{"_id":"67b3a41aa9184b38e109f9f2","slug":"names-of-hindus-added-to-the-job-cards-of-muslim-youth-pradhans-rights-seized-bareilly-news-c-4-lko1064-582883-2025-02-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: मुस्लिम युवकों के जॉब कार्ड में जोड़ा हिंदुओं का नाम, प्रधान के अधिकार सीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: मुस्लिम युवकों के जॉब कार्ड में जोड़ा हिंदुओं का नाम, प्रधान के अधिकार सीज
विज्ञापन
बरेली। कुम्हरा की ग्राम प्रधान ने मुस्लिम समुदाय के युवकों के जॉब कार्ड में हिंदू समुदाय के युवकों का नाम जोड़ दिया। उसके बाद तीन साल तक मनरेगा से हुए कार्यों का भुगतान उनके खाते में किया गया। इसकी शिकायत होने पर प्रधान के वित्तीय अधिकार सीज कर दिए गए। साथ ही उस अवधि में तैनात रहे ग्राम पंचायत सचिवों और ग्राम विकास अधिकारियों को भी दोषी माना गया है।
विकासखंड बिथरी चैनपुर के गांव कुम्हरा की प्रधान मंजू कुमारी हैं। गांव के ही अजय पाल, संजय आदि ने प्रधान के खिलाफ नियमों की अनदेखी करने, सरकारी धन हड़पने और शक्तियों का दुरुपयोग करने की शिकायत की थी। मामले की जांच जिला प्रोबेशन अधिकारी और डीआरडीए के सहायक अभियंता ने की। सोमवार को यह रिपोर्ट डीएम को सौंपी गई। जांच रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ कि ग्राम प्रधान की ओर से तीन मुस्लिम जॉब कार्ड धारकों के नाम पर हिंदू समुदाय के नाम जोड़कर मई 2021 से 10 जून 2024 तक मनरेगा का कार्य कराया गया। उसकी धनराशि भी खाते में ली गई। इस संबंध में ग्राम प्रधान ने स्पष्टीकरण भी नहीं दिया। रिपोर्ट में कहा गया कि ग्राम प्रधान की इस हरकत से 1,49,011 रुपये की धनराशि की क्षति हुई है। ग्राम प्रधान के साथ-साथ तत्कालीन सचिव छेदालाल, सचिव शालिनी वर्मा, अजय वंश और भगवान दास दोषी हैं। डीएम ने मामले का संज्ञान लेते हुए ग्राम प्रधान का वित्तीय अधिकार सीज कर दिया है। संवाद
विज्ञापन
विकासखंड बिथरी चैनपुर के गांव कुम्हरा की प्रधान मंजू कुमारी हैं। गांव के ही अजय पाल, संजय आदि ने प्रधान के खिलाफ नियमों की अनदेखी करने, सरकारी धन हड़पने और शक्तियों का दुरुपयोग करने की शिकायत की थी। मामले की जांच जिला प्रोबेशन अधिकारी और डीआरडीए के सहायक अभियंता ने की। सोमवार को यह रिपोर्ट डीएम को सौंपी गई। जांच रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ कि ग्राम प्रधान की ओर से तीन मुस्लिम जॉब कार्ड धारकों के नाम पर हिंदू समुदाय के नाम जोड़कर मई 2021 से 10 जून 2024 तक मनरेगा का कार्य कराया गया। उसकी धनराशि भी खाते में ली गई। इस संबंध में ग्राम प्रधान ने स्पष्टीकरण भी नहीं दिया। रिपोर्ट में कहा गया कि ग्राम प्रधान की इस हरकत से 1,49,011 रुपये की धनराशि की क्षति हुई है। ग्राम प्रधान के साथ-साथ तत्कालीन सचिव छेदालाल, सचिव शालिनी वर्मा, अजय वंश और भगवान दास दोषी हैं। डीएम ने मामले का संज्ञान लेते हुए ग्राम प्रधान का वित्तीय अधिकार सीज कर दिया है। संवाद
विज्ञापन