Somvati Amavasya: कछला घाट पर उमड़ा आस्था का सैलाब, एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किया गंगा स्नान
सोमवती अमावस्या पर कछला गंगा घाट पर पूरे दिन श्रद्धालुओं की भीड़ रही। राजस्थान और मध्यप्रदेश से भी श्रद्धालु यहां पहुंचे। गंगा स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने घाटों पर पूजा की।
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बदायूं के उझानी में कछला गंगाघाट सोमवती अमावस्या पर पूरे दिन आस्था से सराबोर रहा। एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। सोमवार तड़के से ही गंगा स्नान का सिलसिला शुरू हो गया। श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाने के बाद पहले सूर्यदेव को अर्घ्य दिया, फिर घाट पर ही पूजा-अर्चना की। आसपास जिलों के अलावा राजस्थान और मध्यप्रदेश से भी श्रद्धालु आए।
सोमवती अमावस्या पर गंगा स्नान का खास महत्व माना गया है। गंगा पार के जिलों में कासगंज, एटा, हाथरस के अलावा राजस्थान में ज्यादा भले ही किसी पूर्णिमा पर डुबकी नहीं लगा पाए, लेकिन सोमवती अमावस्या पर गंगा घाट पर स्नान के बाद पूजा-अर्चना करना नहीं भूलते।
घाटों पर रही श्रद्धालुओं की भीड़
इसी के तहत गंगा घाट पर श्रद्धालुओं में सर्वाधिक संख्या गंगा पार जिलों समेत राजस्थान और मध्यप्रदेश की रही। वहां अधिकतर श्रद्धालुओं ने कासगंज जिले के छोर वाले दोनों घाटों पर ही स्नान किया। बिसौली, बिल्सी, बदायूं और उझानी आदि समेत जिले में ग्रामीण इलाके के श्रद्धालुओं ने इस ओर ही आस्था की डुबकी लगाई।
बदायूं के उझानी में कछला गंगाघाट सोमवती अमावस्या पर पूरे दिन आस्था से सराबोर रहा। एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। सोमवार तड़के से ही गंगा स्नान का सिलसिला शुरू हो गया। श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाने के बाद पहले सूर्यदेव को अर्घ्य दिया, फिर घाट पर ही पूजा-अर्चना की। आसपास जिलों के अलावा राजस्थान और मध्यप्रदेश से भी श्रद्धालु आए।
सोमवती अमावस्या पर गंगा स्नान का खास महत्व माना गया है। गंगा पार के जिलों में कासगंज, एटा, हाथरस के अलावा राजस्थान में ज्यादा भले ही किसी पूर्णिमा पर डुबकी नहीं लगा पाए, लेकिन सोमवती अमावस्या पर गंगा घाट पर स्नान के बाद पूजा-अर्चना करना नहीं भूलते।
घाटों पर रही श्रद्धालुओं की भीड़
इसी के तहत गंगा घाट पर श्रद्धालुओं में सर्वाधिक संख्या गंगा पार जिलों समेत राजस्थान और मध्यप्रदेश की रही। वहां अधिकतर श्रद्धालुओं ने कासगंज जिले के छोर वाले दोनों घाटों पर ही स्नान किया। बिसौली, बिल्सी, बदायूं और उझानी आदि समेत जिले में ग्रामीण इलाके के श्रद्धालुओं ने इस ओर ही आस्था की डुबकी लगाई।