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Bareilly News: लापरवाही में अटका नाथ कॉरिडोर का काम
Tue, 18 Jun 2024 04:23 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Tue, 18 Jun 2024 04:23 AM IST
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बरेली। नगर निगम की जरा सी लापरवाही से नाथ कॉरिडोर का काम अटक गया। प्रोजेक्ट को तैयार करते पीडब्ल्यूडी को बताया गया था कि सड़क नगर निगम की है। इसी आधार पर सड़कों के टेंडर जारी कर दिए गए। बाद में पता चला कि सड़क रेलवे की है। इस कारण कॉरिडोर का काम अटक गया। अब रेलवे से एनओसी (अनापत्ति प्रमाणपत्र) लेने के लिए केंद्र में पैरवी की जा रही है।
नाथ कॉरिडोर के तहत सातों नाथ मंदिरों को जोड़ने के लिए सड़कों का चौड़ीकरण व सुंदरीकरण किया जाना था। इसी के तहत धोपेश्वरनाथ मंदिर से तपेश्वरनाथ मंदिर तक सड़क बननी थी। इसके लिए जब मार्च में खोदाई शुरू हुई तो पता चला कि सड़क रेलवे की है। रेलवे के अधिकारियों ने काम रुकवा दिया। इसके बाद पीडब्ल्यूडी ने मुरादाबाद डीआरएम से एनओसी मांगी। उन्होंने फाइल दिल्ली भेज दी। बताया कि केंद्र सरकार से अनुमति मिलेगी।
मामला अटकने पर पीडब्ल्यूडी के दो सहायक इंजीनियरों को दिल्ली भेजा, लेकिन बात नहीं बनी। पीडब्ल्यूडी की तरफ से मामले को लेकर पत्राचार किया जा रहा है। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों का कहना है कि अगर नगर निगम पहले ही बता देता कि सड़क रेलवे की है तो वह कोई दूसरा विकल्प तलाशते या फिर काम शुरू करने से पहले एनओसी लेते।
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तपेश्वरनाथ मंदिर वाली सड़क नगर निगम ने अपनी बताई थी। टेंडर कराकर जब काम शुरू किया गया तब पता चला कि सड़क रेलवे की है। अब केंद्र सरकार में पैरवी की जा रही है। बाकी सड़कों का काम 80 प्रतिशत से ज्यादा पूरा हो चुका है।- नारायण सिंह, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी
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नाथ कॉरिडोर के तहत सातों नाथ मंदिरों को जोड़ने के लिए सड़कों का चौड़ीकरण व सुंदरीकरण किया जाना था। इसी के तहत धोपेश्वरनाथ मंदिर से तपेश्वरनाथ मंदिर तक सड़क बननी थी। इसके लिए जब मार्च में खोदाई शुरू हुई तो पता चला कि सड़क रेलवे की है। रेलवे के अधिकारियों ने काम रुकवा दिया। इसके बाद पीडब्ल्यूडी ने मुरादाबाद डीआरएम से एनओसी मांगी। उन्होंने फाइल दिल्ली भेज दी। बताया कि केंद्र सरकार से अनुमति मिलेगी।
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मामला अटकने पर पीडब्ल्यूडी के दो सहायक इंजीनियरों को दिल्ली भेजा, लेकिन बात नहीं बनी। पीडब्ल्यूडी की तरफ से मामले को लेकर पत्राचार किया जा रहा है। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों का कहना है कि अगर नगर निगम पहले ही बता देता कि सड़क रेलवे की है तो वह कोई दूसरा विकल्प तलाशते या फिर काम शुरू करने से पहले एनओसी लेते।
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तपेश्वरनाथ मंदिर वाली सड़क नगर निगम ने अपनी बताई थी। टेंडर कराकर जब काम शुरू किया गया तब पता चला कि सड़क रेलवे की है। अब केंद्र सरकार में पैरवी की जा रही है। बाकी सड़कों का काम 80 प्रतिशत से ज्यादा पूरा हो चुका है।- नारायण सिंह, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी