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Bareilly News: कुपोषित कोठरी से बंट रहा पोषण का निवाला

Fri, 17 Jul 2026 01:30 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Updated Fri, 17 Jul 2026 01:30 AM IST
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Morsels of nutrition being distributed from a malnourished room.
बरेली। शहरी क्षेत्र के 115 आंगनबाड़ी केंद्रों की हकीकत विभागीय दावों से बिल्कुल अलग है। पड़ताल में इनमें से कई केंद्र बंद मिले, जबकि कुछ संकरे किराये के भवनों में संचालित हो रहे हैं। इन केंद्रों तक बच्चों का पहुंचना भी मुश्किल है। इससे नौनिहालों पोषण और उनकी प्रारंभिक शिक्षा पर सवाल उठ रहे हैं।
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शहर के अधिकतर आंगनबाड़ी केंद्र वर्षों से किराये के भवनों में चल रहे हैं। क्यारा ब्लॉक के करगैना में एक संकरी गली में करीब पांच वर्ष से केंद्र संचालित है। बुधवार सुबह नौ बजे यह केंद्र बंद मिला। करगैना के परिषदीय विद्यालय में बना आंगनबाड़ी केंद्र भी सुबह साढ़े नौ बजे तक नहीं खुला था। शहर के नवादा शेखान में एक किराये के मकान में केंद्र चल रहा है। यह केंद्र सुबह दस बजे खुला, लेकिन वहां कोई बच्चा मौजूद नहीं था। ये केंद्र इतने छोटे और तंग हैं कि बच्चों के बैठने की जगह नहीं है। कुछ केंद्र ऐसी गलियों में हैं, जहां दोपहिया वाहन भी नहीं पहुंच सकते।
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समय पर नहीं खुलते केंद्र

आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन का निर्धारित समय सुबह आठ बजे है। पड़ताल के दौरान कई केंद्र सुबह दस बजे तक बंद पाए गए। आसपास के निवासियों ने पुष्टि की कि ये केंद्र नियमित रूप से नहीं खुलते हैं। इस अनियमितता से बच्चों को मिलने वाली सेवाएं प्रभावित होती हैं। गर्भवतियों और धात्री महिलाओं को भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है।
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प्रभावित हो रही हैं महत्वपूर्ण सेवाएं

आंगनबाड़ी केंद्र छह वर्ष से कम आयु के बच्चों को पूरक पोषण प्रदान करते हैं। गर्भवतियों और धात्री महिलाओं को भी पोषण सहायता दी जाती है। इन केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं और बच्चों का टीकाकरण भी कराया जाता है। बच्चों के स्वास्थ्य की देखरेख और गर्भवतियों की प्रसव पूर्व जांच भी यहीं होती है। धात्री महिलाओं की देखभाल का जिम्मा भी आंगनबाड़ी केंद्रों का है। केंद्रों के अनियमित संचालन से ये सभी महत्वपूर्ण सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।



आंकड़े डरा रहे
- 65 हजार के करीब जिले में कुपोषित बच्चों हैं पंजीकृत

- 2,578 बच्चे अति कुपोषित बच्चे हैं पंजीकृत

- 25,674 गर्भवती महिलाएं हैं पंजीकृत
- 2,578 धात्री महिलाएं हैं पंजीकृत


वर्जन
जिन केंद्रों पर ताला लटका मिला है, इसको लेकर संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया जाएगा। जवाब संतोषजनक नहीं होने पर कार्रवाई होगी। पोषाहार वितरण व बच्चों को मिलने वाली सुविधाओं की भी जांच कराई जाएगी। - देवयानी, सीडीओ
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