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यूपी: राजकीय मेडिकल कॉलेज के सर्जन की लापरवाही, ऑपरेशन के बाद महिला के पेट में छूटा कपड़ा, हालत गंभीर
Mon, 19 Jul 2021 05:00 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, शाहजहांपुर
अमर उजाला नेटवर्क, शाहजहांपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 19 Jul 2021 05:00 PM IST
सार
तिलहर थाना क्षेत्र के गांव रमापुर उत्तरी निवासी मनोज कुमार ने डीएम को दिये प्रार्थना पत्र में बताया कि उन्होंने छह जनवरी को प्रसव पीड़ा होने पर पत्नी को राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था। आरोप है कि डॉक्टर ने ऑपरेशन के बदले उनसे रिश्वत की मांग की थी।
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फाइल फोटो
विस्तार
शाहजहांपुर जिले के राजकीय मेडिकल कॉलेज के एक सर्जन पर लापरवाही का आरोप लगा है। गर्भवती महिला के ऑपरेशन के दौरान पेट में कपड़ा छूट गया। ऑपरेशन के बाद महिला और नवजात को छुट्टी दे दी। घर पहुंचने पर महिला की हालत बिगड़ी तो पति ने उसे एक निजी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया।
सीटी स्कैन में पता चला कि महिला के पेट में कपड़ा है। फिर ऑपरेशन कर कपड़ा निकाला गया। वर्तमान में लखनऊ के मेडिकल कॉलेज में महिला का इलाज चल रहा है। डीएम से शिकायत के बाद महिला सीएमएस मामले की जांच कर रहे हैं।
तिलहर थाना क्षेत्र के गांव रमापुर उत्तरी निवासी मनोज कुमार ने डीएम को दिये प्रार्थना पत्र में बताया कि उन्होंने छह जनवरी को प्रसव पीड़ा होने पर पत्नी को राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था। आरोप है कि डॉक्टर ने ऑपरेशन के बदले उनसे रिश्वत की मांग की थी।
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मांग पूरी न करने पर डॉक्टर ने ऑपरेशन तो किया लेकिन कपड़ा अंदर छूट गया। एक आंत को धागे से जोड़ दिया। ऑपरेशन के बाद नवजात बच्ची और महिला को छुट्टी देकर घर भेज दिया गया। घर पहुंचने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। वह दोबारा मेडिकल कॉलेज आई लेकिन कोरोना संक्रमण चरम पर होने के कारण उसे इलाज नहीं मिल सका।
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सीटी स्कैन में पता चला कि महिला के पेट में कपड़ा है। फिर ऑपरेशन कर कपड़ा निकाला गया। वर्तमान में लखनऊ के मेडिकल कॉलेज में महिला का इलाज चल रहा है। डीएम से शिकायत के बाद महिला सीएमएस मामले की जांच कर रहे हैं।
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तिलहर थाना क्षेत्र के गांव रमापुर उत्तरी निवासी मनोज कुमार ने डीएम को दिये प्रार्थना पत्र में बताया कि उन्होंने छह जनवरी को प्रसव पीड़ा होने पर पत्नी को राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था। आरोप है कि डॉक्टर ने ऑपरेशन के बदले उनसे रिश्वत की मांग की थी।
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मांग पूरी न करने पर डॉक्टर ने ऑपरेशन तो किया लेकिन कपड़ा अंदर छूट गया। एक आंत को धागे से जोड़ दिया। ऑपरेशन के बाद नवजात बच्ची और महिला को छुट्टी देकर घर भेज दिया गया। घर पहुंचने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। वह दोबारा मेडिकल कॉलेज आई लेकिन कोरोना संक्रमण चरम पर होने के कारण उसे इलाज नहीं मिल सका।
महिला का प्राइवेट डॉक्टर के यहां इलाज चलता रहा। बाद में वरुण-अर्जुन मेडिकल कॉलेज में महिला का सीटी स्कैन कराया गया। इसमें पेट में कपड़ा होने और एक आंत को धागे से जोड़े जाने की पुष्टि हुई। महिला के पति मनोज का कहना है कि वह शिकायत करने के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज गया लेकिन उसे वहां कोई मिला नहीं।
21 जून को महिला को वरुण अर्जुन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। यहां ऑपरेशन के बाद कपड़ा निकाल दिया गया। हालत में सुधार न होने पर महिला को बरेली रेफर कर दिया गया। बरेली के एक निजी अस्पताल में ज्यादा खर्च आने पर महिला को लेकर परिवार वापस घर आ गया।
इसके बाद खेत गिरवी रखकर और जेवर बेचकर पति दोबारा राजकीय मेडिकल कॉलेज आया जहां से महिला को हायर सेंटर रेफर किया गया। 14 जुलाई को महिला को लखनऊ के मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती किया गया है। यहां उसका इलाज चल रहा है। पीड़ित ने आठ जुलाई को डीएम से आरोपी डॉक्टर की लिखित शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। यहां से पत्र जांच के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा गया।
शिकायती पत्र प्राप्त हुआ है। महिला सीएमएस को मामले की जांच सौपी गई है। शीघ्र रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट मिलते ही डीएम को भेज दी जाएगी।
पूजा त्रिपाठी पांडेय, प्रवक्ता राजकीय मेडिकल कॉलेज
21 जून को महिला को वरुण अर्जुन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। यहां ऑपरेशन के बाद कपड़ा निकाल दिया गया। हालत में सुधार न होने पर महिला को बरेली रेफर कर दिया गया। बरेली के एक निजी अस्पताल में ज्यादा खर्च आने पर महिला को लेकर परिवार वापस घर आ गया।
इसके बाद खेत गिरवी रखकर और जेवर बेचकर पति दोबारा राजकीय मेडिकल कॉलेज आया जहां से महिला को हायर सेंटर रेफर किया गया। 14 जुलाई को महिला को लखनऊ के मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती किया गया है। यहां उसका इलाज चल रहा है। पीड़ित ने आठ जुलाई को डीएम से आरोपी डॉक्टर की लिखित शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। यहां से पत्र जांच के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा गया।
शिकायती पत्र प्राप्त हुआ है। महिला सीएमएस को मामले की जांच सौपी गई है। शीघ्र रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट मिलते ही डीएम को भेज दी जाएगी।
पूजा त्रिपाठी पांडेय, प्रवक्ता राजकीय मेडिकल कॉलेज