UP News: 'देवकीनंदन ठाकुर का बयान हिंदू समाज को आईना दिखाने वाला...', मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने किया समर्थन
बरेली के मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी है, जिसमें कथावाचक ने कहा कि धार्मिक शिक्षा न होने के कारण हिंदुओं के बच्चे 99 प्रतिशत हिंदू नहीं हैं। इस पर मौलाना ने कहा कि कथावाचक ने हिंदू समाज को आईना दिखाने वाली बात कही है।
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कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर के बयान पर ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। मौलाना ने कहा कि कथावाचक ने हिंदू समाज के लोगों को आईना दिखाने वाली बात कही है। हर व्यक्ति को चाहिए कि अपने बच्चों को धार्मिक शिक्षा दें। धर्म के मुख्य उद्देश्य को समझना व पढ़ना जरूरी है। अच्छा इंसान वही है जो अपने धर्म के वसूलों पर अमल करते हुए समाज और देश के हितों की बात करें।
कानपुर में कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने कहा था कि अगर हिंदुओं के बच्चे 99 प्रतिशत हिंदू नहीं हैं। इसकी वजह है कि हम अपने बच्चों को रामायण और गीता का ज्ञान नहीं दे रहे। जब हमें अपने धर्म बोध और पुस्तकों का ज्ञान नहीं होगा, तो हम कैसे हिंदू होंगे? धर्म परिवर्तन वो लोग कर रहे हैं, जिन्हें अपने धर्म के बारे में ज्ञान नहीं। इस बयान पर मौलाना ने कहा कि कथावाचक ने हकीकत बयां की है।
धर्मांतरण पर ये कहा
शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि देश में मुसलमानों की कोई भी ऐसी संस्था या संगठन नहीं की है, जहां से धर्मांतरण कराया जाता हो। अगर कोई मुस्लिम व्यक्ति धर्मांतरण का काम कराता है। इसके लिए लालच और दबाव डालता है तो ये पैगंबर-ए-इस्लाम की शिक्षा और इस्लाम व संविधान के खिलाफ है। दूसरे मजहब के लोग धर्मांतरण कराते हैं। ऐसे लोगों के विरोध कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
मौलाना ने सपा पर साधा निशाना
शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि समाजवादी पार्टी (सपा) ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया शुरू होते ही चुनाव आयोग से शिकायत की है। सपा की आपत्ति फिजूल और भ्रमित करने वाली है। चुनाव आयोग का एसआईआर कराने का निर्णय जनता के हितों को देखते हुए अच्छा कदम है। मगर सपा के लोग धर्म और जातिवाद की राजनीति करते हैं, इसलिए उनको जनता की बेहतरी में उठाए गए कदम को बुरा लगता है।
ओवैसी के बयान पर दी प्रतिक्रिया
मौलाना ने ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि बिहार का मुख्यमंत्री मुसलमान बन सकता है। हमारे संविधान में कहीं भी मुसलमान प्रधानमंत्री य मुख्यमंत्री बनने में कोई रुकावट पैदा नहीं की है। मौलाना ने आगे कहा कि ओवैसी को चाहिए था कि बिहार में सभी सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारते। बहुमत के साथ जीतकर आते, फिर किसी मुसलमान को मुख्यमंत्री बना देते या खुद की बिहार के मुख्यमंत्री बन जाते। मगर उन्होंने इस दिशा में कोई कदम नहीं बढ़ाया। सिर्फ 34 सीटों पर प्रत्याशी उतारकर खामोश बैठ गए।