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मीरगंज के दो वार्डों के लिए पुनर्मतदान कल
बरेली
Updated Mon, 02 Nov 2015 01:59 AM IST
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बरेली। मीरगंज ब्लाक के बीडीसी के वार्ड 62 व 63 के मतपत्रों पर वार्ड अंकित न किए जाने के कारण गणना नहीं हो पाई और यहां पुनर्मतदान कराने का फैसला लेना पड़ा। दोनों वार्डों में 3 नवंबर यानी मंगलवार को फिर से मतदान कराया जाएगा। मतगणना इसके बाद उसी दिन होगी। मामले में जिलाधिकारी ने पीठासीन अधिकारी को दोषी मानते हुए निलंबित करने के आदेश दिए हैं, जबकि सेक्टर मजिस्ट्रेट के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को लिखा गया है।
बीडीसी के वार्ड 62 करमपुर और वार्ड 63 तिलमस गांव का है। दोनों वार्डों का बूथ एक ही था और एक ही मतपेटी में वोट डाले गए थे। प्रत्याशी भी दोनों वार्डों में प्रत्याशी भी 7-7 थे लेकिन पीठासीन अधिकारी की ओर से गड़बड़ी यह हुई कि उन्होंने दोनों वार्डों का उल्लेख मतपत्र के पीछे नहीं किया और न ही चिह्नित किया गया। ऐसे में मतगणना के समय स्पष्ट नहीं होे पाया कि वार्ड 62 व 63 के मतपत्र कौन-कौन से हैं। काफी देर तक माथापच्ची के बाद भी स्थिति साफ न होने पर डीएम ने यह रिपोर्ट राज्य निर्वाचन आयोग (पंचायत) को भेजी गई। इस पर आयोग ने डीएम को पुनर्मतदान के आदेश दिए हैं। साथ ही इन दोनों वार्ड के पीठासीन अधिकारी और सेक्टर मजिस्ट्रेट के खिलाफ कार्रवाई के आदेश किए हैं। आयोग के आदेश पर निर्वाचन कार्यालय ने देर रात में ही मतदान के लिए व्यवस्था करा दी है। दो नवंबर को पोलिंग पार्टी बूथ पर पहुंचेगी।
--कोट--
‘प्रथम दृष्टया पीठासीन अधिकारी की ओर से गड़बड़ी की गई है। इस आधार पर उन्हें निलंबित कर दिया गया है। तीन नवंबर को पुनर्मतदान और मतगणना होगी। सेक्टर मजिस्ट्रेट के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को लिखा गया है’
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- गौरव दयाल, डीएम
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बीडीसी के वार्ड 62 करमपुर और वार्ड 63 तिलमस गांव का है। दोनों वार्डों का बूथ एक ही था और एक ही मतपेटी में वोट डाले गए थे। प्रत्याशी भी दोनों वार्डों में प्रत्याशी भी 7-7 थे लेकिन पीठासीन अधिकारी की ओर से गड़बड़ी यह हुई कि उन्होंने दोनों वार्डों का उल्लेख मतपत्र के पीछे नहीं किया और न ही चिह्नित किया गया। ऐसे में मतगणना के समय स्पष्ट नहीं होे पाया कि वार्ड 62 व 63 के मतपत्र कौन-कौन से हैं। काफी देर तक माथापच्ची के बाद भी स्थिति साफ न होने पर डीएम ने यह रिपोर्ट राज्य निर्वाचन आयोग (पंचायत) को भेजी गई। इस पर आयोग ने डीएम को पुनर्मतदान के आदेश दिए हैं। साथ ही इन दोनों वार्ड के पीठासीन अधिकारी और सेक्टर मजिस्ट्रेट के खिलाफ कार्रवाई के आदेश किए हैं। आयोग के आदेश पर निर्वाचन कार्यालय ने देर रात में ही मतदान के लिए व्यवस्था करा दी है। दो नवंबर को पोलिंग पार्टी बूथ पर पहुंचेगी।
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--कोट--
‘प्रथम दृष्टया पीठासीन अधिकारी की ओर से गड़बड़ी की गई है। इस आधार पर उन्हें निलंबित कर दिया गया है। तीन नवंबर को पुनर्मतदान और मतगणना होगी। सेक्टर मजिस्ट्रेट के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को लिखा गया है’
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- गौरव दयाल, डीएम
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