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नकटिया नदी प्रकरण: सैकड़ों क्विंटल मिट्टी डालने की खबर पर दौड़ी सिंचाई और बीडीए की टीम

Sun, 16 Feb 2020 10:27 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 16 Feb 2020 10:27 PM IST
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Irrigation and BDA team ran on news of dumping hundreds of quintals of soil in the river
नकटिया नदी - फोटो : अमर उजाला, बरेली
बरेली। डोहरा रोड पर नकटिया नदी में सैकड़ों क्विंटल मिट्टी डालने का मामला सामने आते छुट्टी के दिन संडे को सिंचाई विभाग और बीडीए की टीम मौके पर पहुंचकर मुआयना के लिए पहुंच गई। एसडीओ (सिंचाई) ने नदी के पास बाउंड्री का निर्माण कराने वाले को खुदाई से निकली मिट्टी को तत्काल हटाने के निर्देश दिए हैं। इधर, बीडीए की टीम ने भी मौके पर पहुंचकर निर्माणकर्ता को बीडीए से नक्शा पास कराए बगैर निर्माण कराने पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। गौरतलब है कि नकटिया पुल के पास कुछ किसानों ने तहसील प्रशासन को शिकायत की थी कि बाढ़ खंड और माफिया की सांठगांठ कर नदी की धारा मोड़ने के लिए उनके खेतों की खुदाई कर दी गई है। बाद में लेखपालों की रिपोर्ट पर प्रशासन ने किसानों को जमीन दिलाने के बजाय क्लीन चिट दे दी।
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नकटिया नदी पुल के पास कुछ काश्तकारों ने करीब दो महीने पहले तहसील के अधिकारियों से शिकायत कर बाढ़ खंड के स्टाफ पर माफिया से सांठगांठ कर उनके खेतों की खुदाई कर नदी की धार मोड़ने का आरोप लगाया था। इस शिकायत पर तहसीलदार आशुतोष गुप्ता ने टीम भेजकर जांच कराई थी। इसमें लेखपालों ने चंदपुर बिचपुरी के पीड़ित किसानों के खेतों की पैमाइश के बाद रिपोर्ट दी कि नदी का प्रवाह नहीं बदला गया है। किसानों ने इस जांच पर सवाल उठाते हुए डीएम नितीश कुमार से शिकायत की। उनका कहना है कि नदी का रुख नहीं बदला तो उनके खेतों का रकबा कैसे कम हो गया। उधर, राजस्व विभाग की क्लीन चिट मिलते ही नदी के पास निजी निर्माण शुरू हो गया है। निर्माण स्थल पर खुदाई से निकली सैकड़ों टन मिट्टी के ढेर नदी की धारा में डाले जा रहे हैं। जबकि बाढ़ खंड ने कुछ समय पहले ही लाखों रुपये खर्च कर नकटिया नदी की सफाई कराई थी। रविवार को सिंचाई विभाग के एसडीएम बाबूराम, सींचपाल ऋषिपाल ने मौके पर पहुंचकर नदी में मिट्टी फेंके जाने पर आपत्ति जताते हुए उसे तत्काल हटाने के निर्देश दिए है। एसडीओ का कहना है कि इस मामले में निर्माणकर्ता को सोमवार को नोटिस भी दिया जाएगा। इसके साथ रविवार को बीडीए सचिव अंबरीष कुमार ने इंजीनियर अजय गर्ग के नेतृत्व में टीम को भेजकर जांच कराई। टीम का कहना है कि नदी के पास मिट्टी फेंके जाने का मामला राजस्व विभाग से जुड़ा है लेकिन चूंकि निर्माणकर्ता अभी बाउंड्री करा रहा है लेकिन उसे चेतावनी बीडीए से नक्शा पास कराने के बाद ही यहां कोई निर्माण शुरू होगा।
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तहसील प्रशासन की टीम नए सिरे से जांच को तैयार
तहसील प्रशासन इस मामले की फिर से नए सिरे से जांच करने को तैयार हो गया है। नदी की धारा का रुख न बदलने की रिपोर्ट दे चुके तहसील प्रशासन की रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए किसानों ने डीएम नितीश कुमार को प्रार्थनापत्र दिया था कि सब सही है तो उनके खेतों का रकबा कहां है? तहसीलदार आशुतोष गुप्ता का कहना है कि किसान उनसे फिर मिल सकते हैं। इस बार और उच्चस्तरीय जांच कराई जाएगी।
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नदी के अंदर मिट्टी डालने की जानकारी के बाद टीम को मौके पर भेजा गया था। नदी के प्रवाह में कोई छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए। मैंने मातहतों को निगरानी के निर्देश दे दिए हैं। -राजीव कुमार, एक्सईएन, बाढ़ खंड
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