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मंत्री जी..बस आपके आने से दो दिन पहले ही मॉडल रोड को निगम ने सजाया

Wed, 10 Mar 2021 01:55 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 10 Mar 2021 01:55 AM IST
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Minister, just two days before your arrival, the Corporation decorated the Model Road
मॉडल रोड शील चौराहा। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

छह महीने से सड़क के दोनों ओर लगे थे सूखे पेड़, लोकार्पण से पहले सड़क पर दोबारा लगाए गए

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बरेली। नगर विकास मंत्री के आने से ठीक दो दिन पहले नगर निगम के अधिकारियों ने गुडबर्क कर लिया है। छह महीने से मॉडल रोड पर सूख रहे पौधों को उखाड़कर वहां नए पौधे लाकर रोप दिए गए और साफ-सफाई कर सड़क को चमका दिया गया है। दरअसल इसी मॉडल रोड और शील चौराहे का नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन को लोकार्पण करना है।
बुधवार को नगर विकास मंत्री नगर निगम व स्मार्ट सिटी से जुड़ी परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करेंगे। इसमें शहर का शील चौराहा और मॉडल रोड भी शामिल है। मॉडल रोड पर पिछले छह महीने से सड़क के दोनों ओर और बीच में पौधे सूख रहे थे और जालियां टूट गई थी। राजेंद्र नगर के लोगों ने कई बार नगर निगम से शिकायत की लेकिन निगम ने उसे ठीक नहीं कराया। अब जब उसी सड़क का लोकार्पण करने खुद नगर विकास मंत्री शहर आए हैं तो उससे ठीक दो दिन पहले नगर निगम ने वहां दिन रात काम करके सूखे पौधों को उखाड़कर नए पौधे लाकर रोप दिए। सभी जालियों को ठीक करा दिया गया और सड़क किनारे जमी मिट्टी को हटवा दिया गया है। पर्यावरण अभियंता संजीव ने बताया कि पौधे रोपते समय सावधानी के साथ उनकी जड़ों से पॉलिथीन बैग हटवाए जाते हैं। दो साल पहले करीब डेढ़ लाख का टेंडर हुआ था। कुछ पौधे सूख गए थे। अब मॉडल रोड पर तीन बार पौधरोपण उसी ठेकेदार से पुराने टेंडर की कीमत में ही कराया जा चुका है। दोबारा टेंडर नहीं किया गया है। इस टेंडर में पौधों का रख रखाव भी शामिल था।
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तो इसलिए सूख गए थे पौधे

हर साल लाखों पौधे रोपने के बाद भी न तो शहर में हरियाली बढ़ पा रही है और न ही प्रदूषण का स्तर कम हो रहा है। हर साल बारिश से पहले अभियान चलाकर पौधे रोपे जाते हैं। इस पर करोड़ों रुपये खर्च होते हैं। आधे से ज्यादा पौधे देखरेख के अभाव में सूख जाते हैं। पौधरोपण का टेंडर लेने वाली संस्थाएं सिर्फ खानापूर्ति करती हैं। नगर निगम ने तो दो साल पहले डेढ़ लाख की कीमत के छह सौ पौधे राजेंद्रनगर में मॉडल रोड पर जड़ों से पॉलिथीन बैग हटाए बिना ही पौधे रोप दिए। लिहाजा कुछ समय बाद ही पौधे सूख गए। यह बात तब सामने आई जब सूखे पौधों को उखाड़ा जा रहा था तो उनकी जड़ों में पॉलीथिन बंधी हुई थी। नर्सरी संचालक बाबूराम मौर्या का कहना है कि पौधे लगाते समय जड़ों से पॉलिथीन बैग हटा दिए जाते तो ये इस तरह नहीं सूखते।
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स्टेडियम रोड पर अभी सात दिन पहले ही लगाए पौधे

नगर निगम ने शहर की स्टेडियम रोड, चौकी चौराहा से पटेल चौक तक और सेटेलाइट से श्यामगंज तक भी इसी तरह पौधरोपण किया था। वहां भी पौधे पेड़ बनने से पहले ही सूख गए। श्यामगंज से लेकर सेटेलाइट तक डिवाइडरों पर लगाए गए पौधे देखरेख के अभाव में सूख चुके हैं। इनमें से कई के तो गमले टूट गए हैं। वहीं स्टेडियम रोड पर तो अभी सात दिन पहले ही पौधे दोबारा रोपे हैं।
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