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लाल फाटक पुल की एनओसी के लिए रक्षा मंत्री से मिले सांसद
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राजनाथ सिंह से मिलते धर्मेंद्र कश्यप व अन्य नेता।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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सेना की 65 सौ वर्गमीटर जमीन का होना है अधिग्रहण लेकिन अब तक नहीं मिली एनओसी
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बरेली। लाल फाटक पुल का निर्माण पूरा करने के लिए रक्षा मंत्रालय से अभी तक एनओसी नहीं मिली है। इसे लेकर डीएम भी कई बार पत्र लिख चुके हैं। बुधवार को आंवला सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने रक्षामंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात कर एनओसी दिलाने की मांग की। सांसद के मीडिया प्रभारी राहुल कश्यप के मुताबिक रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जल्द ही एनओसी की अड़चन दूर कराने का भरोसा दिया है।
सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने रक्षामंत्री राजनाथ सिंह को बताया ओवरब्रिज का निर्माण तेजी से हो रहा है। रेलवे क्रॉसिंग के पास अस्थायी रोड बन चुकी है। रेलवे ने भी अपने क्षेत्र में पुल बनना शुरू कर दिया लेकिन क्रॉसिंग के आगे कैंट क्षेत्र है, जहां निर्माण के लिए रक्षा मंत्रालय की एनओसी चाहिए। सेतु निगम के अफसर कई बार रक्षा मंत्रालय को इसके लिए पत्र भी लिख चुके हैं लेकिन अब तक एनओसी नहीं मिली है।
बता दें कि शासन ने मार्च, 2014 में लाल फाटक ओवरब्रिज निर्माण को मंजूरी दी थी। कांधरपुर बाजार से शुरू होने वाले ओवरब्रिज को कैंट क्षेत्र में उतरना है। इसके लिए सेना की करीब 65 सौ वर्ग मीटर भूमि का अधिग्रहण किया जाना है लेकिन रक्षा मंत्रालय ने इसकी अनुमति नहीं दी है। इस कारण पुल का निर्माण पूरा करने के लिए मार्च 2020 तक का समय बढ़ा दिया गया है। सेतु निगम वर्ष 2017 में कांधरपुर बाजार की ओर से निर्माण शुरू करा चुका है। इस पर सर्विस रोड भी बनाई जा चुकी है लेकिन सेना की एनओसी न मिलने के चलते काम पूरा नहीं हो पा रहा है।
सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने रक्षामंत्री राजनाथ सिंह को बताया ओवरब्रिज का निर्माण तेजी से हो रहा है। रेलवे क्रॉसिंग के पास अस्थायी रोड बन चुकी है। रेलवे ने भी अपने क्षेत्र में पुल बनना शुरू कर दिया लेकिन क्रॉसिंग के आगे कैंट क्षेत्र है, जहां निर्माण के लिए रक्षा मंत्रालय की एनओसी चाहिए। सेतु निगम के अफसर कई बार रक्षा मंत्रालय को इसके लिए पत्र भी लिख चुके हैं लेकिन अब तक एनओसी नहीं मिली है।
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बता दें कि शासन ने मार्च, 2014 में लाल फाटक ओवरब्रिज निर्माण को मंजूरी दी थी। कांधरपुर बाजार से शुरू होने वाले ओवरब्रिज को कैंट क्षेत्र में उतरना है। इसके लिए सेना की करीब 65 सौ वर्ग मीटर भूमि का अधिग्रहण किया जाना है लेकिन रक्षा मंत्रालय ने इसकी अनुमति नहीं दी है। इस कारण पुल का निर्माण पूरा करने के लिए मार्च 2020 तक का समय बढ़ा दिया गया है। सेतु निगम वर्ष 2017 में कांधरपुर बाजार की ओर से निर्माण शुरू करा चुका है। इस पर सर्विस रोड भी बनाई जा चुकी है लेकिन सेना की एनओसी न मिलने के चलते काम पूरा नहीं हो पा रहा है।
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