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गांधीपुरम हत्याकांड- जेल भिजवाने पर अड़ी थी आरती तो मारना पड़ा
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गांधीपुरम हत्याकांड- जेल भिजवाने पर अड़ी थी आरती तो मारना पड़ा
- फोटो : अमर उजाला, बरेली
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बरेली। गांधीपुरम में किराये के घर में पत्नी आरती की निर्ममता से हत्या करके भागने वाले शिक्षक धीरज रस्तोगी को प्रेमनगर पुलिस ने गुरुवार को जेल भेज दिया। धीरज ने गुस्से और शक की वजह से पत्नी की हत्या करना स्वीकारा। बोला, मारपीट के मामले में आरती उसे जेल भिजवाने पर अड़ी थी। उसने समझौते की पेशकश भी की थी। बेरहमी से काटने की बात पर उसने खामोशी साध ली।
प्रेमनगर पुलिस ने धीरज को बुधवार को ही रुद्रपुर से पकड़ लिया था। पुलिस ने कुदेशिया फाटक के पास से उसकी गिरफ्तारी दिखाई। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने वो चाकू बरामद दिखाया जिससे आरती की नसें और गला काटा गया था। जेल भेजने से पहले आरोपी ने बताया कि आरती से शादी करके वो पछता रहा था। वह काफी तेज स्वभाव की महिला थी। उसकी कुछ नहीं सुनती थी बल्कि उसी पर हावी हो जाती थी। बताया कि मारपीट के मामले में आरती ने उसके खिलाफ रिपोर्ट करा दी थी। वो समझौता करना चाहता था पर पत्नी पुलिस और वकीलों से संपर्क करके उसे जेल भिजवाने पर अड़ी थी। उसे पत्नी पर शक भी था। घटना की रात दोनों में इसी समझौते को लेकर बात हो रही थी। उसने लिखित माफी का वादा करके समझौते की पेशकश की पर आरती बिगड़ गई। उसे लगा कि आरती ने शोर मचाने की कोशिश कर उसे नए मामले में फंसाने का प्लान बना रखा था। तब उसे आरती पर गुस्सा आ गया और हाथों से ही उसका गला दबाकर हत्या कर दी। वह जीवित न रह जाए, इसलिए रसोई से चाकू लाकर उसका गला और नसें काट दीं।
आरोपी को खामोशी से भेजा जेल
आमतौर पर पुलिस शराब और अफीम पकड़ने पर भी प्रेसवार्ता करती है पर इस मामले में उसने आरोपी को खामोशी से जेल भेज दिया। माना जा रहा है कि सत्संगी दंपती हत्याकांड के खुलासे से सबक लेकर ये किया गया। वहां पुलिस ने प्रेसनोट में आरोपी ऑटो ड्राइवर से मृतका के संबंधों का उल्लेख किया था जिस पर काफी बवाल हुआ था। इस बार भी धीरज या उसके हवाले से पुलिस को इस तरह की बात निकलने का डर था। पत्नी के कहने पर पहले आरोपी को कुछ स्थानीय लड़कों ने पीटा भी था, ये राज भी खुलने का डर था। इसीलिए आरोपी को खामोशी से जेल भेज दिया गया।
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प्रेमनगर पुलिस ने धीरज को बुधवार को ही रुद्रपुर से पकड़ लिया था। पुलिस ने कुदेशिया फाटक के पास से उसकी गिरफ्तारी दिखाई। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने वो चाकू बरामद दिखाया जिससे आरती की नसें और गला काटा गया था। जेल भेजने से पहले आरोपी ने बताया कि आरती से शादी करके वो पछता रहा था। वह काफी तेज स्वभाव की महिला थी। उसकी कुछ नहीं सुनती थी बल्कि उसी पर हावी हो जाती थी। बताया कि मारपीट के मामले में आरती ने उसके खिलाफ रिपोर्ट करा दी थी। वो समझौता करना चाहता था पर पत्नी पुलिस और वकीलों से संपर्क करके उसे जेल भिजवाने पर अड़ी थी। उसे पत्नी पर शक भी था। घटना की रात दोनों में इसी समझौते को लेकर बात हो रही थी। उसने लिखित माफी का वादा करके समझौते की पेशकश की पर आरती बिगड़ गई। उसे लगा कि आरती ने शोर मचाने की कोशिश कर उसे नए मामले में फंसाने का प्लान बना रखा था। तब उसे आरती पर गुस्सा आ गया और हाथों से ही उसका गला दबाकर हत्या कर दी। वह जीवित न रह जाए, इसलिए रसोई से चाकू लाकर उसका गला और नसें काट दीं।
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आरोपी को खामोशी से भेजा जेल
आमतौर पर पुलिस शराब और अफीम पकड़ने पर भी प्रेसवार्ता करती है पर इस मामले में उसने आरोपी को खामोशी से जेल भेज दिया। माना जा रहा है कि सत्संगी दंपती हत्याकांड के खुलासे से सबक लेकर ये किया गया। वहां पुलिस ने प्रेसनोट में आरोपी ऑटो ड्राइवर से मृतका के संबंधों का उल्लेख किया था जिस पर काफी बवाल हुआ था। इस बार भी धीरज या उसके हवाले से पुलिस को इस तरह की बात निकलने का डर था। पत्नी के कहने पर पहले आरोपी को कुछ स्थानीय लड़कों ने पीटा भी था, ये राज भी खुलने का डर था। इसीलिए आरोपी को खामोशी से जेल भेज दिया गया।
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