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Bareilly News: कुत्ते-बंदरों का आतंक, जलनिकासी व्यवस्था कागजों में
Mon, 12 Oct 2026 02:16 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Mon, 12 Oct 2026 02:16 AM IST
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बरेली। वार्ड 49 के शास्त्री नगर में विकास के लिए साल-दर-साल योजनाएं तो बनीं, लेकिन इनमें शामिल कुछ योजना ही धरातल पर नजर आ रही है। कुत्ता-बंदरों का आतंक यहां चरम पर है। आए दिन हर वर्ग के लोग इनके हमले में गंभीर घायल हो रहे हैं। तमाम शिकायतें नगर निगम में स्थानीय लोगों ने दर्ज कराई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इसके साथ ही यहां जल और सीवरेज सिस्टम के कोई इंतजाम न होने से लोगों में आक्रोश है।
अमर उजाला की ओर से आयोजित संवाद में बड़ी संख्या में लोगों ने खुले मंच पर अपनी बातें रखीं और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। लोगों ने क्षेत्र में कुत्ते-बंदरों के बढ़ते आतंक और जलनिकासी व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई। उनका कहना था कि बुनियादी समस्याओं से जूझ रहे लोगों को राहत नहीं मिल रही है। जलनिकासी की व्यवस्था कागजों तक सीमित होने से लोगों की मुश्किलें बनी हुई हैं।
संवाद के दौरान क्षेत्रीय समस्याओं और उनके समाधान को लेकर नगर निगम की जिम्मेदारी पर चर्चा हुई। स्थानीय निवासी गिरीश चंद्र शर्मा ने बताया कि यहां कई साल पहले पंप हाउस का निर्माण निगम ने कराया, लेकिन इसकी क्षमता बढ़ाने की मांग कई बार की गई है। लेकिन कोई सुनवाई नहीं है। अनिल कुमार कंचन ने बताया कि वार्ड में आने के लिए जो मुख्य सड़क से लेकर वार्ड में जल निकासी के लिए जो नाला बना है। इसकी हालत जर्जर है। यहां विपिन चौराहे से लेकर हार्टमन तक सीसी नाले का निर्माण कराया जाए। दीपक सक्सेना ने बताया कि बिजली निगम की हठधर्मिता के चलते लोग बिजली संबंधी दिक्कतों से त्रस्त है। यहां तिकोना पार्क के पास जो ट्रांसफार्मर लगा हुआ है। वह आए दिन फुंक जाता है। शिकायत करने के कई दिनों के बाद तक बिजली निगम की टीम यहां नहीं आती है। लोगों ने कुत्ते-बंदरों के आतंक से राहत और जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग प्रमुखता से उठी।
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इनसेट
कूड़ा उठान में अवैध वसूली
वार्ड निवासी शिवनाथ मौर्य ने बताया कि निगम की ओर से डोर टू डोर कूड़ा उठाने वाले कर्मचारी मनमर्जी शुल्क ले रहे हैं। नियमानुसार प्रत्येक घर स्वामी से 50 रुपये प्रतिमाह यहां के लिए निर्धारित है, लेकिन निगम कर्मचारी सभी घरों से 100 रुपये वसूल रहे हैं। वहीं 100 की रसीद मांगने पर 50 रुपये की रसीद देकर चले जाते हैं। जिससे स्थानीय लोग परेशान हैं।
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अमर उजाला की ओर से आयोजित संवाद में बड़ी संख्या में लोगों ने खुले मंच पर अपनी बातें रखीं और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। लोगों ने क्षेत्र में कुत्ते-बंदरों के बढ़ते आतंक और जलनिकासी व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई। उनका कहना था कि बुनियादी समस्याओं से जूझ रहे लोगों को राहत नहीं मिल रही है। जलनिकासी की व्यवस्था कागजों तक सीमित होने से लोगों की मुश्किलें बनी हुई हैं।
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संवाद के दौरान क्षेत्रीय समस्याओं और उनके समाधान को लेकर नगर निगम की जिम्मेदारी पर चर्चा हुई। स्थानीय निवासी गिरीश चंद्र शर्मा ने बताया कि यहां कई साल पहले पंप हाउस का निर्माण निगम ने कराया, लेकिन इसकी क्षमता बढ़ाने की मांग कई बार की गई है। लेकिन कोई सुनवाई नहीं है। अनिल कुमार कंचन ने बताया कि वार्ड में आने के लिए जो मुख्य सड़क से लेकर वार्ड में जल निकासी के लिए जो नाला बना है। इसकी हालत जर्जर है। यहां विपिन चौराहे से लेकर हार्टमन तक सीसी नाले का निर्माण कराया जाए। दीपक सक्सेना ने बताया कि बिजली निगम की हठधर्मिता के चलते लोग बिजली संबंधी दिक्कतों से त्रस्त है। यहां तिकोना पार्क के पास जो ट्रांसफार्मर लगा हुआ है। वह आए दिन फुंक जाता है। शिकायत करने के कई दिनों के बाद तक बिजली निगम की टीम यहां नहीं आती है। लोगों ने कुत्ते-बंदरों के आतंक से राहत और जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग प्रमुखता से उठी।
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कूड़ा उठान में अवैध वसूली
वार्ड निवासी शिवनाथ मौर्य ने बताया कि निगम की ओर से डोर टू डोर कूड़ा उठाने वाले कर्मचारी मनमर्जी शुल्क ले रहे हैं। नियमानुसार प्रत्येक घर स्वामी से 50 रुपये प्रतिमाह यहां के लिए निर्धारित है, लेकिन निगम कर्मचारी सभी घरों से 100 रुपये वसूल रहे हैं। वहीं 100 की रसीद मांगने पर 50 रुपये की रसीद देकर चले जाते हैं। जिससे स्थानीय लोग परेशान हैं।