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आल इंडिया मुशायरा-कवि सम्मेलन 18 को
बरेली
Updated Sun, 11 Jan 2015 01:17 AM IST
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मारिया डे और प्रो. वसीम बरेलवी के सहयोग से बरेली कॉलेज में 18 जनवरी को आल इंडिया मुशायरा-कवि सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। आयोजन बरेली कॉलेज के हाकी ग्राउंड में होगा। बरेली कालेज सेमिनार रूम में हुई प्रेस कांफ्रेंस में प्रो. वसीम बरेलवी ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि इसमें राहत इंदौरी, मंजर भोपाली, ताहिर फराज, नवाज़ देवबंदी, इकबाल असहर, मजीद देवबंदी, पापुलर मेरठी, नईम अख्तर, जौहर कानपुरी, शबीना अदीब, मंसूर उस्मानी, अकील सना आदि शायर और डॉ. सुरेश अवस्थी, डॉ. कुंवर बेचैन, डा. सरिता शर्मा, सुनील जोगी जैसे नामी कवि कविताएं पढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि बरेली के अदबी माहौल में ये लोगों को आवाज देने आ रहे हैं। यहां पर जज्बातों को एकराम करने का माहौल रहा है, लेकिन लंबे समय से ऐसे आयोजन नहीं हो पाए थे। लोगों को इसकी कमी खल रही थी। इसलिए, फिर से एक शुरुआत हो रही है। कविता, साहित्य और शायरी का ही अकेला ऐसा मंच होता है, जहां पर इंसानी जज़्बे के साथ लोग जमा होते हैं। प्राचार्य डॉ. सोमेश यादव ने बताया कि पहले गंगा-जमुनी मुशायरा होता था। लेकिन, अब लंबे समय से नहीं हुआ है। कॉलेज में ऐसी गतिविधियां होने से कॉलेज का माहौल भी सकारात्मक होता है। इस मौके पर हाजी शकील कुरैशी भी मौजूद रहे।
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उन्होंने बताया कि इसमें राहत इंदौरी, मंजर भोपाली, ताहिर फराज, नवाज़ देवबंदी, इकबाल असहर, मजीद देवबंदी, पापुलर मेरठी, नईम अख्तर, जौहर कानपुरी, शबीना अदीब, मंसूर उस्मानी, अकील सना आदि शायर और डॉ. सुरेश अवस्थी, डॉ. कुंवर बेचैन, डा. सरिता शर्मा, सुनील जोगी जैसे नामी कवि कविताएं पढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि बरेली के अदबी माहौल में ये लोगों को आवाज देने आ रहे हैं। यहां पर जज्बातों को एकराम करने का माहौल रहा है, लेकिन लंबे समय से ऐसे आयोजन नहीं हो पाए थे। लोगों को इसकी कमी खल रही थी। इसलिए, फिर से एक शुरुआत हो रही है। कविता, साहित्य और शायरी का ही अकेला ऐसा मंच होता है, जहां पर इंसानी जज़्बे के साथ लोग जमा होते हैं। प्राचार्य डॉ. सोमेश यादव ने बताया कि पहले गंगा-जमुनी मुशायरा होता था। लेकिन, अब लंबे समय से नहीं हुआ है। कॉलेज में ऐसी गतिविधियां होने से कॉलेज का माहौल भी सकारात्मक होता है। इस मौके पर हाजी शकील कुरैशी भी मौजूद रहे।
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