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नालों का हाल बेहाल, जनता परेशान
बरेली।
Updated Fri, 09 Jun 2017 01:29 AM IST
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Nalla's Behal, People Worried
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
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हार्टमैन पुल से नीचे उतरकर नर्सरी रोड पर बालाजी विहार कॉलोनी में एक किलोमीटर का नाला पूरी तरह भर चुका है। गंदा पानी घरों में घुस रहा है। खतरनाक तरीके से खुले नाले में जानवर और बच्चे गिर रहे हैं। कुछ दिन पहले नगर निगम कर्मचारी नाले की सफाई करने पहुंचे थे, लेकिन अधूरा नाला साफ करके लौट गए। स्थानीय लोगों ने आपत्ति जताई तो कर्मचारी उनसे झगड़ने लगे।
नर्सरी बालाजी विहार से नाला किला नदी में गया है। छह फीट गहरा नाला पांच फिट से ज्यादा कूड़े से भर चुका है। नाले में शास्त्री नगर, सिद्धार्थनगर, रामलीला, लक्ष्मीपुर, सैदपुर, अंबिका आवास का पानी गिरता है। एक किलोमीटर तक नाला गंदगी से पटा हुआ है। यहां बच्चाें के गिरने का खतरा है क्याेंकि नाला चारों तरफ से खुला है। इस गहरे नाले में ऊपर तक कूड़े में कोई गिर गया तो उसका बचना मुश्किल है। बावजूद इसके इसे साफ नहीं किया जा रहा है। यहां के लोगों ने बताया कि कुछ दिन पहले नगर निगम की जेसीबी नाला साफ करने आई थी, मात्र 20 मीटर नाला साफ किया और एक ट्राली सिल्ट निकालकर चलते बने, जबकि पूरा नाला भरा पड़ा है।
नाला भरने से घर में पानी भर गया है। इलाके में रहना तक मुश्किल है।
- चरन सिंह
नाले के बगल में मंदिर है, गंदगी की वजह से पूजा तक नहीं कर सकते हैं।
- सुरेश चंद्र शर्मा
आए दिन राहगीर और बच्चे नाले की बाउंड्री न होने से गिर जाते हैं।
- डॉ. रवि
एक भी सफाई कर्मी यहां नहीं आता है, खुद पैसे देकर साफ कराना पड़ता है।
- राममिलन
वंशीनगला में भी मुसीबत
वंशीनगला वार्ड की गली में राजेंद्र मौर्य से लेकर टीकाराम के घर तक जलभराव रहता है। गली की लंबाई करीब 120 मीटर की है। नगर निगम में दो बार शिकायत के बाद भी कोई सफाई करने नहीं आता है। स्थिति ये है कि पानी की वजह से संक्रामक बीमारियां तो फैलती ही हैं साथ ही मच्छर भी पैदा होते हैं। यहां रहने वाली सुषमा देवी, ममता, नीलम, प्रीति, माया, संजीव, पार्वती, मिथलेश, राजेश, कमलेश कश्यप व अन्य ने बताया कि नाली का पानी खाली प्लाटों में भी भर जाता है।
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नर्सरी बालाजी विहार से नाला किला नदी में गया है। छह फीट गहरा नाला पांच फिट से ज्यादा कूड़े से भर चुका है। नाले में शास्त्री नगर, सिद्धार्थनगर, रामलीला, लक्ष्मीपुर, सैदपुर, अंबिका आवास का पानी गिरता है। एक किलोमीटर तक नाला गंदगी से पटा हुआ है। यहां बच्चाें के गिरने का खतरा है क्याेंकि नाला चारों तरफ से खुला है। इस गहरे नाले में ऊपर तक कूड़े में कोई गिर गया तो उसका बचना मुश्किल है। बावजूद इसके इसे साफ नहीं किया जा रहा है। यहां के लोगों ने बताया कि कुछ दिन पहले नगर निगम की जेसीबी नाला साफ करने आई थी, मात्र 20 मीटर नाला साफ किया और एक ट्राली सिल्ट निकालकर चलते बने, जबकि पूरा नाला भरा पड़ा है।
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नाला भरने से घर में पानी भर गया है। इलाके में रहना तक मुश्किल है।
- चरन सिंह
नाले के बगल में मंदिर है, गंदगी की वजह से पूजा तक नहीं कर सकते हैं।
- सुरेश चंद्र शर्मा
आए दिन राहगीर और बच्चे नाले की बाउंड्री न होने से गिर जाते हैं।
- डॉ. रवि
एक भी सफाई कर्मी यहां नहीं आता है, खुद पैसे देकर साफ कराना पड़ता है।
- राममिलन
वंशीनगला में भी मुसीबत
वंशीनगला वार्ड की गली में राजेंद्र मौर्य से लेकर टीकाराम के घर तक जलभराव रहता है। गली की लंबाई करीब 120 मीटर की है। नगर निगम में दो बार शिकायत के बाद भी कोई सफाई करने नहीं आता है। स्थिति ये है कि पानी की वजह से संक्रामक बीमारियां तो फैलती ही हैं साथ ही मच्छर भी पैदा होते हैं। यहां रहने वाली सुषमा देवी, ममता, नीलम, प्रीति, माया, संजीव, पार्वती, मिथलेश, राजेश, कमलेश कश्यप व अन्य ने बताया कि नाली का पानी खाली प्लाटों में भी भर जाता है।
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