{"_id":"69bb1ceb2382777f070b07e8","slug":"mothers-court-is-decorated-cheers-will-echo-from-today-bareilly-news-c-4-bly1053-846255-2026-03-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: सज गए मां के दरबार, आज से गूंजेंगे जयकारे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: सज गए मां के दरबार, आज से गूंजेंगे जयकारे
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। बृहस्पतिवार से नौ दिन के लिए पूरा शहर देवीमय हो जाएगा। शहर के मंदिरों को रंग बिरंगी लाइटों व फूलों से सजाया गया है। सुबह आरती के बाद भक्तों के लिए मंदिर खोल दिए जाएगे।
शहर के प्रमुख दुर्गा नवदुर्गा मंदिर, चौरासी घंटा मंदिर, मां भवानी मंदिर, कालीबाड़ी मंदिर, माहौर वैश्य नव दुर्गा मंदिर समेत अन्य मंदिरों में तैयारी चल रही है। बृहस्पतिवार से पूजा पाठ के साथ घट स्थापना के साथ मां शैलपुत्री की पूजा की जाएगी। पंडित डॉ. सौरभ शंखधार ने बताया कि इसी दिन चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से प्रारंभ होता है। नवरात्र नव संवत्सर का भी आरंभ मानी जाती है। इसी दिन वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और भक्तजन नौ दिनों तक मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की उपासना करते हैं। बताया कि इस बार मां दुर्गा डोली पर सवार होकर आएगी। नवरात्र में शक्ति साधना के अंतर्गत दुर्गा सप्तशती पाठ, 9 दिनों का उपवास, मौन व्रत, ब्रह्मचर्य पालन और मंत्र का जाप किया जाता है। साधना में कलश स्थापना, देवी को भोग, और रात के समय ध्यान-जाप विशेष फलदायी माने जाते हैं। कई साधक इस दौरान गायत्री के 24 हजार मंत्रों की साधना करते है। संवाद
-- -- -- -- --
कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त
पंडित राजेश शर्मा ने बताया कि कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 6:52 से 08:23 बजे तक रहेगा। दूसरा मुहूर्त दोपहर 11:55 से 12:46 बजे तक रहेगा।
विज्ञापन
शहर के प्रमुख दुर्गा नवदुर्गा मंदिर, चौरासी घंटा मंदिर, मां भवानी मंदिर, कालीबाड़ी मंदिर, माहौर वैश्य नव दुर्गा मंदिर समेत अन्य मंदिरों में तैयारी चल रही है। बृहस्पतिवार से पूजा पाठ के साथ घट स्थापना के साथ मां शैलपुत्री की पूजा की जाएगी। पंडित डॉ. सौरभ शंखधार ने बताया कि इसी दिन चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से प्रारंभ होता है। नवरात्र नव संवत्सर का भी आरंभ मानी जाती है। इसी दिन वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और भक्तजन नौ दिनों तक मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की उपासना करते हैं। बताया कि इस बार मां दुर्गा डोली पर सवार होकर आएगी। नवरात्र में शक्ति साधना के अंतर्गत दुर्गा सप्तशती पाठ, 9 दिनों का उपवास, मौन व्रत, ब्रह्मचर्य पालन और मंत्र का जाप किया जाता है। साधना में कलश स्थापना, देवी को भोग, और रात के समय ध्यान-जाप विशेष फलदायी माने जाते हैं। कई साधक इस दौरान गायत्री के 24 हजार मंत्रों की साधना करते है। संवाद
विज्ञापन
कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त
पंडित राजेश शर्मा ने बताया कि कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 6:52 से 08:23 बजे तक रहेगा। दूसरा मुहूर्त दोपहर 11:55 से 12:46 बजे तक रहेगा।