फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Bareilly Weather Maximum temperature towards minimum point for the 10th time in 22 years

सर्दी तोड़ रही रिकॉर्ड: 22 वर्षों में 10वीं बार न्यूनतम बिंदु की ओर अधिकतम तापमान, मौसम विशेषज्ञ हैरान

Fri, 19 Jan 2024 10:02 AM IST
बरेली ब्यूरो अजीत प्रताप सिंह, बरेली ब्यूरो
अजीत प्रताप सिंह, बरेली ब्यूरो Published by: बरेली ब्यूरो Updated Fri, 19 Jan 2024 10:02 AM IST
सार

Weather News: बरेली में सर्दी रिकॉर्ड तोड़ रही है। अधिकतम तापमान न्यूनतम के करीब पहुंच गया है। इस साल अब तक तीन बार रेड अलर्ट भी हो चुका है। मौसम का मिजाज देख विशेषज्ञ भी हैरान हैं। 

विज्ञापन
Bareilly Weather Maximum temperature towards minimum point for the 10th time in 22 years
शीतलहर की चपेट में बरेली - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

बरेली में साल दर साल सर्दी नया कीर्तिमान बना रही है। मौसम विभाग के पास 1884 से अब तक के आंकड़े मौजूद हैं। इसके मुताबिक वर्ष 2002 तक ऐसी स्थिति कभी नहीं बनी। वर्ष 2003 से 2024 तक 10 बार अधिकतम पारे ने न्यूनतम बिंदु को छुआ। इस वर्ष भी 17 जनवरी को ऐसी ही स्थिति बनी। विशेषज्ञ इसे जलवायु परिवर्तन का प्रभाव बता रहे हैं।

विज्ञापन


मौसम विज्ञान विभाग से प्राप्त जानकारी के मुताबिक बरेली के बड़ा बाजार में वर्ष 1884 में पायलट बैलून ऑब्जर्वेटरी की स्थापना हुई थी। बाद में इसे प्रेमनगर थाने के सामने और वर्ष 2017 में भारतीय पशु चिकित्सा एवं अनुसंधान संस्थान इज्जतनगर में स्थानांतरित कर दिया गया। 
विज्ञापन


UP School Closed: भीषण सर्दी में आठवीं तक के बच्चों को राहत, इन जिलों के स्कूलों में बढ़ाई गई छुट्टी
विज्ञापन
विज्ञापन


तब से अब तक 10 बार अधिकतम तापमान का न्यूनतम चरम दर्ज हुआ है। वहीं, न्यूनतम तापमान का चरम करीब 25 साल पहले दर्ज हुआ था। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ विशेषज्ञ अतुल कुमार के मुताबिक 17 जनवरी का अधिकतम पारा (10.2 डिग्री सेल्सियस) बरेली के 140 वर्षों के इतिहास में 10वीं बार सबसे कम दर्ज हुआ है।

20वीं सदी में नहीं दिखी चरम स्थिति 
विशेषज्ञ अतुल के मुताबिक वर्ष 1884 से 2002 तक अधिकतम तापमान के न्यूनतम चरम की स्थिति कभी नहीं बनी। जनवरी 2003 में पहली बार अधिकतम तापमान (10.1 डिग्री सेल्सियस) न्यूनतम स्तर पर दर्ज हुआ था। फिर आठ बार और चरम स्थिति दिखी थी। वर्ष 2024 में 10वीं बार यह स्थिति बनी है।

जानिए क्या है मौसम की चरम स्थिति और प्रभाव 
चरम तापमान यानी अधिकतम के अत्यधिक न्यूनतम या न्यूनतम के अत्यधिक अधिकतम होने की स्थिति है। इसे सर्दी या गर्मी के मौसम में तापमान की असामान्य स्थिति कहते हैं। डॉ. सुदीप सरन ने बताया कि इस दशा में जनजीवन को जोखिम पहुंचने की आशंका रहती है। इसकी चपेट में आने से मनुष्य समेत पशु, वन्यजीव, पेड़-पौधों के लिए घातक स्थिति बन सकती हैं। लंबे समय तक चरम स्थिति बने रहने पर शीतदंश से शरीर के आंतरिक अंग प्रभावित होते हैं।

तीन बार जारी हो चुका है रेड अलर्ट 
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञ रवि कुमार के मुताबिक बरेली में वर्ष 2011 और 2013 जनवरी में पांच बार रेड अलर्ट जारी हुआ था। इस साल अब तक तीन बार रेड अलर्ट हो चुका है। तीन बार ऑरेंज अलर्ट भी हुए। बारिश नहीं होने से शीत विकिरण बढ़ता जा रहा है। बारिश होने के बाद ही ठंड से राहत की उम्मीद है।

बरेली कॉलेज के भूगोल विभाग के अध्यक्ष डॉ. अक्षय कुमार शुक्ला के मुताबिक जलवायु परिवर्तन से तापमान के चरम की स्थितियां बन रही हैं। 20वीं सदी के दौरान ही पारिस्थितिकी तंत्र से छेड़छाड़ शुरू हो गई थी। निम्नतम स्थिति की वजह से यह नजर नहीं आया। 21 शताब्दी में यह प्रभाव डालने लगा। 

पृथ्वी की घूर्णन गति, अक्षांश की पेटी, महाद्वीपों में भी बदलाव हो रहा है। वहीं, प्रदूषण भी बेतहाशा बढ़ा है। बरेली में इन्हीं 20 वर्षों में औद्योगिक विकास के साथ वाहनों की संख्या भी बढ़ी जो तापमान की चरम स्थिति के लिए उत्प्रेरक बने हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed