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पॉल साहब फिर गुस्से में....
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बरेली। नगर आयुक्त सैमुअल पॉल एन. शनिवार को अचानक ही नगर निगम परिसर के विभिन्न कार्यालयों में निरीक्षण को पहुंचे तो तमाम खामियां सामने आईं। वह जहां भी गए कोई न कोई गड़बड़ी मिली। कहीं कबाड़ वाहन खड़े थे तो कहीं कूड़े के ढेर लगे थे। निर्माण विभाग में ठेकेदार फाइल लिए घूम रहा था। इसके चलते नगर आयुक्त ने प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी संजीव प्रधान समेत दो लोगों का वेतन रोका है। निर्माण विभाग के बाबू को सस्पेंड किया है और एक महिला कर्मचारी की वेतन वृद्धि रोकी है। साथ ही आउटसोर्सिंग की महिलाकर्मी को नौकरी से हटाया गया है।
शनिवार दोपहर करीब दो बजे नगर आयुक्त अचानक ही निगम परिसर में निरीक्षण को निकले तो तमाम खामियां सामने आईं। लेखा विभाग की दीवारों पर दुकानदारों की बिजली की वायरिंग उखड़ी पड़ी थी। इस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए प्रकाश अधीक्षक जितेंद्र उपाध्याय को इसे तुरंत दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। टैक्स विभाग के कंप्यूटर कक्ष में पहुंचे तो वहां गंदगी देख नगर आयुक्त ने अनुचर जितेंद्र का वेतन रोकने के निर्देश दिए। इसी दौरान एक थैले में वहां सब्जी रखी मिली। उसके बारे में पूछा तो विमलेश नाम की महिलाकर्मी ने बताया, घर ले जाने के लिए लाए थे। नगर आयुक्त ने विमलेश की एक वेतनवृद्धि रोक दी है। इसके बाद वह जलकल और निर्माण विभाग में निरीक्षण को पहुंचे। निर्माण विभाग में गुलजार नाम का ठेकेदार कुटेशन पर होने वाले काम की फाइल लिए घूम रहा था। नगर आयुक्त को देख उसने यह फाइल आउटसोर्सिंग कर्मचारी को दे दी। यह देखकर नगर आयुक्त ने उस फाइल की देखरेख करने वाले बाबू ध्रुव कुमार चौबे को सस्पेंड कर दिया। ठेकेदार गुलजार का रजिस्ट्रेशन निरस्त करके उसे ब्लैक लिस्ट करा दिया। वहीं, आउटसोर्सिंग महिला कर्मचारी को हटा दिया। यहां नगर आयुक्त ने ई-टेंडरिंग में लेटलतीफी होने पर भी नाराजगी जताते हुए ऑपरेटर सुलेमान का पटल बदल दिया। निगम परिसर में कबाड़ ई-रिक्शा खड़े मिलने पर प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी संजीव प्रधान का भी वेतन रोका गया है।
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शनिवार दोपहर करीब दो बजे नगर आयुक्त अचानक ही निगम परिसर में निरीक्षण को निकले तो तमाम खामियां सामने आईं। लेखा विभाग की दीवारों पर दुकानदारों की बिजली की वायरिंग उखड़ी पड़ी थी। इस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए प्रकाश अधीक्षक जितेंद्र उपाध्याय को इसे तुरंत दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। टैक्स विभाग के कंप्यूटर कक्ष में पहुंचे तो वहां गंदगी देख नगर आयुक्त ने अनुचर जितेंद्र का वेतन रोकने के निर्देश दिए। इसी दौरान एक थैले में वहां सब्जी रखी मिली। उसके बारे में पूछा तो विमलेश नाम की महिलाकर्मी ने बताया, घर ले जाने के लिए लाए थे। नगर आयुक्त ने विमलेश की एक वेतनवृद्धि रोक दी है। इसके बाद वह जलकल और निर्माण विभाग में निरीक्षण को पहुंचे। निर्माण विभाग में गुलजार नाम का ठेकेदार कुटेशन पर होने वाले काम की फाइल लिए घूम रहा था। नगर आयुक्त को देख उसने यह फाइल आउटसोर्सिंग कर्मचारी को दे दी। यह देखकर नगर आयुक्त ने उस फाइल की देखरेख करने वाले बाबू ध्रुव कुमार चौबे को सस्पेंड कर दिया। ठेकेदार गुलजार का रजिस्ट्रेशन निरस्त करके उसे ब्लैक लिस्ट करा दिया। वहीं, आउटसोर्सिंग महिला कर्मचारी को हटा दिया। यहां नगर आयुक्त ने ई-टेंडरिंग में लेटलतीफी होने पर भी नाराजगी जताते हुए ऑपरेटर सुलेमान का पटल बदल दिया। निगम परिसर में कबाड़ ई-रिक्शा खड़े मिलने पर प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी संजीव प्रधान का भी वेतन रोका गया है।
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