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Bareilly News: अब निर्माण में नहीं चलेगा खेल, पोर्टल खोलेगा बजट की पोल
Fri, 14 Aug 2026 11:58 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Fri, 14 Aug 2026 11:58 PM IST
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बरेली। विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (वीबीजी-राम जी) योजना लागू हो गई है। इसका उद्देश्य ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के नाम पर बजट के दुरुपयोग को रोकना है। अब सभी निर्माण कार्यों का ब्योरा एक पोर्टल पर दर्ज होगा।
पोर्टल पर दर्ज होने के बाद एक ही कार्य को दोबारा स्वीकृति मिलने का प्रयास करने पर सिस्टम उसे स्वत: निरस्त कर देगा। इससे फर्जी या दोहराए गए प्रस्तावों के जरिये सरकारी धन के दुरुपयोग की गुंजाइश कम होगी। नई व्यवस्था में गांव के छोटे-बड़े सभी कार्यों की ऑनलाइन निगरानी की जाएगी। कार्य की स्वीकृति से लेकर उसके क्रियान्वयन और भुगतान तक की जानकारी पोर्टल पर उपलब्ध रहेगी। शासन स्तर से भी इन कार्यों की निगरानी की जाएगी। अधिकारियों और ग्राम प्रधानों को यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई कार्य पहले से स्वीकृत न हो। यह नई व्यवस्था ग्राम पंचायतों में होने वाले निर्माण कार्यों पर बड़ा असर डालेगी। सड़क, नाली, इंटरलॉकिंग और पंचायत भवन जैसे कार्यों का रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध रहेगा। इससे पंचायत स्तर पर जिम्मेदारी तय करने और अनियमितता पर कार्रवाई करने में आसानी होगी।
शासन स्तर पर बढ़ेगी पारदर्शिता
योजना में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए ऑनलाइन निगरानी को आधार बनाया गया है। ग्राम पंचायत स्तर पर स्वीकृत सभी कार्यों का रिकॉर्ड शासन स्तर तक उपलब्ध रहेगा। अधिकारी देख सकेंगे कि किस पंचायत में कौन सा कार्य स्वीकृत हुआ है। वे उसकी स्थिति और निर्धारित बजट की जानकारी भी प्राप्त कर सकेंगे। पहले कार्यों का रिकॉर्ड अलग-अलग स्तरों पर होने से दोहराव की शिकायतें आती थीं। अधूरे कार्यों के भुगतान और बजट के इस्तेमाल से संबंधित शिकायतें भी विभाग तक पहुंचती थीं। अब पोर्टल आधारित डिजिटल रिकॉर्ड से ऐसी शिकायतों की जांच आसान होगी।
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वर्जन
वीबीजी-राम जी योजना के तहत जो कार्य ग्राम पंचायतों में कराने के लिए एक बार स्वीकृत होने के बाद पोर्टल पर दर्ज हो जाएंगे। ऐसे कार्य का दोबारा प्रस्ताव को पोर्टल के माध्यम से स्वीकृति नहीं मिलेगी। पोर्टल से स्वीकृति न मिलने पर ये कार्य कराने की अनुमति और बजट जारी नहीं किए जाएंगे। - चंद्र प्रकाश श्रीवास्तव, परियोजना निदेशक, डीआरडीए
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पोर्टल पर दर्ज होने के बाद एक ही कार्य को दोबारा स्वीकृति मिलने का प्रयास करने पर सिस्टम उसे स्वत: निरस्त कर देगा। इससे फर्जी या दोहराए गए प्रस्तावों के जरिये सरकारी धन के दुरुपयोग की गुंजाइश कम होगी। नई व्यवस्था में गांव के छोटे-बड़े सभी कार्यों की ऑनलाइन निगरानी की जाएगी। कार्य की स्वीकृति से लेकर उसके क्रियान्वयन और भुगतान तक की जानकारी पोर्टल पर उपलब्ध रहेगी। शासन स्तर से भी इन कार्यों की निगरानी की जाएगी। अधिकारियों और ग्राम प्रधानों को यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई कार्य पहले से स्वीकृत न हो। यह नई व्यवस्था ग्राम पंचायतों में होने वाले निर्माण कार्यों पर बड़ा असर डालेगी। सड़क, नाली, इंटरलॉकिंग और पंचायत भवन जैसे कार्यों का रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध रहेगा। इससे पंचायत स्तर पर जिम्मेदारी तय करने और अनियमितता पर कार्रवाई करने में आसानी होगी।
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शासन स्तर पर बढ़ेगी पारदर्शिता
योजना में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए ऑनलाइन निगरानी को आधार बनाया गया है। ग्राम पंचायत स्तर पर स्वीकृत सभी कार्यों का रिकॉर्ड शासन स्तर तक उपलब्ध रहेगा। अधिकारी देख सकेंगे कि किस पंचायत में कौन सा कार्य स्वीकृत हुआ है। वे उसकी स्थिति और निर्धारित बजट की जानकारी भी प्राप्त कर सकेंगे। पहले कार्यों का रिकॉर्ड अलग-अलग स्तरों पर होने से दोहराव की शिकायतें आती थीं। अधूरे कार्यों के भुगतान और बजट के इस्तेमाल से संबंधित शिकायतें भी विभाग तक पहुंचती थीं। अब पोर्टल आधारित डिजिटल रिकॉर्ड से ऐसी शिकायतों की जांच आसान होगी।
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वीबीजी-राम जी योजना के तहत जो कार्य ग्राम पंचायतों में कराने के लिए एक बार स्वीकृत होने के बाद पोर्टल पर दर्ज हो जाएंगे। ऐसे कार्य का दोबारा प्रस्ताव को पोर्टल के माध्यम से स्वीकृति नहीं मिलेगी। पोर्टल से स्वीकृति न मिलने पर ये कार्य कराने की अनुमति और बजट जारी नहीं किए जाएंगे। - चंद्र प्रकाश श्रीवास्तव, परियोजना निदेशक, डीआरडीए