Bareilly: निवर्तमान मेयर पर दर्ज रिपोर्ट खारिज, दुष्कर्म का झूठा आरोप लगाने वाली महिला की मुश्किलें बढ़ीं
शहर की एक महिला ने निवर्तमान मेयर उमेश गौतम, उनके ड्रावर व एक अन्य व्यक्ति पर सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया था। बाद में वह अपने बयान से मुकर गई। पुलिस को शपथ पत्र देकर अपने आरोप वापस ले लिए। अब महिला खुद ही कानून के शिकंजे में फंस गई है।
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बरेली के निवर्तमान मेयर और उनके चालक पर सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली महिला अब खुद कानून के शिकंजे में फंस गई है। महिला ने पहले अज्ञात लोगों और बाद में निवर्तमान मेयर उमेश गौतम और उनके चालक प्रमोद पर आरोप लगाए थे। बाद में वह अपने आरोपों से मुकर गई। कोई साक्ष्य नहीं मिलने पर विवेचक ने मामले को मनगढ़ंत मानते हुए खारिज कर दिया है। आरोपी महिला के खिलाफ 182 के तहत कार्रवाई की गई है।
दिसंबर के पहले सप्ताह में शहर निवासी महिला ने कोतवाली में अज्ञात लोगों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 16 दिसंबर को महिला ने कोर्ट में बयान दिया कि निवर्तमान मेयर उमेश गौतम, उनके ड्रावर व एक अन्य व्यक्ति ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था। मजिस्ट्रेट के निर्देश पर कोतवाली पुलिस ने उमेश गौतम व अन्य को नामजद कर विवेचना शुरू कर दी।
शपथपत्र देकर अपने बयान से पलटी
28 जनवरी को महिला ने सीओ प्रथम श्वेता यादव को शपथपत्र देकर उमेश गौतम आदि के खिलाफ अपने पुराने बयान से किनारा कर लिया। सीओ ने मुकदमे में विवेचक वकार अहमद को महिला का शपथ पत्र देकर जांच के निर्देश दिए। विवेचक ने मूल रिपोर्ट को खारिज कर महिला पर 182 के तहत कार्रवाई की संस्तुति कर अधिकारियों के जरिए रिपोर्ट न्यालाय को भेजी है।
सीओ प्रथम श्वेता यादव ने बताया कि महिला ने रिपोर्ट दर्ज कराने से लेकर शपथ पत्र देकर आरोपों से मुकरने तक, कई बार झूठ बोला है। विवेचना में एक ही साक्ष्य ऐसा नहीं मिला, जिससे महिला के साथ किसी तरह की घटना होने की पुष्टि हो। इसलिए केस खारिज कर महिला के खिलाफ 182 की रिपोर्ट दी गई है। कोर्ट के आदेश पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सत्य की जीत हुई- उमेश गौतम
निवर्तमान मेयर उमेश गौतम ने कहा कि यह सबकुछ रचा हुआ षडयंत्र है। कोई सबूत नहीं मिलेगा, सबकुछ बेनकाब होगा। ईश्वर का धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने इस कुचक्र से मुझे निकाला। शुभचिंतकों का आभार कि कठिन समय में मेरा साथ दिया। मैं समाज के लोगों से अपील करता हूं कि ऐसे साजिश रचने वाले लोगों का सार्वजनिक रूप से बहिष्कार करें। पुलिस से अपील है कि इस पूरी साजिश के पीछे जो लोग भी थे, उनका पर्दाफाश करे।