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Bareilly News: मच्छरों का डंक थमा, फॉलोअप जांच में 18 सौ मरीज मिले स्वस्थ
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बरेली। विभागीय कवायद कहें या लोगों में जागरूकता, वजह कोई हो लेकिन इस वर्ष मलेरिया के चपेट में आने वालों की तादाद पिछले साल से करीब 30 फीसदी कम रही। सप्ताह भर से नए मरीज नहीं मिले हैं। पैरासाइट संबंधी फॉलोअप जांच में भी 18 सौ लोग स्वस्थ मिले हैं।
विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार साल दर साल मलेरिया के मरीजों की जांच के लिए सैंपलिंग बढ़ रही है, जबकि मरीजों की तादाद घट रही है। 2024 में मलेरिया के 2,817, 2023 में 3,490, 2022 में 1806, 2021 में 2,362, 2020 में 11,686 मरीज मिले थे। इस वर्ष जनवरी से अब तक 1,937 मरीज चपेट में मिले हैं।
जिला मलेरिया अधिकारी सत्येंद्र कुमार के मुताबिक विवैक्स और फेल्सीपेरम मलेरिया की चपेट में लोग आते हैं। विवैक्स के मरीज दवा सेवन के चार से पांच दिन में स्वस्थ हो जाते हैं। जिससे दवा का सेवन बंद कर देते हैं, जबकि पैरासाइट्स नष्ट नहीं होते हैं।
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निष्क्रिय अवस्था में शरीर में पड़े रहते हैं। जो अनुकूल माहौल मिलने पर फिर उभरकर व्यक्ति को बीमार और रोग वाहक बनाते हैं। इसलिए इस वर्ष फॉलोअप जांच कराई गई।
अब तक 18 सौ मलेरिया की चपेट में मरीजों की दवा सेवन के 15वें दिन जांच कराई गई। इनकी रिपोर्ट निगेटिव रही। ब्यूरो
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विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार साल दर साल मलेरिया के मरीजों की जांच के लिए सैंपलिंग बढ़ रही है, जबकि मरीजों की तादाद घट रही है। 2024 में मलेरिया के 2,817, 2023 में 3,490, 2022 में 1806, 2021 में 2,362, 2020 में 11,686 मरीज मिले थे। इस वर्ष जनवरी से अब तक 1,937 मरीज चपेट में मिले हैं।
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जिला मलेरिया अधिकारी सत्येंद्र कुमार के मुताबिक विवैक्स और फेल्सीपेरम मलेरिया की चपेट में लोग आते हैं। विवैक्स के मरीज दवा सेवन के चार से पांच दिन में स्वस्थ हो जाते हैं। जिससे दवा का सेवन बंद कर देते हैं, जबकि पैरासाइट्स नष्ट नहीं होते हैं।
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निष्क्रिय अवस्था में शरीर में पड़े रहते हैं। जो अनुकूल माहौल मिलने पर फिर उभरकर व्यक्ति को बीमार और रोग वाहक बनाते हैं। इसलिए इस वर्ष फॉलोअप जांच कराई गई।
अब तक 18 सौ मलेरिया की चपेट में मरीजों की दवा सेवन के 15वें दिन जांच कराई गई। इनकी रिपोर्ट निगेटिव रही। ब्यूरो