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गुंडई नहीं..जनहित जांचते घूम रहे हैं भाजपाई
बरेली
Updated Mon, 18 Sep 2017 01:38 AM IST
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सर्किट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जिला अस्पताल में स्टाफ और भाजपाइयों के बीच बवाल और सब स्टेशन कांड के ताजा विवादों के अलावा पत्रकारों ने योगी सरकार के दौरान भाजपाइयों की मनमानी के कुल आठ मामले डिप्टी सीएम को गिनाए। इनमें थानों में आए दिन पुलिस से उलझ जाने के साथ ऑटो रिक्शा और अवैध वाहनों के स्टैंडों पर कब्जे के भी मामले शामिल थे। जवाब में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने मुस्कुराकर कहा, हमारे नेता और कार्यकर्ता तो जनहित के मुददों को लेकर लोगों की मदद के लिए सरकारी कार्यालयों में जाते हैं। जरूरत पड़ेगी तो थानों में भी जाएंगे। इसे घेराव थोड़े ही कहा जा सकता है।
डिप्टी सीएम ने पत्रकारों के सवालों पर भाजपाइयों का पूरी तरह बचाव किया और ज्यादातर सवालों का सीधे-सीधे कोई जवाब देने के बजाय उन्हें टाल गए। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य दोनों मेें भाजपा की सरकार है। हमें किसी का घेराव करने की जरूरत नहीं है। भाजपा के कार्यकर्ता ही नहीं जनता का कोई भी व्यक्ति सुविधाओं के बारे में किसी भी अफसर से जानकारी ले सकता है। मीडिया कर्मियों से कहा कि कहीं गड़बड़ी की शिकायत मिलती हो तो आप भी जांच कर सकते हो।
केस- 1
बहेड़ी विधायक छत्रपाल सिंह गंगवार अपने गांव में बिना लाइसेंस के ही चल रहे मेडिकल स्टोर पर छापा पड़ने के बाद भड़क गए थे। ड्रग इंस्पेक्टरों ने मेडिकल चलाने वाले जिस युवक को थाने में बैठाया था, उसे विधायक अपने साथ ले गए थे। इस मामले में प्रशासन ने शासन को रिपोर्ट भेजकर आरोपी युवक के खिलाफ एफआईआर लिखाई थी और जेल भिजवा दिया था।
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केस- 2
भाजपा के शहर विधायक डॉ. अरुण कुमार का कुतुबखाना सब स्टेशन पर बिजली कनेक्शन को लेकर कर्मचारियों से विवाद हो गया था। इसके बाद बिजली कर्मियों ने मनमानी करके छह घंटे शहर की बिजली आपूर्ति ठप कर दी थी। मामला सीएम तक पहुंचने के बाद बमुश्किल निपट सका।
केस-3
भाजपा के महानगर अध्यक्ष उमेश कठेरिया अपनी टीम के साथ जिला अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंच गए। जिला अस्पताल से स्टाफ से उनका विवाद हो गया। स्टाफ के कर्मचारियों ने उन पर अभद्रता करने का आरोप लगाकर दौड़ा लिया। भाजपाइयों पर आरोप है कि जिला अस्पताल के पार्किंग ठेके को लेकर वे दबाव बना रहे थे।
केस- 4
आंवला सांसद धर्मेंद्र कश्यप के घर रामगंगा नदी से खनन करके लाई जा रही मिट्टी की ट्रैक्टर-ट्राली को लाल फाटक के पास पकड़ लिए जाने पर विवाद हो गया था। बिथरी चैनपुर विधायक राजेश कुमार मिश्रा उर्फ पप्पू भरतौल ने इस पर प्रशासन के खिलाफ बयान भी दिया था। बाद में मामूली जुर्माना डालकर ट्रालियों को छोड़ना पड़ा था।
केस-5
भाजपा महानगर अध्यक्ष उमेश कठेरिया खनन के विवाद में हिस्ट्रीशीटर पाताराम से गोली चलने पर दूसरे पक्ष की पैरवी करने पहुंच गए थे। दूसरा पक्ष फौजी का गुट है। इसे लेकर भाजपाई थाना कैंट में एसएसआई से भिड़ गए थे, लेकिन इस मामले में कुछ हो नहीं हो पाया था।
केस-6
थाना किला में एक महिला के मकान पर कब्जेदारी को लेकर भाजपा नेता पहुंच गए थे। एक मंत्री पर टिप्पणी करने के बहाने भाजपाइयों ने थाने में काफी देर हंगामा किया था। तत्कालीन एसपी सिटी समीर सौरभ पर दबाव बनाने के बाद एक दरोगा को हटवा दिया था।
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डिप्टी सीएम ने पत्रकारों के सवालों पर भाजपाइयों का पूरी तरह बचाव किया और ज्यादातर सवालों का सीधे-सीधे कोई जवाब देने के बजाय उन्हें टाल गए। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य दोनों मेें भाजपा की सरकार है। हमें किसी का घेराव करने की जरूरत नहीं है। भाजपा के कार्यकर्ता ही नहीं जनता का कोई भी व्यक्ति सुविधाओं के बारे में किसी भी अफसर से जानकारी ले सकता है। मीडिया कर्मियों से कहा कि कहीं गड़बड़ी की शिकायत मिलती हो तो आप भी जांच कर सकते हो।
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केस- 1
बहेड़ी विधायक छत्रपाल सिंह गंगवार अपने गांव में बिना लाइसेंस के ही चल रहे मेडिकल स्टोर पर छापा पड़ने के बाद भड़क गए थे। ड्रग इंस्पेक्टरों ने मेडिकल चलाने वाले जिस युवक को थाने में बैठाया था, उसे विधायक अपने साथ ले गए थे। इस मामले में प्रशासन ने शासन को रिपोर्ट भेजकर आरोपी युवक के खिलाफ एफआईआर लिखाई थी और जेल भिजवा दिया था।
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केस- 2
भाजपा के शहर विधायक डॉ. अरुण कुमार का कुतुबखाना सब स्टेशन पर बिजली कनेक्शन को लेकर कर्मचारियों से विवाद हो गया था। इसके बाद बिजली कर्मियों ने मनमानी करके छह घंटे शहर की बिजली आपूर्ति ठप कर दी थी। मामला सीएम तक पहुंचने के बाद बमुश्किल निपट सका।
केस-3
भाजपा के महानगर अध्यक्ष उमेश कठेरिया अपनी टीम के साथ जिला अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंच गए। जिला अस्पताल से स्टाफ से उनका विवाद हो गया। स्टाफ के कर्मचारियों ने उन पर अभद्रता करने का आरोप लगाकर दौड़ा लिया। भाजपाइयों पर आरोप है कि जिला अस्पताल के पार्किंग ठेके को लेकर वे दबाव बना रहे थे।
केस- 4
आंवला सांसद धर्मेंद्र कश्यप के घर रामगंगा नदी से खनन करके लाई जा रही मिट्टी की ट्रैक्टर-ट्राली को लाल फाटक के पास पकड़ लिए जाने पर विवाद हो गया था। बिथरी चैनपुर विधायक राजेश कुमार मिश्रा उर्फ पप्पू भरतौल ने इस पर प्रशासन के खिलाफ बयान भी दिया था। बाद में मामूली जुर्माना डालकर ट्रालियों को छोड़ना पड़ा था।
केस-5
भाजपा महानगर अध्यक्ष उमेश कठेरिया खनन के विवाद में हिस्ट्रीशीटर पाताराम से गोली चलने पर दूसरे पक्ष की पैरवी करने पहुंच गए थे। दूसरा पक्ष फौजी का गुट है। इसे लेकर भाजपाई थाना कैंट में एसएसआई से भिड़ गए थे, लेकिन इस मामले में कुछ हो नहीं हो पाया था।
केस-6
थाना किला में एक महिला के मकान पर कब्जेदारी को लेकर भाजपा नेता पहुंच गए थे। एक मंत्री पर टिप्पणी करने के बहाने भाजपाइयों ने थाने में काफी देर हंगामा किया था। तत्कालीन एसपी सिटी समीर सौरभ पर दबाव बनाने के बाद एक दरोगा को हटवा दिया था।