नेपाल में जलप्रलय: 'ईश्वर की कृपा से मिला जीवन दान', काठमांडू से बरेली लौटे दीपक ने बताया खौफनाक मंजर
नेपाल में आई भीषण जल प्रलय से बचकर बरेली के दीपक गुप्ता सकुशल घर लौट आए हैं। वे काठमांडू में कारोबार करते थे। 26 अगस्त को जल प्रलय की खबर के बाद उनके परिवार की चिंता बढ़ गई थी। तीन दिनों तक उनका फोन बंद रहा, जिससे परिवार परेशान था।
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नेपाल में आई भीषण जल प्रलय से जान बचाकर बरेली के रामपुर बाग निवासी दीपक गुप्ता सकुशल घर लौट आए हैं। कारोबार के सिलसिले में काठमांडू में रह रहे दीपक ने इस खौफनाक मंजर के बाद कहा कि ईश्वर की कृपा से उन्हें नया जीवन मिला है। अब वह दोबारा नेपाल की सरजमीं पर कदम नहीं रखेंगे। उनके चेहरे पर अभी भी उस भयावह अनुभव का असर साफ दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि वहां के लोगों में खौफ है। भारी तबाही हुई है।
दीपक गुप्ता कई वर्षों से नेपाल के काठमांडू में आर्टिफिशियल ज्वेलरी नगों का कारोबार करते हैं। वह साल के करीब छह महीने काठमांडू में ही बिताते थे। 26 अगस्त को नेपाल में जल प्रलय की खबर आने के बाद उनके परिवार की चिंता बढ़ गई।
दीपक के भाई नरेंद्र गुप्ता ने बताया कि उनका फोन तीन दिनों तक बंद रहा। परिवार को इस दौरान तरह-तरह के बुरे ख्याल आने लगे। 28 अगस्त को परिवार ने राहत की सांस ली। दीपक के मित्र सुशील ने जानकारी दी कि वह सकुशल हैं और नेपाल से निकलकर लखनऊ के गोमती नगर स्थित नेहरु एन्कलेव में अपने चाचा के घर पहुंच गए हैं। इस खबर के बाद परिवार ने दीपक से संपर्क किया और उनकी सुरक्षित वापसी की पुष्टि हुई।
परिवार ने ली राहत की सांस
घर लौटने के बाद भी दीपक के चेहरे पर नेपाल में देखी तबाही का खौफ साफ नजर आ रहा है। उन्होंने घर आने के बाद भी अपना फोन तक चालू नहीं किया। दीपक के भाई नरेंद्र गुप्ता के अनुसार, भाई की सकुशल वापसी परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं है। तीन दिनों तक संपर्क न होने से परिवार बेहद चिंतित था। लगातार फोन बंद मिलने से उनके मन में तरह-तरह के ख्याल आ रहे थे। मित्र सुशील से जानकारी मिलने के बाद परिजनों की चिंता कुछ कम हुई। अब परिवार दीपक के घर लौटने से राहत महसूस कर रहा है।