दिल झकझोर देगी नवजात की कहानी: किसी ने रात में सड़क किनारे मरने के लिए फेंका, विशाल और अशरफ ने बचाई जान
वजीरगंज बस स्टैंड के पास रात करीब नौ बजे नवजात की बिलखने की आवाज सुन लोगों के कदम ठिठक गए। लोगों ने मौके पर जाकर देखा को सुनसान जगह पर कपड़े में लिपटा नवजात बिलख रहा था। मासूम को देख लोग दंग रह गए।
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बरेली के आंवला में ऐसा मामला सामने आया है, जिसने लोगों को झकझोर दिया। वजीरगंज बस स्टैंड के पास सोमवार रात लोगों को एक नवजात शिशु पड़ा मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा। वहां से उसे जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि नवजात किसका है और यहां कौन छोड़ गया।
वजीरगंज बस स्टैंड के पास रात करीब नौ बजे नवजात की बिलखने की आवाज सुन लोगों के कदम ठिठक गए। लोगों ने मौके पर जाकर देखा को सुनसान जगह पर कपड़े में लिपटा नवजात बिलख रहा था। मासूम को देख लोग दंग रह गए। जानकारी होते ही लोगों की भीड़ जुट गई। हर किसी के जहन में यह सवाल था कि यह बच्चा किसका है और यहां कैसे पहुंचा। आसपास लोगों के जानकारी की गई।
सुनसान जगह पर पड़ा था बच्चा
वजीरगंज स्टैंड के पास रहने वाले विशाल और अशरफ शाह ने बताया कि रात करीब नौ बजे वो टहल रहे थे, तभी उन्हें नवजात के रोने की आवाज सुनाई दी। पहले तो वो समझे किसी का बच्चा रो रहा होगा, लेकिन जब काफी देर तक बच्चे का रोना बंद नहीं हुआ तो जिस तरफ से आवाज आ रही थी, उधर जाकर देखा। सुनसान जगह पर सड़क किनारे नवजात दिखा।
पूरी तरह स्वस्थ है नवजात
उन्होंने तुरंत ही पड़ोस में रहने वाले दूसरे लोगों को सूचना दी। नवजात मिलने की सूचना पर भीड़ इकठ्ठा हो गई। इस बीच सूचना मिलने पर पुलिस पहुंच गई। बच्चे को निजी अस्पताल ले जाकर उसका स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। सीएचसी के आपातकालीन विभाग में ड्यूटी पर तैनात डॉ. सलीम ने बताया कि नवजात लड़का है और पूरी तरह स्वस्थ है। एहतियात के तौर पर नवजात को बरेली रेफर कर दिया गया है।
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इधर, आसपास के लोगों का मानना है कि जन्म के तुरंत बाद बच्चे को फेंका गया है। अगर विशाल और अशरफ समय पर नहीं पहुंचते आवारा कुत्ते नवजात को नुकसान पहुंचा सकते थे। क्योंकि जिस जगह पर नवजात मिला है, वो सुनसान जगह है। वहीं स्थानीय लोग नवजात को फेंकने वाले को कोसते रहे।