Bareilly News: झाड़ियों में गुम मिनी स्टेडियम... सुविधाओं पर लटक रहा ताला, मायूस होकर लौट रहे खिलाड़ी
बरेली जिले में 15 मिनी स्टेडियम बनाए गए हैं, जो अब बदहाली का शिकार हो गए। सही देखरेख न होने से मैदान में झाड़ियां हो गई हैं।
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बरेली जिले के गांवों-कस्बों में छिपी खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए जिले में बनाए गए 15 मिनी स्टेडियम बदहाली का शिकार हो गए। कहीं गेट पर ताले का पहरा है तो कहीं मैदान झाड़ियों में गुम हो गया है। जहां स्थिति थोड़ी ठीक है, वहां उपकरणों का अभाव है। ऐसे में पदकों की उम्मीद परवान नहीं चढ़ पा रही है।
टोक्यो ओलंपिक में देश के लिए पदक हासिल करने वाले ज्यादातर खिलाड़ी ग्रामीण परिवेश से रहे। इसको देखते हुए सरकार ने ग्रामीण प्रतिभाओं को निखारने के लिए मिनी स्टेडियम बनाने की पहल की। बरेली के भोजीपुरा, क्यारा, नवाबगंज, भदपुरा, शेरगढ़, बहेड़ी, भुता समेत सभी 15 ब्लॉकों में एक-एक मिनी स्टेडियम का निर्माण कराया गया, लेकिन दो साल से ये बदहाल पड़े हैं। इससे अभ्यास के लिए पहुंच रहे खिलाड़ी मायूस होकर लौट रहे हैं।
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शेरगढ़ ब्लॉक के ग्राम ब्योधा में बने मिनी स्टेडियम पर ताला पड़ा मिला। वहां खिलाड़ियों के बैठने के लिए बनाई गईं सीमेंट की बेंच भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं। भोजीपुरा में बने मिनी स्टेडियम चारों ओर बड़ी-बड़ी झाड़ियां उग आई हैं। यहां न तो किसी खेल का कोर्ट बना है, न ही कोई अन्य व्यवस्था देखने को मिली।
विजेता टीम साथ ले गई खेल का सामान
मझगवां ब्लॉक की ग्राम पंचायत बेहटा बुजुर्ग में बने मिनी स्टेडियम में ब्लॉक स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिताएं भी कराई जाती हैं। यहां ओपन जिम तो बना है, लेकिन प्रतिभाओं को निखारने के लिए जरूरी उपकरण उपलब्ध नहीं हैं। ग्राम प्रधान जैबूल निशा ने बताया कि मिनी स्टेडियम के लोकार्पण के दौरान वॉलीबाल, बैडमिंटन सहित कुछ अन्य खेलों के लिए जरूरी सामान मुहैया कराया गया था, लेकिन एक प्रतियोगिता के दौरान विजेता टीम उसे अपने साथ ले गई। अब दोबारा डिमांड भेजी गई है। धनराशि मिलते ही सामान खरीद लिया जाएगा।
असमतल मैदान, अब हो रहा वीरान
नवाबगंज के गांव अधकटा नजराना में बने मिनी स्टेडियम में बीते साल खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन कराया गया था। इसके बाद किसी ने इसकी सुध नहीं ली। असमतल मैदान अब दिनोंदिन वीरान होता जा रहा है। ब्लॉक प्रमुख प्रज्ञा गंगवार ने बताया कि यहां जिला पंचायत की ओर से दो कमरों और एक बास्केटबाल कोर्ट का काम कराया जाना है, लेकिन अभी तक इसकी शुरुआत नहीं हो सकी। यहां बने शौचालय और चेजिंग रूम की हालत खस्ता हो चुकी है। मिनी स्टेडियम सिर्फ कागजों पर ही हैं, धरातल पर कुछ नजर नहीं आता।
मुख्य विकास अधिकारी जगप्रवेश ने बताया कि मिनी स्टेडियम की जमीनी हकीकत के लिए सर्वे कराएंगे। प्रत्येक ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव को अपने यहां के स्टेडियम की मौजूदा स्थिति देखनी है। स्टेडियम को इस तरह बनाए रखना है कि युवाओं को दिक्कत न आए। अगर दिक्कत है तो जिम्मेदारी तय होगी।