Bareilly News: झुमका चौराहे के करीब बसेगी नई कॉलोनी, मार्च के बाद शुरू होगी प्लॉटिंग
टियूलिया व धंतिया गांव की 159 हेक्टेयर जमीन में 2023 में आवासीय योजना विकसित की जाएगी। अगर यह प्रयोग सफल रहा तो आगे योजना को विस्तार मिलेगा।
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बरेली में झुमका चौराहे के करीब टियूलिया और धंतिया में आवास विकास परिषद 159 हेक्टेयर जमीन पर नई कॉलोनी बसाएगा। कॉलोनी में ऐसे 200 किसानों को प्लॉट मिलेंगे, जो अपनी जमीन देकर कॉलोनी बसाएं जाने पर सहमत हुए हैं। झुमका चौराहे के निकट फॉरेंसिक लैब से शुरू होकर टियूलिया से आगे नहर के किनारे तक आने वाले दिनों में आबादी नजर आएगी।
लैंड पूलिंग योजना के तहत नोएडा की तर्ज पर कॉलोनी विकसित की जानी है। आवास विकास परिषद के अधिकारियों ने अधिग्रहित की जाने वाली जमीन चयनित कर ली है। जहां जमीन पर अतिक्रमण हैं, उन्हें नोटिस दिए गए गए हैं। शीघ्र ही ले-आउट बनेगा। आवास विकास परिषद के अधिशासी अभियंता नवीन कुमार वर्मा ने बताया कि एग्रीमेंट की प्रक्रिया अप्रैल में शुरू हो जाएगी। मार्च में मुख्यालय से अनुमति मिलेगी।
अपनी जमीन देने वाले किसानों को मिलेगा प्लॉट
लैंड पूलिंग योजना में अगर किसान अपनी 1000 वर्ग फीट खेती वाली जमीन देता है तो उसे 250 वर्ग मीटर का एक प्लॉट मिलेगा। पांच वर्ग मीटर जमीन में सड़क, पार्क, जनसुविधा के लिए स्थान विकसित किए जाएंगे। 250 वर्ग मीटर जमीन को आवास विकास परिषद बेचेगा। जो किसान अपनी जमीन देंगे उन्हें प्लॉट बेचने का अधिकार भी होगा।
11 वर्ष पुरानी योजना को अब मिलेगी रफ्तार
वर्ष 2012-13 में गांव टियूलिया, धंतिया, फरीदापुर रामचरन, हमीरपुर, बोहित, मिलक, इमामगंज की कुल 561 हेक्टेयर जमीन पर आवास विकास परिषद ने योजना प्रस्तावित की थी, लेकिन अभी तक अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका। टियूलिया व धंतिया गांव की 159 हेक्टेयर जमीन में 2023 में आवासीय योजना विकसित की जाएगी। अगर यह प्रयोग सफल रहा तो आगे योजना को विस्तार मिलेगा।
नई कॉलोनी में शॉपिंग मॉल, शिक्षण संस्थान और अस्पताल होंगे
आवासीय योजना में शॉपिंग मॉल, अस्पताल, शिक्षण संस्थान, बड़े-बड़े हरे भरे पार्क, चौड़ी सड़कें, कचरा ट्रीटमेंट प्लांट आदि सुविधाएं होंगी। कई महत्वपूर्ण विभाग यहां पर शिफ्ट हो सकते हैं। आवास एवं विकास परिषद की राजेंद्र नगर, जनकपुरी, सिविल लाइंस, गांधीपुरम योजना के बाद परिषद की यह सबसे बड़ी योजना है। लखनऊ स्थित मुख्यालय पर 2 नवंबर 2022 को आवास विकास परिषद के बोर्ड की बैठक में योजना को स्वीकृति मिली है।