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कौन से स्कूल सबसे ज्यादा बेलगाम.. बताएं नाम

Sat, 07 Apr 2018 01:14 AM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली Updated Sat, 07 Apr 2018 01:14 AM IST
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Mission admission: No official paying heed to listen parents
mission admission
स्कूलों की कारगुजारी और अभिभावकों की बेबसी की सीरीज की यह 17वीं कड़ी हैं। एक सप्ताह पहले हमने हेल्पलाइन जारी की, अब तक 350 से अधिक फोन कॉल से हमने अभिभावकों की परेशानी को गहराई से महसूस किया है। अभिभावकों के सवाल सीधे लोकसेवकों से हैं। वे जानना चाहते हैं कि उनकी मेहनत की कमाई को स्कूल आखिर कब तक हड़पते रहेंगे। हम इन सवालों को लेकर जिलाधिकारी से मिले। उनसे लंबी बातचीत हुई। कई सवालों के जवाब में उन्होंने हमसे ही सवाल पूछ डाले, लेकिन आखिर में कहा कि शासनादेश आ जाने दीजिए, उसका पूरा पालन कराया जाएगा।
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शुक्रवार सुबह अखबार पढ़कर हमें कर्मचारी नगर के एक अभिभावक ने कॉल किया। बोेले- हमारी ओर से डीएम से पूछिए कि क्या अध्यादेश का सर्कुलर उन तक नहीं पहुंचा है? हमने डीएम से बातचीत इसी अभिभावक के सवाल से ही शुरू की। डीएम ने जवाब में हमसे पूछा कि कैबिनेट का फैसला कब हुआ, क्या कॉपी है आप पर? बोले- दो दिन बाद लौटा हूं, अध्यादेश की जानकारी नहीं। उन्होंने तुरंत डीआईओएस को फोन लगवाया। पूछा कि क्या अध्यादेश आपके पास आ गया है। कहा, माध्यमिक शिक्षा निदेशालय से जानकारी करके आधे घंटे में रिपोर्ट करें। उन्होंने फिर सवाल किया कि मान लीजिए शहर में दो सौ पब्लिक स्कूल हैं, क्या समस्या सभी स्कूलों में है या सिर्फ कुछ में। फिर पूछा, आपके पास कितनी शिकायतें आई हैं, क्या सब में एक सी समस्याएं हैं? हमने पूछा कि अध्यादेश जारी होने के बाद ज्यादातर अभिभावकों का एक ही सवाल है कि क्या वे फीस जमा करें। डीएम बोले- हमारी ओर से बता दीजिए कि यह सिर्फ बरेली नहीं पूरे प्रदेश की समस्या है। हम शासनादेश आते ही उस पर अनुपालन कराएंगे। संजयनगर के एक पेरेंट का प्रश्न हमने उठाया कि प्रशासन का दबाव न होने से स्कूल वाले मनमानी कर रहे हैं, डीएम बोले- हम अध्यादेश के हिसाब से काम करेंगे। हमने सवाल किया कि आपने त्रिस्तरीय बैठक के संबंध में क्या फैसला किया है? बोले- देखिए चूंकि लोकल इश्यू अध्यादेश में डिजॉल्व हो गया, अब वह एक नीतिगत फैसला हो गया इसलिए अब लोकल इनीशिएटिव का कोई खास मतलब नहीं। पर लोकल लेवल पर तो नियम आपको ही फालो कराना होगा? वह बोले- शासनादेश का पालन कराना तो हमारा काम है, अब तो यह नियम बन गया है तो हम जरूर इसका पालन कराएंगेे।  
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 डीएम के इन सवालों ने हैरत में डाला 
0 कैबिनेट का फैसला कब हुआ, कॉपी है आप पर?
0 क्या स्कूल पहली बार कर रहे हैं मनमानी? 
0 कब से हो रही है मनमानी?
0 क्या सभी स्कूलों में अनियमित फीस वृद्धि, एक ही बुक सेलर से खरीदने के लिए दबाव बनाया जा रहा है?
0 कौन से स्कूल सबसे ज्यादा बेलगाम हैं, नाम बताएं?
0 प्रशासन की स्कूल-पेरेंट्स के साथ क्या हर साल होती थी बैठक?
0 पिछली बातें छोड़िए, कैबिनेट फैसले के बाद लोकल इनीशिएटिव के क्या मायने?

बरेली के हालात से डीएम नावाकिफ तो नहीं
जिलाधिकारी वीरेंद्र कुमार सिंह की बरेली में यह दूसरी पोस्टिंग है। करीब दस वर्ष पहले वह यहां डेलापीर मंडी डायरेक्टर के पद पर सेवा दे चुके हैं। वह प्रदेश में अलग-अलग जिलों में तहसीलदार, एसडीएम, सिटी मजिस्ट्रेट, एसडीओ और सीडीओ के पद पर सेवाएं दे चुके हैं। यानी माना जा सकता है कि वह एजूकेशन सिस्टम की मनमानी और बरेली के हालात से अच्छी तरह वाकिफ होंगे।
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प्रशासनिक अफसरों के पेरेंट्स को टिप्स 
स्कूलों की मनमानी पर डीएम को कार्रवाई करनी है, लिहाजा अन्य प्रशासनिक अफसर खुलकर बात नहीं कर रहे पर उन्होंने नाम न प्रकाशित करने की गुजारिश के साथ अभिभावकों के लिए कुछ टिप्स दिए हैं। उनका कहना है कि इन बिंदुओं को लिखित शिकायत में शामिल किया जाए तो जांच कराकर कार्रवाई हो सकती है। 
0 स्कूल जब ट्यूशन फीस ले रहे हैं तो बच्चे को बाहर ट्यूशन क्यों पढ़नी पड़ रही है। 
0 वालीबाल, क्रिकेट, फुटबाल जैसे खेलों, कंप्यूटर लैब, साइंस लैब के अलावा स्कूल डेवलेपमेंट चार्ज के नाम पर फीस वसूली गलत। 
0 स्कूल में पढ़ाने वाले टीचर और प्रिंसिपल की योग्यता क्या है।
0 कितनी योग्यता के टीचर सीबीएसई बोर्ड के मानक के हिसाब से रखे जा सकते हैं। 
0 अभिभावकों को बच्चे की पढ़ाई में अपना शोषण रोकने के लिए संबंधित स्कूल की फीस का स्ट्रक्चर और उसमें मिलने वाली सुविधाओं के बारे में अवगत कराना पड़ेगा। 

 
मनमानी : अगर बच्चे का नाम कटाया तो फेल करेंगे 
पक्का बाग हनुमान मंदिर के पास स्थित एक पब्लिक स्कूल ने तो मनमानी की हद पार कर दी। स्कूल ने सातवीं कक्षा की छात्रा का रिजल्ट रोक दिया है। रिजल्ट लेने के लिए कई चक्कर लगा चुकीं अभिभावक से कहा गया है कि अगर बच्ची का नाम कटवाना है तो फेल होने की टीसी मिलेगी। बृहस्पतिवार को बीएसए कार्यालय पहुंची महिला ने शिकायत पत्र दिया। महिला का कहना है कि जनवरी में उनकी बेटी के साथ बदसलूकी की गई थी जिस पर प्रबंधन से उनकी नोकझोंक हो गई थी। उन्होंने अगले सेशन में बेटी को स्कूल से नाम कटवाने की बात कह दी थी। महिला ने बताया कि मार्च में रिजल्ट बंटा पर उन्हें रिजल्ट नहीं दिया गया, सिर्फ फीस की रसीद दे दी है। उनसे कहा गया है कि इस शर्त पर ही पास होने का रिजल्ट मिलेगा जब वह बेटी का नाम नहीं कटवाएंगी। महिला ने बताया कि बीएसए विभाग के कर्मी ने जब स्कूल फोन लगाया कि प्रिंसिपल को व्यस्त बताकर स्कूल कार्यालय से फोन काट दिया गया। महिला शनिवार को डीएम के पास भी जाएंगी।  
नियम:  शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत किसी भी विद्यार्थी को आठवीं कक्षा तक फेल नहीं किया जा सकता है। 
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 इसे मेन बनाए -- 

बच्चों के जरिए पेरेंट्स तक पहुंचाया स्कूल बंदी का ‘मेसेज’
मिशनरी और पब्लिक स्कूलों में बच्चों को पढ़ा रहे कई पेरेंट्स ने हेल्पलाइन पर फोन करके शिकायत की कि उनके बच्चे ने घर लौटकर उन्हें बताया कि शनिवार को स्कूल की छुट्टी है। बच्चों ने कारण पूछा तो टीचर ने क्लास में कहा कि स्कूल के खिलाफ शिकायत की जा रही है इसलिए स्कूल बंद रहेगा। अभिभावकों का कहना है कि अब तक मनमानी फीस और सिलेबस बेचकर ही हमें परेशान किया जा रहा था, अब स्कूल वाले बच्चों के जरिए हम तक मेसेज पहुंचा रहे हैं। 

दबाव बनाने को निजी स्कूल हड़ताल पर   
इंडिपेंडेंट स्कूल एसोसिएशन के 25 सदस्य स्कूल और दो अन्य मिलाकर कुल 27 स्कूल हड़ताल के कारण शनिवार को बंद रहेंगे। हालांकि शनिवार को बोर्ड परीक्षा भी है। अध्यक्ष पारुष अरोड़ा ने बताया कि नेशनल इंडिपेंडेंट स्कूल एलायंस की अपील पर देश व्यापी हड़ताल की जा रही है, इसमें स्थानीय एसोसिएशन भाग लेगी। संगठन ‘शिक्षा बचाओ अभियान’ के तहत विरोध दर्ज कराएंगे। उनका कहना है कि केंद्र सरकार की शिक्षा नीतियों में बदलाव से निजी स्कूलों की स्वायत्तता खतरे में है। इस हड़ताल का हाल में प्रदेश सरकार की ओर से पारित अध्यादेश से कोई संबंध नहीं बताया गया है। 

इन स्कूलों में रहेगा अवकाश
खुले रहेंगे डीपीएस और केंद्रीय विद्यालय
जीआरएम, हार्टमन, जीपीएम, अल्मा मातेर, बिशप कोनराड, राधा माधव, सेंट फ्रांसिस, सेंट मारिया गोरेटी कालेज, पद्मावती एकेडमी, सेकेर्ड हार्ट्ज, क्रिएथिक्स, सोबतीज, चिक्कर इंटरनेशनल, द गुरु, हांडा पब्लिक स्कूल, माधव राव सिंधिया स्कूल, विद्या भवन, सेंट मेरीज, मिशन पब्लिक स्कूल, जीडी गोयनका, बेदी इंटरनेशनल, जीके सिटी मांटेसरी, महामाया बिहार, कांपीटेंट, सेंट जेवियर्स कालेज, स्काईलार्क पब्लिक स्कूल। इस संगठन का सदस्य न होने पर भी राष्ट्रीय हड़ताल में बीबीएल भी भाग ले रहा है। वहीं दिल्ली पब्लिक स्कूल और सभी केंद्रीय विद्यालय खुले रहेंगे। 

एक स्कूल में बोर्ड परीक्षा का सेंटर
 शनिवार को सीबीएसई बोर्ड के बारहवीं की लीगल स्टडीज विषय की परीक्षा है। शहर में इसका एकमात्र सेंटर सेक्रेर्ड हार्ट्ज है। इसके अलावा ऑटो इंजीनियरिंग, लीगल स्टडीज, फूड प्रोडक्शन, ट्रैवल एजेंसी एंड टूर आपरेशन बिजनेस की भी परीक्षा होनी है, हालांकि इन विषयों का एक भी परीक्षार्थी नहीं है।  


हड़ताल के विरोध में उतरे अभिभावक संगठन 
रोहिलखंड अभिभावक सेवा समिति शनिवार को स्कूलों की हड़ताल के विरोध में जिलाधिकारी को ज्ञापन देगी। दूसरी ओर अभिभावक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अंकुर किशोर सक्सेना और पेरेंट्स एसोसिएशन के कन्वीनर मो. खालिद जिलानी ने हड़ताल की निंदा की है। 
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