोजहद के बाद शनिवार देर शाम अस्थायी कब्जा धराशायी किया गया।
कुछ समय पहले विकास भवन-राधेश्याम कॉलोनी मार्ग पर कुछ लोगों ने करोड़ों रुपये की जमीन पर सबसे पहले पानी निकासी का नाला पाट दिया। इसके बाद उन्होंने भैंसें बांधकर डेयरी शुरू कर दी। उद्योग विभाग कार्यालय के विरोध को नजरअंदाज कर डेयरी के आगे सड़क किनारे एक बड़ी कार पर जिलाध्यक्ष- विश्व हिंदू महासंघ लिखकर खड़ी कर दी। वाहन चोरी न हो या हटाए न जा सकें, इसके लिए अगला पहिया पंक्चर कर दिया। साथ ही चार-पांच कारों और खड़ी कर दीं। क्योंकि खराब गाड़ियां हटाना मुश्किल होता है। कारों के पास ही बांस-बल्ली से निर्माण कर बैठने के लिए बड़ा स्थान बना लिया। कई बार विभागीय स्टाफ ने विरोध किया लेकिन अतिक्रमण नहीं हटाया गया। प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए नगर निगम स्टाफ से अस्थायी कब्जे तहत नहस करा दिए। अतिक्रमण करने वालों को चेतावनी दी कि दो दिन में सरकारी जमीन से मलबा हटा लें।
शाम को ढहाया गया कब्जा
करोड़ों रुपये की सरकारी जमीन से कब्जे हटाने के लिए जिला प्रशासन ने शनिवार दोपहर का समय निश्चित किया। इसके तहत नगर निगम से जेसीबी आदि और उद्योग विभाग का स्टाफ लगाया गया। शनिवार शाम एसीएम प्रथम रोहित यादव पुलिस फोर्स लेकर पहुंचे। इससे पहले ही कार्रवाई की भनक लगने पर डेयरी की भैंसे वहां से हटा दी गईं। बाकी बचे कब्जे वहां मौजूद लोगों से हटाने को कहा तो कब्जेदारों ने इसे अनसुना कर दिया। वहां मौजूद एक व्यक्ति ने वीडियो बनाना शुरू कर दिया। एसीएम ने हड़काया तब पता वह कब्जा करने वालों में से एक है। इसके बाद एसीएम और पुलिस अफसरों ने जेसीबी मशीन से कब्जा ढहाने के निर्देश दिए, इससे स्थायी कब्जे धराशायी हो गए। इस मौके पर उद्योग विभाग से अधिकारी मौजूद रहे।सपा सरकार से शुरू हुआ था कब्जों का सिलसिला
विभागीय मिलीभगत से काफी समय पहले जिला उद्योग परिसर के पूर्वी छोर पर (पुराना आरटीओ कार्यालय) आधा दर्जन दुकानें बना ली गईं। पिछले दिनों कब्जेदारों ने दुकानों के ऊपर भी निर्माण करा दिया। तत्कालीन एसडीएम ईशान प्रताप सिंह ने अवैध निर्माण तोड़ने के लिए तैयारी की थी कि उनका तबादला हो गया। यह मामला अभी लंबित है। इससे पहले सपा सरकार में सैकड़ों मीटर कीमती जमीन पर कब्जा और निर्माण हुआ। विभागीय प्रधान लिपिक ने अपनी ओर से कब्जेदारों को लिखकर दे दिया था कि अमुक जमीन विभाग की नहीं है। इसलिए करोड़ोें की जमीन विभाग के हाथ से निकल गई। विभाग ने दोषी लिपिक पर कोई कार्रवाई तक करना उचित नहीं समझा। विभागीय मिलीभगत से सैकड़ों मीटर जमीन पर लोग कब्जा कर पक्का मकान और दुकानें आदि बनवा चुके हैं। लेकिन इस बार कब्जे करने वालों ने नई तरकीब निकाली। सरकारी जमीन पर कब्जा डेयरी शुरू कर और विश्व हिंदू महासंघ की आढ़ में किया जाने लगा। इसकी शिकायत आशा अग्रवाल नाम से शासन तक हुई तब कहीं प्रशासन जागा। जबकि संयुक्त आयुक्त (उद्योग) ने भी अतिक्रमण हटाने को पत्र लिखे।बजट न मिलने से नहीं बनी सुरक्षा दीवार
उद्योग विभाग की जमीनों पर हो रहे कब्जे रोकने के लिए लगातार शासन से बजट मांगा जा रहा है। विकास भवन के पीछे सड़क किनारे अर्बन हाट, विभागीय आवास आदि हैं। सड़क किनारे दीवार पूरी तरह गायब हो गई है। माफिया इस कमजोरी का ही फायदा उठा रहे हैं। विभाग से बजट मिलने के बाद दीवार बन सकती है।हमने सुरक्षा दीवार बनाने के लिए शासन से बजट मांगा है। धनराशि मिलते ही दीवार बनवाई जाएगी। उद्योग विभाग की ओर से पक्के अतिक्रमणों को हटाने के लिए लगातार प्रयास हो रहे हैं। मामले कोर्ट में लंबित होने से समस्या है। शनिवार शाम अस्थायी कब्जे प्रशासन और नगर निगम ने हटा दिए हैं। - आरआर गोयल, संयुक्त आयुक्त (उद्योग)
उद्योग विभाग की करोड़ों रुपये कीमत की जमीन पर डेयरी खोल ली गई थी। सड़क किनारे कब्जा करने के लिए खराब वाहन खड़े कर दिए। लोगों ने डेयरी तो बंद कर दी, लेकिन अस्थायी कब्जे और निर्माण नहीं हटाए तो उन्हें ढहा दिया गया। मलबा हटाने के लिए दो दिन का मौका दिया है अन्यथा प्रशासन हटवा कर कार्रवाई करेगा। - रोहित यादव, एसीएम प्रथम