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समुदाय सशक्तीकरण केंद्र के रूप में कर सकते हैं मस्जिदों का इस्तेमाल : शहाबुद्दीन
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बरेली। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के तत्वाधान में शुक्रवार को दरगाह आला हजरत स्थित मुफ्ती हाउस में गोष्ठी हुई। इसमें मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि मस्जिदें इस्लामी शिक्षा और मुसलमानों के सशक्तीकरण का केंद्र रही हैं। समुदाय सशक्तीकरण केंद्रों के रूप में उनकी भूमिका को बेहतर करके शिक्षा के केंद्र के रूप में उपयोग किया जा सकता है।
मौलाना ने कहा कि इसकी शुरुआत बरेली से करेंगे। मस्जिदों में कम शिक्षित और वंचित वर्गों को बुनियादी आजीविका प्रशिक्षण प्रदान करने वाली सामाजिक समर्थन प्रणाली बनने की क्षमता है। हाफिज नूर अहमद अजहरी ने कहा कि भारत में अधिकतर मुसलमान गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन कर रहे हैं। शैक्षिक रूप से पिछड़े और सामाजिक रूप से निराश्रित हैं।
ऐसे तबके के लिए मस्जिदें परिवर्तन के माध्यम के रूप में कार्य कर सकती हैं। मुफ्ती सिराजुद्दीन कादरी ने कहा कि भारत में कुछ मस्जिदों ने गरीब और वंचित मुस्लिम छात्रों, विशेषकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए ऐसी सुविधाएं शुरू की हैं। मौलाना मुजाहिद हुसैन कादरी और आरिफ अंसारी ने कहा कि तमाम तरह की सेवाओं में शिक्षा के क्षेत्र को प्राथमिकता देनी चाहिए। नाजिम बेग ने कहा कि आम मुसलमानों की सरकारी योजनाओं पर निर्भरता को कम करने में मस्जिदें निर्णायक भूमिका निभा सकती हैं।
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मौलाना ने कहा कि इसकी शुरुआत बरेली से करेंगे। मस्जिदों में कम शिक्षित और वंचित वर्गों को बुनियादी आजीविका प्रशिक्षण प्रदान करने वाली सामाजिक समर्थन प्रणाली बनने की क्षमता है। हाफिज नूर अहमद अजहरी ने कहा कि भारत में अधिकतर मुसलमान गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन कर रहे हैं। शैक्षिक रूप से पिछड़े और सामाजिक रूप से निराश्रित हैं।
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ऐसे तबके के लिए मस्जिदें परिवर्तन के माध्यम के रूप में कार्य कर सकती हैं। मुफ्ती सिराजुद्दीन कादरी ने कहा कि भारत में कुछ मस्जिदों ने गरीब और वंचित मुस्लिम छात्रों, विशेषकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए ऐसी सुविधाएं शुरू की हैं। मौलाना मुजाहिद हुसैन कादरी और आरिफ अंसारी ने कहा कि तमाम तरह की सेवाओं में शिक्षा के क्षेत्र को प्राथमिकता देनी चाहिए। नाजिम बेग ने कहा कि आम मुसलमानों की सरकारी योजनाओं पर निर्भरता को कम करने में मस्जिदें निर्णायक भूमिका निभा सकती हैं।
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