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Bareilly News: गैर इरादतन नहीं, हत्या में ही तरमीम होगा टीटीई के खिलाफ मुकदमा
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बरेली। फौजी सोनू की मृत्यु के बाद टीटीई के खिलाफ दर्ज हत्या की कोशिश के मुकदमे को गैर इरादतन नहीं बल्कि हत्या की धारा में तरमीम किया जाएगा। इसकी कानूनी प्रक्रिया के तहत जीआरपी इंस्पेक्टर ने जानकारी दी।
टीटीई के चलती ट्रेन से धक्का देने पर गंभीर रूप से घायल फौजी 31 वर्षीय सोनू सिंह की बुधवार को इलाज के दौरान मृत्यु हो गई थी। फौजी की मृत्यु के बाद यह बात सामने आई कि मामले को गैर इरादतन हत्या में तरमीम किया जाएगा। अब जीआरपी इंस्पेक्टर विनोद कुमार का कहना है कि हत्या के प्रयास में दर्ज रिपोर्ट को हत्या में ही तरमीम किया जाएगा। बता दें कि 17 नवंबर को सुबह नौ बजे डिब्रूगढ़-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस में चढ़ते समय टीटीई कुपन बोरे के धक्का देने से राजपूताना राइफल्स रेजिमेंट किशनगढ़ राजस्थान की यूनिट 24 के फौजी सोनू सिंह का एक पैर कट गया और दूसरा बुरी तरह कुचल गया था। उनका यहां सैन्य अस्पताल में इलाज चल रहा था। घटना के बाद से उन्हें होश नहीं आया था। डॉक्टरों ने तीन सर्जरी कीं, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। लिहाजा सोमवार को उनका दूसरा पैर भी काटना पड़ा। बुधवार शाम पौने चार बजे सोनू ने दम तोड़ दिया।
क्या कहता है कानून
दरअसल, 17 नवंबर को टीटीई के फौजी को धक्का देने के मामले में सेना के सूबेदार की ओर से हत्या के प्रयास और अंगभंग की धारा में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। कानूनी प्रक्रिया के तहत हत्या के प्रयास का मुकदमा गैर इरादतन हत्या में तरमीम नहीं हो सकता है। हत्या के प्रयास में यह साफ होता है कि आरोपी ने जानबूझकर हत्या करने की कोशिश की थी, जिसमें वह नाकाम रहा। उस दशा में आईं चोटों से अगर पीड़ित की मौत होती है तो मामला हत्या का बनता है। पहले की रिपोर्ट यदि 308 के तहत दर्ज होती तो मुकदमा गैर इरादतन हत्या में दर्ज किया जाता।
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गिरफ्तारी के लिए गुवाहाटी और दिल्ली गई टीम
आरोपी टीटीई की कुपन बोरे की गिरफ्तारी के लिए जीआरपी ने तीन टीमें गठित कर दी गई है। इनमें एक टीम इंस्पेक्टर जीआरपी विनोद कुमार के नेतृत्व में देर रात गुवाहाटी और एक टीम एसएसआई सुधीर सिंह के नेतृत्व में दिल्ली गई है। एक टीम इंस्पेक्टर क्राइम अजीत प्रताप सिंह के नेतृत्व में बरेली में ही लगी है। जीआरपी की टीम सर्विलांस के माध्यम से आरोपी की लोकेशन ट्रैस करने का प्रयास कर रही है।
पोस्टमार्टम के बाद परिवार के सुपुर्द किया शव
बृहस्पतिवार को फौजी सोनू सिंह के शव का डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम के बाद जीआरपी ने शव परिवार के सुपुर्द कर दिया। सोनू सिंह के भाई सीआरपीएफ में तैनात जितेंद्र कुमार सिंह ने जीआरपी इंस्पेक्टर से कहा कि उनके भाई की मृत्यु के जिम्मेदारों को सजा जरूर दिलाएं।
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टीटीई के चलती ट्रेन से धक्का देने पर गंभीर रूप से घायल फौजी 31 वर्षीय सोनू सिंह की बुधवार को इलाज के दौरान मृत्यु हो गई थी। फौजी की मृत्यु के बाद यह बात सामने आई कि मामले को गैर इरादतन हत्या में तरमीम किया जाएगा। अब जीआरपी इंस्पेक्टर विनोद कुमार का कहना है कि हत्या के प्रयास में दर्ज रिपोर्ट को हत्या में ही तरमीम किया जाएगा। बता दें कि 17 नवंबर को सुबह नौ बजे डिब्रूगढ़-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस में चढ़ते समय टीटीई कुपन बोरे के धक्का देने से राजपूताना राइफल्स रेजिमेंट किशनगढ़ राजस्थान की यूनिट 24 के फौजी सोनू सिंह का एक पैर कट गया और दूसरा बुरी तरह कुचल गया था। उनका यहां सैन्य अस्पताल में इलाज चल रहा था। घटना के बाद से उन्हें होश नहीं आया था। डॉक्टरों ने तीन सर्जरी कीं, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। लिहाजा सोमवार को उनका दूसरा पैर भी काटना पड़ा। बुधवार शाम पौने चार बजे सोनू ने दम तोड़ दिया।
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क्या कहता है कानून
दरअसल, 17 नवंबर को टीटीई के फौजी को धक्का देने के मामले में सेना के सूबेदार की ओर से हत्या के प्रयास और अंगभंग की धारा में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। कानूनी प्रक्रिया के तहत हत्या के प्रयास का मुकदमा गैर इरादतन हत्या में तरमीम नहीं हो सकता है। हत्या के प्रयास में यह साफ होता है कि आरोपी ने जानबूझकर हत्या करने की कोशिश की थी, जिसमें वह नाकाम रहा। उस दशा में आईं चोटों से अगर पीड़ित की मौत होती है तो मामला हत्या का बनता है। पहले की रिपोर्ट यदि 308 के तहत दर्ज होती तो मुकदमा गैर इरादतन हत्या में दर्ज किया जाता।
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गिरफ्तारी के लिए गुवाहाटी और दिल्ली गई टीम
आरोपी टीटीई की कुपन बोरे की गिरफ्तारी के लिए जीआरपी ने तीन टीमें गठित कर दी गई है। इनमें एक टीम इंस्पेक्टर जीआरपी विनोद कुमार के नेतृत्व में देर रात गुवाहाटी और एक टीम एसएसआई सुधीर सिंह के नेतृत्व में दिल्ली गई है। एक टीम इंस्पेक्टर क्राइम अजीत प्रताप सिंह के नेतृत्व में बरेली में ही लगी है। जीआरपी की टीम सर्विलांस के माध्यम से आरोपी की लोकेशन ट्रैस करने का प्रयास कर रही है।
पोस्टमार्टम के बाद परिवार के सुपुर्द किया शव
बृहस्पतिवार को फौजी सोनू सिंह के शव का डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम के बाद जीआरपी ने शव परिवार के सुपुर्द कर दिया। सोनू सिंह के भाई सीआरपीएफ में तैनात जितेंद्र कुमार सिंह ने जीआरपी इंस्पेक्टर से कहा कि उनके भाई की मृत्यु के जिम्मेदारों को सजा जरूर दिलाएं।