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Bareilly News: 36 घंटे में भी नहीं मिले तेंदुए के सुराग
Sun, 09 Aug 2026 12:17 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Sun, 09 Aug 2026 12:17 AM IST
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क्योलड़िया। क्षेत्र में दो सप्ताह से तेंदुए की मौजूदगी की चर्चा के कारण दहशत बनी हुई है। शनिवार को 36 घंटे हो गए। तेंदुआ नहीं दिखने के बावजूद ग्रामीण डरे हुए हैं। अमीर नगर सहित कई गांवों से पिछले दिनों तेंदुआ देखे जाने की सूचनाएं मिली थीं। वन विभाग की टीमों ने मौके पर पहुंचकर जांच की और ग्रामीणों को सावधान रहने की सलाह दी। खेतों में तेंदुए जैसे पगचिह्न मिलने की भी जांच की गई। इसके बाद विभाग ने चार टीमें गठित कर गांवों में निगरानी और जागरूकता अभियान शुरू किया। ड्रोन कैमरा से भी क्षेत्र की निगरानी की जा रही है। वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों से जंगल में अकेले न जाकर समूह में लाठी-डंडा लेकर जाने को कहा है। तेंदुआ की आहट से ग्रामीण पशुओं का चारा लेने जंगल नहीं जा पा रहे हैं। वन रेंजर केके मिश्रा ने बताया कि टीमें अभी गांवों में तलाश कर रही हैं लेकिन कौन सा वन्यजीव विचरण कर रहा है। इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है।
तेंदुआ दिखने पर वन विभाग ने की तलाश
भुता। क्षेत्र के गांव अदीनपुर बंजरिया के खेतों में शनिवार को ग्रामीणों ने तेंदुआ देखने का दावा किया। इससे गांव में दहशत फैल गई। ग्रामीणों के मुताबिक, शोर मचाने पर तेंदुआ गन्ने के खेत में भाग गया। सूचना पर वन क्षेत्राधिकारी ऋषि ठाकुर टीम के साथ गांव पहुंचे। उन्होंने बताया कि टीम ने खेतों में कॉम्बिंग कर पगचिह्नों के फोटो लिए लेकिन तेंदुए की मौजूदगी की पुष्टि नहीं हुई है। किसान भगवान दास, रामदास और नन्हेलाल ने बताया कि धान व गन्ने की फसल की रखवाली के लिए खेतों पर जाने से डर रहे हैं। वन्यजीव को पकड़कर सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है।
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तेंदुआ दिखने पर वन विभाग ने की तलाश
भुता। क्षेत्र के गांव अदीनपुर बंजरिया के खेतों में शनिवार को ग्रामीणों ने तेंदुआ देखने का दावा किया। इससे गांव में दहशत फैल गई। ग्रामीणों के मुताबिक, शोर मचाने पर तेंदुआ गन्ने के खेत में भाग गया। सूचना पर वन क्षेत्राधिकारी ऋषि ठाकुर टीम के साथ गांव पहुंचे। उन्होंने बताया कि टीम ने खेतों में कॉम्बिंग कर पगचिह्नों के फोटो लिए लेकिन तेंदुए की मौजूदगी की पुष्टि नहीं हुई है। किसान भगवान दास, रामदास और नन्हेलाल ने बताया कि धान व गन्ने की फसल की रखवाली के लिए खेतों पर जाने से डर रहे हैं। वन्यजीव को पकड़कर सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है।
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