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आवारा पशुओं की निगरानी को बनेगा मोबाइल एप
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बरेली। सीएम योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप ग्रामीण क्षेत्रों में आवारा पशुओं के रखने के लिए पशु आश्रय गृह बना दिए गए। 1193 ग्राम पंचायतों में 140 पशु आश्रय गृह बनाए गए हैं। इनमें 1602 पशु रहते हैं। इनके खाने के लिए 200 क्विंटल भूसे का स्टाक भी रखा गया है। पशुओं को बरसात में भीगने से बचाने, पशु आश्रय गृह स्थलों पर जलभराव न होने देने और पशुओं को बीमार होने पर इलाज की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। निगरानी के लिए मोबाइल एप्प भी बनेगा।
ग्रामीण क्षेत्रों के पशु आश्रय गृह स्थलों में क्षमता से ज्यादा पशु रखने के मद्देनजर उनके बीमार होने की जानकारी प्रशासन के संज्ञान में लगातार आ रही है। इसको देखते हुए सीडीओ सत्येंद्र कुमार ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। छोटे आश्रय गृहों के ज्यादा पशुओं को कम पशुओं वाले आश्रय गृहों में भिजवाने के लिए कहा गया है। ग्राम पंचायत स्तर पर 30 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से एक गोपालक भी रखा जाएगा। इसके लिए शासन से एक करोड़ का बजट जारी किया गया है। आवारा पशुओं की आश्रय गृह स्थलों में निगरानी के लिए एक मोबाइल एप्प बनाया जाएगा। उसी एप्प से पशुओं की निगरानी की जाएगी।
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ग्रामीण क्षेत्रों के पशु आश्रय गृह स्थलों में क्षमता से ज्यादा पशु रखने के मद्देनजर उनके बीमार होने की जानकारी प्रशासन के संज्ञान में लगातार आ रही है। इसको देखते हुए सीडीओ सत्येंद्र कुमार ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। छोटे आश्रय गृहों के ज्यादा पशुओं को कम पशुओं वाले आश्रय गृहों में भिजवाने के लिए कहा गया है। ग्राम पंचायत स्तर पर 30 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से एक गोपालक भी रखा जाएगा। इसके लिए शासन से एक करोड़ का बजट जारी किया गया है। आवारा पशुओं की आश्रय गृह स्थलों में निगरानी के लिए एक मोबाइल एप्प बनाया जाएगा। उसी एप्प से पशुओं की निगरानी की जाएगी।
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