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नगर निगम बोर्ड की बैठक

Thu, 08 Sep 2022 01:48 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 08 Sep 2022 01:48 AM IST
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municipal board meeting
नगर निगम की बोर्ड की बैठक में पार्षदों ने हंगामा किया तो मेयर ने कराया शांत - अमर उजाला
बरेली। नगर निगम बोर्ड की बुधवार को हुई बैठक पर शुरू से आखिर तक चुनावी रंग चढ़ा नजर आया। पार्षदों ने भ्रष्टाचार और जनता की सुविधाओं और समस्याओं की अनदेखी पर गंभीर सवाल उठाए। यूजर चार्ज के डेढ़ करोड़ के गबन के मामले में दोषियों पर कार्रवाई न होने पर धरने पर बैठ गए। 187 टेंडरों के मंजूर न होने के साथ शहर की दुर्गति कर दिए जाने का मुद्दा उठा तो आननफानन शहर के हर वार्ड में दस लाख की धनराशि से काम कराने की घोषणा कर दी गई।
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मेयर उमेश गौतम की अध्यक्षता में हुई बैठक में शुरू से ही पार्षदों ने काफी तीखे तेवर दिखाए। यूजर चार्ज की रकम में हुए घोटाले पर परदा डालने की कोशिशों के आरोप लगे तो अफसरों ने सफाई दी कि इस प्रकरण की जांच चल रही है और रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी। पार्षद हंगामा करते हुए धरने पर बैठ गए। काफी देर बहस के बाद यह मामला शांत हुआ तो पार्षदों ने जरूरी विकास कार्य न होने की वजह से शहर की दुर्गति हो जाने की मुद्दे पर हंगामा शुरू किया।
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पार्षदों ने कहा कि लंबे समय से 187 कामों के टेंडर नहीं हो पाए हैं। जनता दिक्कतों से कदम-कदम पर जूझ रही है। इस पर शहर के सभी वार्डों में दस-दस लाख रुपये के काम कराने का प्रस्ताव रख दिया गया। पार्षदों ने यह प्रस्ताव पास तो कर दिया लेकिन सवाल भी उठाए कि जब पहले से स्वीकृत काम ही नहीं हो रहे हैं तो वार्डों में दस लाख के काम कराने की गारंटी कौन देगा।
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भ्रष्टाचार : आरोपों की बरसात, जवाब देते नहीं बना
यूजर चार्ज घोटाला
पार्षद दल के नेता राजेश अग्रवाल ने कहा कि डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के नाम पर हुए घोटाले में जिम्मेदारों पर सख्त और त्वरित कार्रवाई होनी चाहिए।
विज्ञापन के नियम
पार्षदों ने कहा कि विज्ञापन के नियम हर महीने बदले जा रहे हैं। एकमुश्त योजना के तहत वसूली की जानी थी लेकिन किस्तों में काम चलाने से अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध है।
महिला सीवरकर्मी
राजेश अग्रवाल ने मृतक आश्रितों को नौकरी देने में हुए घपलों पर जवाब मांगा। कहा, महिलाओं को सीवर कर्मचारी बना दिया गया है। वे कैसे सीवर में उतरकर सफाई करेंगी। भर्ती में पारदर्शिता नहीं बरती गई।
सरकारी अतिक्रमण
यह भी आरोप लगा कि स्मार्ट सिटी बनाने की आड़ में सरकारी अतिक्रमण किया जा रहा है। जगह-जगह टाइल्स लग रही हैं। कहीं भी जगह नहीं छोड़ी जा रही है।
स्ट्रीट लाइट
पार्षदों ने कहा कि खंभों पर लाइटें नहीं हैं। पार्षदों से कुछ पूछा तक नहीं जाता। तय हुआ कि निर्माण विभाग के इंजीनियर जांच करेंगे। स्विच मैन को पार्षदों से प्रमाणपत्र लिखवाना होगा।
हाउस टैक्स पर हुआ सवाल-जवाब
हाउस टैक्स के मुद्दे पर भी जमकर बहस हुई। पार्षदों ने करदाताओं की फाइलें सदन में प्रस्तुत करने को कहा तो कर्मचारियों ने फार्म लाकर दिखाए। इस पर पार्षद बोले, इससे काम नहीं चलेगा। एक-एक करदाता की फाइल तैयार करके आपत्ति ली जाए। ईडब्ल्यूएस हाउस ट्रांसफर की भी पत्रावलियां दिखाने की मांग की गई। कूड़ा कलेक्शन में भ्रष्टाचार के आरोप लगाने वालों में पार्षद शालिनी जौहरी, गौरव सक्सेना, शमीम अहमद, अकील गुड्डू प्रमुख थे। पार्षद अतुल कपूर ने अटल चौक पर पत्थर और प्रतिमा न लगने का मामला उठाया।
सिर्फ गरीबों के खिलाफ चल रहा
है अतिक्रमण हटाओ अभियान
अतिक्रमण का मुद्दा भी छाया रहा। पार्षदों ने कहा कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई सिर्फ गरीबों के घरों पर चल रही है। यह उनके साथ ज्यादती है, उन्हें रात खुले आसमान के नीचे बितानी पड़ रही है। अतिक्रमण हटाने से पहले लोगों को सूचना देनी चाहिए, लेकिन ऐसा भी नहीं किया जा रहा। इस दौरान तहसीलदार से भी जवाब लिया गया। अधिकारियों ने भविष्य में इसका ख्याल रखने का आश्वासन दिया। पार्षद दीपक सक्सेना ने सीवर टैंक सफाई कर्मियों के बीमा और दुकानों का मुद्दा उठाया। पार्षद राजकुमार गुप्ता ने अपने क्षेत्र में सड़क निर्माण का प्रस्ताव रखा, इसे मंजूर कर लिया गया।

कॉलोनियों में सड़कें बनाने और पानी पहुंचाने का प्रस्ताव
उपसभापति महेश राजपूत ने कई कॉलोनियों में सड़कें, बिजली और पानी की किल्लत का मुद्दा उठाया। कहा, लोग टैक्स दे रहे हैं लेकिन उन्हें सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। तय हुआ कि नगर निगम सभी कॉलोनियों में सड़क और पानी की सुविधा उपलब्ध कराएगा। मेयर उमेश गौतम ने नगर निगम के अधिकारियों से कहा कि यह काम जल्द कराया जाए। धर्मदत्त अस्पताल की जमीन के प्रकरण पर तय हुआ कि हाईकोर्ट का जो भी आदेश होगा, उसका पालन किया जाएगा। बैठक में नगर आयुक्त निधि गुप्ता वत्स, अपर नगर आयुक्त सुनील यादव, मुख्य अभियंता भूपेश कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।
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