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फुटबॉल टूर्नामेंट के मेडल तो नोटबंदी में फंस गए
Updated Mon, 12 Dec 2016 01:11 AM IST
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Notbandi medal in the football tournament caught
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
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नोटबंदी का इफेक्ट खेल तक भी पहुंच गया है। फुटबॉल एसोसिएशन की ओर से अंडर 16 टूर्नामेंट हुआ था। प्रतियोगिता खत्म हुए चार दिन हो चुके हैं, लेकिन मेडल आजतक नहीं बंट सके। पता चला कि मुरादाबाद में मेडल ढलने थे, लेकिन कैश न होने से वहां काम बंद है। 27 नवंबर को मेडल ढालने को कहा गया था, लेकिन ढल पाए नौ दिसंबर को। रविवार को किसान एक्सप्रेस से इन्हें भेजा गया, तब जाकर बच्चे सम्मानित हुए।
डोरी लाल अग्रवाल स्पोर्ट्स स्टेडियम में अंडर 16 बालक और बालिका फुटबॉल टूर्नामेंट का फाइनल मैच शुक्रवार को खेला गया। इसी दिन विजेता टीम और उप विजेता टीम को मेडल बंटना था, लेकिन पता चला कि मुरादाबाद से मेडल ही नहीं आए हैं।
फुटबॉल एसोसिएशन के सचिव मून रॉबिंसन ने बताया कि मेडल के लिए मुरादाबाद एसोसिएशन के सचिव नासिर कमाल से कहा था, उन्हाेंने बताया कि मेडल ढालने वाले कारीगर ही नहीं आ रहे हैं, जिसके चलते कारोबारियों ने सप्लाई रोक रखी है। 27 नवंबर को कहा गया था, लेकिन कारोबारियाें को मनाते-मनाते नौ दिसंबर को मेडल ढल सके। इसके लिए अतिरिक्त खर्च भी करना पड़ा।
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मेडल में डिस्ट्रिक्ट फुटबॉल एसोसिएशन अंडर 16 ब्वायज-गर्ल्स फुटबॉल टूर्नामेंट छपना था। व्हाइट धातु से बनने वाले इन मेडल को गोल्ड, सिल्वर और ब्रोंज में रंगा जाता है। शुक्रवार को मेडल बने, रविवार को किसान एक्सप्रेस से इन्हें बरेली भेजा गया। रविवार को शाम 4 बजे सभी 30 बच्चाें को इन्हें पहनाया गया। बेस्ट खिलाड़ी सना कादरी और कुशाग्र सिंह रहे।
मुरादाबाद में मेडल ढलने में काफी दिक्कत हुई। कारीगर नहीं आ रहे थे। चार दिन कार्यक्रम टाला गया। रविवार को ट्रेन से मेडल आए तब जाकर वितरण कार्यक्रम हुआ।
- मून रॉबिंसन, सचिव, फुटबॉल एसोसिएशन
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डोरी लाल अग्रवाल स्पोर्ट्स स्टेडियम में अंडर 16 बालक और बालिका फुटबॉल टूर्नामेंट का फाइनल मैच शुक्रवार को खेला गया। इसी दिन विजेता टीम और उप विजेता टीम को मेडल बंटना था, लेकिन पता चला कि मुरादाबाद से मेडल ही नहीं आए हैं।
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फुटबॉल एसोसिएशन के सचिव मून रॉबिंसन ने बताया कि मेडल के लिए मुरादाबाद एसोसिएशन के सचिव नासिर कमाल से कहा था, उन्हाेंने बताया कि मेडल ढालने वाले कारीगर ही नहीं आ रहे हैं, जिसके चलते कारोबारियों ने सप्लाई रोक रखी है। 27 नवंबर को कहा गया था, लेकिन कारोबारियाें को मनाते-मनाते नौ दिसंबर को मेडल ढल सके। इसके लिए अतिरिक्त खर्च भी करना पड़ा।
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मेडल में डिस्ट्रिक्ट फुटबॉल एसोसिएशन अंडर 16 ब्वायज-गर्ल्स फुटबॉल टूर्नामेंट छपना था। व्हाइट धातु से बनने वाले इन मेडल को गोल्ड, सिल्वर और ब्रोंज में रंगा जाता है। शुक्रवार को मेडल बने, रविवार को किसान एक्सप्रेस से इन्हें बरेली भेजा गया। रविवार को शाम 4 बजे सभी 30 बच्चाें को इन्हें पहनाया गया। बेस्ट खिलाड़ी सना कादरी और कुशाग्र सिंह रहे।
मुरादाबाद में मेडल ढलने में काफी दिक्कत हुई। कारीगर नहीं आ रहे थे। चार दिन कार्यक्रम टाला गया। रविवार को ट्रेन से मेडल आए तब जाकर वितरण कार्यक्रम हुआ।
- मून रॉबिंसन, सचिव, फुटबॉल एसोसिएशन