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होटलों ओर मदरसों के मुसाफिरखानों में तलाशे गए कमलेश के हत्यारे, सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले
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शाहजहांपुर। लखनऊ के कमलेश तिवारी हत्याकांड के संदिग्ध हत्यारों के शाहजहांपुर में देखे जाने के बाद जनपद में प्रमुख सुरक्षा एजेंसियाें ने डेरा डाल दिया है। सोमवार को एसटीएफ और पुलिस की टीमों ने रेलवे स्टेशन से लेकर रोडवेज तक के विभिन्न प्रतिष्ठानों पर लगे कैमरों के सीसीटीवी फुटेज को खंगाला। शहर भर के होटलों और मदरसों के मुसाफिरखानों में छापामारी की। इसके अलावा गोपनीय ढंग से पूरे जनपद की नाकाबंदी भी की गई। सभी सार्वजनिक स्थानों पर चेकिंग के साथ खुफिया तौर पर हर संदिग्ध की गतिविधि पर नजर रखी गई।
बताया जाता है कि कमलेश तिवारी के संदिग्ध हत्यारे रविवार देर रात करीब 12 बजे इनोवा कार में रेलवे स्टेशन के सामने मुख्य गेट के पास पहुंचे। उन्होंनेे इनोवा स्टेशन गेट पर ही छोड़ दी और पैदल रोडवेज की तरफ चले गए। संदिग्ध हत्यारों के शाहजहांपुर आने का पता चलते ही रात करीब दो बजे लखनऊ एसटीएफ भी यहां पहुंच गई। एसटीएफ टीम इनोवा ड्राइवर को हिरासत में लेकर होटल पैराडाइज गई और करीब दो घंटे वहां मौजूद रहकर स्टेशन रोड की ओर लगे कैमरों के सीसीटीवी फुटेज खंगाला। फुटेज में दो संदिग्ध हत्यारे नजर आ रहे हैं। ये दोनों युवक वही बताए जाते हैं जो वारदात के बाद लखनऊ के एक होटल में लगे कैमरे के सीसीटीवी फुटेज में दिखे थे। इनोवा ड्राइवर ने फुटेज देखकर उन्हीं युवकों के होने की पुष्टि की। इसके बाद रेलवे स्टेशन से लेकर रोडवेज तक लगे सीसीटीवी के फुटेज देखे गए। हालांकि होटल पैराडाइज को छोड़कर दूसरे स्थानों पर लगे कैमरों के सीसीटीवी फुटेज में संदिग्ध हत्यारे दिखाई नहीं दिए।
उधर, संदिग्ध हत्यारों की घेराबंदी के लिए एसटीएफ अफसरों ने शाहजहांपुर के पुलिस अधिकारियों को मामले की जानकारी दी। यह सुनकर पुलिस अफसरों में खलबली मच गई। पुलिस अधिकारी अपनी टीमों के साथ स्टेशन रोड पहुंचे। एसटीएफ ने पुलिस के साथ स्टेशन रोड स्थित होटल क्लासिक, लक्ष्मी, ईगल, दुर्गा, आशियाना गेस्ट हाउस समेत शहर के तमाम होटलों और मदरसों के मुसाफिरखाने के हर एक कमरे को खंगाला। रेलवे स्टेशन और रोडवेज पर कैमरों के फुटेज देखने के साथ ही संदिग्ध लोगों की तलाश ली गई। छापामारी और तलाशी अभियान देर शाम तक चलता रहा।
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एसटीएफ ने कब्जे में ली सीसीटीवी फुटेज
एसटीएफ ने कुछ जगह के सीसीटीवी फुटेज अपने कब्जे में ले ली है। सोमवार को सदर कोतवाली पुलिस ने रोडवेज के कंट्रोल रूम में बैठकर सीसीटीवी फुटेज देखा जिसे पेन ड्राइव में डाउन लोड किया गया। इसे एसटीएफ ने बाद में अपने कब्जे में ले लिया।
समूचे जिले की गोपनीय नाकाबंदी
कमलेश तिवारी के संदिग्ध हत्यारों के जनपद में आने की सूचना पर पुलिस ने पूरे जनपद में गोपनीय ढंग से नाकाबंदी भी की। शहर से लेकर देहात तक लक्जरी कारों और रोडवेज बसों में चेकिंग की गई। विशेष निगाह लखीमपुर, पीलीभीत की ओर जाने वाले वाहनों पर रही।
समूचे शहर में चर्चा, अफसर खामोश
कमलेश तिवारी हत्याकांड के संदिग्ध कातिलों के जनपद में आने और लखनऊ एसटीएफ की छापामार कार्रवाई की चर्चा पूरे जिले में चलती रही। हालांकि पुलिस महकमा इस संदर्भ में कोई भी जानकारी देने से बचता रहा। एसटीएफ भी मीडिया से दूरी बनाए रहा। बताया जाता है कि इस पूरे आपरेशन को लखनऊ में बैठे पुलिस के आला अधिकारी खुद संचालित कर रहे हैं। इसके चलते इसमें विशेष गोपनीयता बरती जा रही है।
25-30 साल के हैं संदिग्ध हत्यारे
सीसीटीवी फुटेज में दिखे संदिग्ध हत्यारों में एक काले रंग की हाफ टी-शर्ट व जींस पहने है। दूसरा पैंट व शर्ट पहने है जिसका कलर खाकी जैसा लग रहा है। दोनों पीठ पर पिट्ठूू बैग लटकाए हैं। उनकी उम्र 25 से 30 साल के बीच मालूम पड़ रही है।
नेपाल भागने की फिराक में थे हत्यारे
शाहजहांपुर। पुलिस सूत्रों के अनुसार कमलेश तिवारी के संदिग्ध हत्यारे नेपाल भागने की फिराक में थे। वह पलिया से इनोवा कार में गौरीफंटा नेपाल बार्डर गए। मगर उनके नेपाल बार्डर पर पहुंचने तक उधर से वाहनों की आवाजाही बंद हो चुकी थी। इसके बाद इनोवा को गौरीफंटा से लौटाकर शाहजहांपुर लाया गया और यहां आने के बाद दोनों संदिग्ध रेलवे स्टेशन के सामने उतर गए। इसके बाद इनोवा को वापस कर दिया। रात में इनोवा का चालक खाना खाने के लिए खुटार में मैलानी मार्ग स्थित एक ढाबे पर रुका। सूत्रों के अनुसार इनोवा के ढाबे पर पहुंचने के कुछ ही देर बाद वहां खुटार पुलिस ने छापा मारकर चालक को दबोच लिया। पुलिस चालक और इनोवा अपने साथ खुटार थाने ले गई। वहां पूछताछ के बाद चालक को एसटीएफ अपने साथ ले गई। वाहन चालक लखीमपुर के पलिया थाना क्षेत्र के एक गांव का निवासी बताया जाता है।
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बताया जाता है कि कमलेश तिवारी के संदिग्ध हत्यारे रविवार देर रात करीब 12 बजे इनोवा कार में रेलवे स्टेशन के सामने मुख्य गेट के पास पहुंचे। उन्होंनेे इनोवा स्टेशन गेट पर ही छोड़ दी और पैदल रोडवेज की तरफ चले गए। संदिग्ध हत्यारों के शाहजहांपुर आने का पता चलते ही रात करीब दो बजे लखनऊ एसटीएफ भी यहां पहुंच गई। एसटीएफ टीम इनोवा ड्राइवर को हिरासत में लेकर होटल पैराडाइज गई और करीब दो घंटे वहां मौजूद रहकर स्टेशन रोड की ओर लगे कैमरों के सीसीटीवी फुटेज खंगाला। फुटेज में दो संदिग्ध हत्यारे नजर आ रहे हैं। ये दोनों युवक वही बताए जाते हैं जो वारदात के बाद लखनऊ के एक होटल में लगे कैमरे के सीसीटीवी फुटेज में दिखे थे। इनोवा ड्राइवर ने फुटेज देखकर उन्हीं युवकों के होने की पुष्टि की। इसके बाद रेलवे स्टेशन से लेकर रोडवेज तक लगे सीसीटीवी के फुटेज देखे गए। हालांकि होटल पैराडाइज को छोड़कर दूसरे स्थानों पर लगे कैमरों के सीसीटीवी फुटेज में संदिग्ध हत्यारे दिखाई नहीं दिए।
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उधर, संदिग्ध हत्यारों की घेराबंदी के लिए एसटीएफ अफसरों ने शाहजहांपुर के पुलिस अधिकारियों को मामले की जानकारी दी। यह सुनकर पुलिस अफसरों में खलबली मच गई। पुलिस अधिकारी अपनी टीमों के साथ स्टेशन रोड पहुंचे। एसटीएफ ने पुलिस के साथ स्टेशन रोड स्थित होटल क्लासिक, लक्ष्मी, ईगल, दुर्गा, आशियाना गेस्ट हाउस समेत शहर के तमाम होटलों और मदरसों के मुसाफिरखाने के हर एक कमरे को खंगाला। रेलवे स्टेशन और रोडवेज पर कैमरों के फुटेज देखने के साथ ही संदिग्ध लोगों की तलाश ली गई। छापामारी और तलाशी अभियान देर शाम तक चलता रहा।
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एसटीएफ ने कब्जे में ली सीसीटीवी फुटेज
एसटीएफ ने कुछ जगह के सीसीटीवी फुटेज अपने कब्जे में ले ली है। सोमवार को सदर कोतवाली पुलिस ने रोडवेज के कंट्रोल रूम में बैठकर सीसीटीवी फुटेज देखा जिसे पेन ड्राइव में डाउन लोड किया गया। इसे एसटीएफ ने बाद में अपने कब्जे में ले लिया।
समूचे जिले की गोपनीय नाकाबंदी
कमलेश तिवारी के संदिग्ध हत्यारों के जनपद में आने की सूचना पर पुलिस ने पूरे जनपद में गोपनीय ढंग से नाकाबंदी भी की। शहर से लेकर देहात तक लक्जरी कारों और रोडवेज बसों में चेकिंग की गई। विशेष निगाह लखीमपुर, पीलीभीत की ओर जाने वाले वाहनों पर रही।
समूचे शहर में चर्चा, अफसर खामोश
कमलेश तिवारी हत्याकांड के संदिग्ध कातिलों के जनपद में आने और लखनऊ एसटीएफ की छापामार कार्रवाई की चर्चा पूरे जिले में चलती रही। हालांकि पुलिस महकमा इस संदर्भ में कोई भी जानकारी देने से बचता रहा। एसटीएफ भी मीडिया से दूरी बनाए रहा। बताया जाता है कि इस पूरे आपरेशन को लखनऊ में बैठे पुलिस के आला अधिकारी खुद संचालित कर रहे हैं। इसके चलते इसमें विशेष गोपनीयता बरती जा रही है।
25-30 साल के हैं संदिग्ध हत्यारे
सीसीटीवी फुटेज में दिखे संदिग्ध हत्यारों में एक काले रंग की हाफ टी-शर्ट व जींस पहने है। दूसरा पैंट व शर्ट पहने है जिसका कलर खाकी जैसा लग रहा है। दोनों पीठ पर पिट्ठूू बैग लटकाए हैं। उनकी उम्र 25 से 30 साल के बीच मालूम पड़ रही है।
नेपाल भागने की फिराक में थे हत्यारे
शाहजहांपुर। पुलिस सूत्रों के अनुसार कमलेश तिवारी के संदिग्ध हत्यारे नेपाल भागने की फिराक में थे। वह पलिया से इनोवा कार में गौरीफंटा नेपाल बार्डर गए। मगर उनके नेपाल बार्डर पर पहुंचने तक उधर से वाहनों की आवाजाही बंद हो चुकी थी। इसके बाद इनोवा को गौरीफंटा से लौटाकर शाहजहांपुर लाया गया और यहां आने के बाद दोनों संदिग्ध रेलवे स्टेशन के सामने उतर गए। इसके बाद इनोवा को वापस कर दिया। रात में इनोवा का चालक खाना खाने के लिए खुटार में मैलानी मार्ग स्थित एक ढाबे पर रुका। सूत्रों के अनुसार इनोवा के ढाबे पर पहुंचने के कुछ ही देर बाद वहां खुटार पुलिस ने छापा मारकर चालक को दबोच लिया। पुलिस चालक और इनोवा अपने साथ खुटार थाने ले गई। वहां पूछताछ के बाद चालक को एसटीएफ अपने साथ ले गई। वाहन चालक लखीमपुर के पलिया थाना क्षेत्र के एक गांव का निवासी बताया जाता है।