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अब बस यही दुआ.. कोरोना कहूं तुझे अलविदा
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मस्जिदों के बाहर रही सुनसान, पुलिस फोर्स रही तैनात।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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मायूसी के माहौल में घरों पर हुई जुमा अलविदा की नमाज, लोगों ने की कोरोना के खात्मे की दुआ
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सूनी रहीं मस्जिदें, सिर्फ इमामों और खादिमों में अदा की नमाज
बरेली। रमजान के मुकद्दस महीने ने जुमे पर अलविदा के साथ अपने रुखसत होने का इशारा कर दिया। कोरोना के खौफ के साये में अलविदा की नमाज इस महामारी से निजात की दुआ के साथ घरों पर अदा की गई। शहर भर की मस्जिदें सूनी पड़ी रहीं। वहां इमाम के साथ सिर्फ खादिमों ने नमाज अदा की। पहली बार अलविदा की नमाज पर सन्नाटे में डूबी मस्जिदों को देखकर मुसलमानों के चेहरों पर मायूसी और बेचैनी भी झलकती रही।
कोरोना संक्रमण के बीच अलविदा पर भी लॉकडाउन की पाबंदियों पर लोगों ने पूरी तरह अमल किया। दरगाह आला हजरत और कई मरकजों की अपील के साथ शासन की गाइड लाइन के मुताबिक लोगों ने सामूहिक नमाज के लिए मस्जिदों में जाने के बजाय घरों पर ही जोहर की नमाज अदा की। दूसरी तरफ मस्जिदों में इमामों ने ही चंद लोगों के साथ रस्मी तौर पर अलविदा की नमाज पढ़ी। नमाज के मस्जिदों के साथ घर-घर में लोगों ने नम आंखों से कोरोना से निजात की दुआ मांगी। यह दुआ भी की गई कि अल्लाह देश की आवाम को अपनी पनाह में रखते हुए बीमारों को शफा और सेहत अता करे। कोरोना की वजह से दुनिया से रुखसत होने वालों के लिए मगफिरत अता करने की दुआ की गई। अलविदा की नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को फोन पर अलविदा की मुबारकबाद दी। मस्जिदों में नमाज न पढ़ पाने के लिए गम का इजहार भी किया।
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मस्जिदों के बाहर फोर्स.. शहर के दौरे पर अफसर
बरेली। अलविदा पर कोरोना से जूझ रहे शहर के माहौल में कोई खलल न पड़े, इसके लिए पूरे जिले भर में मस्जिदों के बाहर सुबह ही फोर्स तैनात कर दिया गया। एडीजी, कमिश्नर, डीआईजी, डीएम और एसएसपी समेत तमाम अफसर शहर से देहात तक दौरे पर रहे। हालांकि पूरे जिले में इस दौरान हालात सामान्य रहे।
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अंगूरी मस्जिद में ताला.. बाहर लोग
किला क्षेत्र में रेलवे लाइन किनारे बनी अंगूरी मस्जिद में दोपहर के वक्त ताला पड़ा हुआ था। कुछ देर बाद वहां लोग ताला खोलकर अंदर जाते नजर आए। पता लगा कि मस्जिद के खादिम हैं जो अंदर जाकर नमाज पढ़ेंगे। मस्जिद के पास एक दुकान पर करीब 10-15 लोग खड़े थे।
जामा मस्जिद पर पांच लोगों ने पढ़ी नमाज
जामा मस्जिद के बाहर किला पुलिस तैनात रही। कुछ लोग अजान के वक्त बाहर बैठकर नमाज अदा करते नजर आए। मस्जिद के अंदर आईएमसी के डॉ. नफीस समेत पांच लोगों ने आपस में दूरी बनाकर नमाज अदा की। मस्जिद के आसपास कोई भीड़भाड़ भी नहीं दिखी। कोतवाली क्षेत्र की उमर मस्जिद के बाहर भी मठ चौकी पुलिस का पहरा रहा।
मस्जिदों पर चस्पा हिदायत घर में पढ़ें नमाजे अलविदा
सैलानी में रजा चौक पर एक मस्जिद में ताला पड़ा था। लोगों ने बताया कि डेढ़ बजे नमाज होगी। कमेटी के लोग समय पर नमाज पढ़ने के बाद वापस लौट गए। बाकी लोग आए थे लेकिन उन्हें लौटा दिया गया। इन दोनों ही मस्जिदों के बाहर कोरोना से बचने को घर पर नमाज पढ़ने को लेकर एक अपील लिखी तख्ती भी टंगी थी। नौमहला मस्जिद के बाहर भी कोरोना से बचाव को सचेत किया गया था।
नौमहला मस्जिद पर नमाज के बाद लौटे अफसर
जुमा अलविदा पर पुलिस प्रशासन के अफसरों ने शहर की निगरानी की। एडीजी ने मस्जिदों के साथ कंटेनमेंट जोन बानखाना ब्रह्मपुरा का जायजा लिया और वहां ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों से भी बात की। कमिश्नर और डीआईजी ने एक साथ घूमकर शहर में कई स्थानों का जायजा लिया तो डीएम व एसएसपी साथ में ईदगाह से लेकर मस्जिदों तक के चक्कर लगाते रहे और आखिर में नौमहला मस्जिद में पहुंचे, यहां ढाई बजे करीब नमाज हुई।
पुराना शहर में शाम को चला इफ्तार पार्टी का दौर
बरेली। सूने और बेरौनक माहौल में गुजरे अलविदा में लोगों ने खुशी भी तलाशने की कोशिश की। रुखसत होते रमजान के इन आखिरी लम्हों में कई लोगों ने घरों पर इफ्तार पार्टी आयोजित कर माहौल बदलने की कोशिश की।
पुराना शहर के तमाम इलाकों में इफ्तार पार्टी की गई। खासतौर से सैलानी, सूफी टोला ,कांकर टोला में लोगों ने अपने रिश्तेदारों और पड़ोसियों को बुलाकर इफ्तार की दावत दी। जखीरा, जसौली, इंग्लिशगंज, आजमनगर और शाहाबाद इलाकों में भी शाम के वक्त ऐसा ही माहौल दिखा। लोगों ने घरों के दायरों में ही अलविदा के त्योहार में रंग भरने की कोशिश की।
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सूनी रहीं मस्जिदें, सिर्फ इमामों और खादिमों में अदा की नमाज बरेली। रमजान के मुकद्दस महीने ने जुमे पर अलविदा के साथ अपने रुखसत होने का इशारा कर दिया। कोरोना के खौफ के साये में अलविदा की नमाज इस महामारी से निजात की दुआ के साथ घरों पर अदा की गई। शहर भर की मस्जिदें सूनी पड़ी रहीं। वहां इमाम के साथ सिर्फ खादिमों ने नमाज अदा की। पहली बार अलविदा की नमाज पर सन्नाटे में डूबी मस्जिदों को देखकर मुसलमानों के चेहरों पर मायूसी और बेचैनी भी झलकती रही।
कोरोना संक्रमण के बीच अलविदा पर भी लॉकडाउन की पाबंदियों पर लोगों ने पूरी तरह अमल किया। दरगाह आला हजरत और कई मरकजों की अपील के साथ शासन की गाइड लाइन के मुताबिक लोगों ने सामूहिक नमाज के लिए मस्जिदों में जाने के बजाय घरों पर ही जोहर की नमाज अदा की। दूसरी तरफ मस्जिदों में इमामों ने ही चंद लोगों के साथ रस्मी तौर पर अलविदा की नमाज पढ़ी। नमाज के मस्जिदों के साथ घर-घर में लोगों ने नम आंखों से कोरोना से निजात की दुआ मांगी। यह दुआ भी की गई कि अल्लाह देश की आवाम को अपनी पनाह में रखते हुए बीमारों को शफा और सेहत अता करे। कोरोना की वजह से दुनिया से रुखसत होने वालों के लिए मगफिरत अता करने की दुआ की गई। अलविदा की नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को फोन पर अलविदा की मुबारकबाद दी। मस्जिदों में नमाज न पढ़ पाने के लिए गम का इजहार भी किया।
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मस्जिदों के बाहर फोर्स.. शहर के दौरे पर अफसर
बरेली। अलविदा पर कोरोना से जूझ रहे शहर के माहौल में कोई खलल न पड़े, इसके लिए पूरे जिले भर में मस्जिदों के बाहर सुबह ही फोर्स तैनात कर दिया गया। एडीजी, कमिश्नर, डीआईजी, डीएम और एसएसपी समेत तमाम अफसर शहर से देहात तक दौरे पर रहे। हालांकि पूरे जिले में इस दौरान हालात सामान्य रहे।
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अंगूरी मस्जिद में ताला.. बाहर लोग
किला क्षेत्र में रेलवे लाइन किनारे बनी अंगूरी मस्जिद में दोपहर के वक्त ताला पड़ा हुआ था। कुछ देर बाद वहां लोग ताला खोलकर अंदर जाते नजर आए। पता लगा कि मस्जिद के खादिम हैं जो अंदर जाकर नमाज पढ़ेंगे। मस्जिद के पास एक दुकान पर करीब 10-15 लोग खड़े थे।जामा मस्जिद पर पांच लोगों ने पढ़ी नमाज
जामा मस्जिद के बाहर किला पुलिस तैनात रही। कुछ लोग अजान के वक्त बाहर बैठकर नमाज अदा करते नजर आए। मस्जिद के अंदर आईएमसी के डॉ. नफीस समेत पांच लोगों ने आपस में दूरी बनाकर नमाज अदा की। मस्जिद के आसपास कोई भीड़भाड़ भी नहीं दिखी। कोतवाली क्षेत्र की उमर मस्जिद के बाहर भी मठ चौकी पुलिस का पहरा रहा।मस्जिदों पर चस्पा हिदायत घर में पढ़ें नमाजे अलविदा
सैलानी में रजा चौक पर एक मस्जिद में ताला पड़ा था। लोगों ने बताया कि डेढ़ बजे नमाज होगी। कमेटी के लोग समय पर नमाज पढ़ने के बाद वापस लौट गए। बाकी लोग आए थे लेकिन उन्हें लौटा दिया गया। इन दोनों ही मस्जिदों के बाहर कोरोना से बचने को घर पर नमाज पढ़ने को लेकर एक अपील लिखी तख्ती भी टंगी थी। नौमहला मस्जिद के बाहर भी कोरोना से बचाव को सचेत किया गया था।नौमहला मस्जिद पर नमाज के बाद लौटे अफसर
जुमा अलविदा पर पुलिस प्रशासन के अफसरों ने शहर की निगरानी की। एडीजी ने मस्जिदों के साथ कंटेनमेंट जोन बानखाना ब्रह्मपुरा का जायजा लिया और वहां ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों से भी बात की। कमिश्नर और डीआईजी ने एक साथ घूमकर शहर में कई स्थानों का जायजा लिया तो डीएम व एसएसपी साथ में ईदगाह से लेकर मस्जिदों तक के चक्कर लगाते रहे और आखिर में नौमहला मस्जिद में पहुंचे, यहां ढाई बजे करीब नमाज हुई।पुराना शहर में शाम को चला इफ्तार पार्टी का दौर
बरेली। सूने और बेरौनक माहौल में गुजरे अलविदा में लोगों ने खुशी भी तलाशने की कोशिश की। रुखसत होते रमजान के इन आखिरी लम्हों में कई लोगों ने घरों पर इफ्तार पार्टी आयोजित कर माहौल बदलने की कोशिश की।पुराना शहर के तमाम इलाकों में इफ्तार पार्टी की गई। खासतौर से सैलानी, सूफी टोला ,कांकर टोला में लोगों ने अपने रिश्तेदारों और पड़ोसियों को बुलाकर इफ्तार की दावत दी। जखीरा, जसौली, इंग्लिशगंज, आजमनगर और शाहाबाद इलाकों में भी शाम के वक्त ऐसा ही माहौल दिखा। लोगों ने घरों के दायरों में ही अलविदा के त्योहार में रंग भरने की कोशिश की।