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जैन दंपती हत्याकांड में दो अभियुक्तों के गैर जमानती वारंट
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- फोटो : सोशल मीडिया
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11 जून 1990 हुआ था बहुचर्चित हत्याकांड, पप्पू गिरधारी समेत 11 अभियुक्तों पर तय हो चुके हैं आरोप
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बरेली। शहर के बहुचर्चित जैन दंपती हत्याकांड के दो अभियुक्त फतेहगंज पश्चिमी के हरपाल और शीशगढ़ के योगेश चंद्र के खिलाफ कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी किए हैं। इस मामले में सुनवाई के लिए अब 29 जुलाई की तारीख लगाई गई है।
जैन दंपती हत्याकांड जून 1990 में हुआ था। मृतक नरेश जैन और पुष्पा जैन की बेटी प्रगति जैन ने रिपोर्ट लिखाई थी। अपनी गवाही के दौरान प्रगति ने कोर्ट को बताया था कि 11 जून की रात करीब सवा नौ बजे वे लोग टीवी देख रहे थे। उसी दौरान चाकू और डंडे लेकर चार-पांच लोग घर में घुस आए। एक ने उनके पिता से कुुछ बात की और दूसरे ने जाकर टीवी बंद कर दिया। इसके बाद उन लोगों ने डैडी (नरेश जैन) को चाकू से मारना शुरू कर दिया। उन्होंने और उनकी बहनों ने उन्हें बचाने की कोशिश की। मदद के लिए डैडी के साथ चिल्लाना शुरू किया तो उनकी मम्मी (पुष्पा जैन) भी दौड़कर वहां आ गईं। हमलावरों ने उन्हें भी चाकू और डंडों से मारना शुरू कर दिया। बीचबचाव में वे दोनों बहनें भी चोटिल हो गईं। दूसरी बहन प्रेरणा फोन करने के लिए दूसरे कमरे में भागी तो आरोपियों ने टेलीफोन का तार तोड़ दिया। इसके बाद आरोपी चले गए। इस हमले में उनके पिता नरेश जैन और मां पुष्पा जैन की मौत हो गई।
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जैन दंपती हत्याकांड जून 1990 में हुआ था। मृतक नरेश जैन और पुष्पा जैन की बेटी प्रगति जैन ने रिपोर्ट लिखाई थी। अपनी गवाही के दौरान प्रगति ने कोर्ट को बताया था कि 11 जून की रात करीब सवा नौ बजे वे लोग टीवी देख रहे थे। उसी दौरान चाकू और डंडे लेकर चार-पांच लोग घर में घुस आए। एक ने उनके पिता से कुुछ बात की और दूसरे ने जाकर टीवी बंद कर दिया। इसके बाद उन लोगों ने डैडी (नरेश जैन) को चाकू से मारना शुरू कर दिया। उन्होंने और उनकी बहनों ने उन्हें बचाने की कोशिश की। मदद के लिए डैडी के साथ चिल्लाना शुरू किया तो उनकी मम्मी (पुष्पा जैन) भी दौड़कर वहां आ गईं। हमलावरों ने उन्हें भी चाकू और डंडों से मारना शुरू कर दिया। बीचबचाव में वे दोनों बहनें भी चोटिल हो गईं। दूसरी बहन प्रेरणा फोन करने के लिए दूसरे कमरे में भागी तो आरोपियों ने टेलीफोन का तार तोड़ दिया। इसके बाद आरोपी चले गए। इस हमले में उनके पिता नरेश जैन और मां पुष्पा जैन की मौत हो गई।
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जमीन का था विवाद
इस मामले में जोगीनवादा के पप्पू गिरधारी, हरिशंकर उर्फ पप्पू, बदायूं में थाना कोतवाली के मोहल्ला ब्रह्मपुरा के जगदीश सरन गुप्ता, रोहली टोला के भगवान दास, कटरा चांद खां के केपी वर्मा, साबिर, शीशगढ़ के योगेश चंद्र, आंवला के बजरुद्दीन, भुता के नरेश कुर्मी, फतेहगंज पश्चिमी के हरपाल, बदायूं की पूनम उर्फ सुनीता उर्फ गुड्डी समेत 11 लोगों पर आरोप तय किए गए। इसमें हत्या, आपराधिक षडयंत्र रचना, भूमि-संपत्ति को हड़पने के लिए कपटपूर्वक झूठे विक्रयपत्रों की कूट रचना समेत कई गंभीर किस्म के आरोप शामिल हैं।
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