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मास्साब तो गए डायट ...और बच्चों की शुरू हो गई धमाचौकड़ी

Sun, 12 Nov 2017 02:28 AM IST
बरेली।
बरेली। Updated Sun, 12 Nov 2017 02:28 AM IST
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Masabab jaat diat ... and the children started chanting
स्‍ककूल

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महानगर में बेसिक शिक्षा परिषद के करीब आठ-दस ऐसे विद्यालय हैं, जहां विद्यार्थियों की संख्या ठीक-ठाक है लेकिन शिक्षक मात्र एक हैं। ऐसे में वहां तैनात अध्यापक जब अवकाश पर होते हैं या फिर किसी सरकारी कार्य से बाहर जाते हैं तो स्कूल बंद करना पड़ता है या फिर यूं ही बच्चे धमाचौकड़ी मचाते रहते हैं। ऐसा ही नजारा शनिवार को प्राइमरी विद्यालय जसौली (द्वितीय) में देखने को मिला। यहां एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी बच्चों को जैसे तैसे संभालने की कोशिश करते दिखे।
पूछताछ से पता चला कि विद्यालय में तैनात शिक्षक अरुणेश फरीदपुर डायट गए हैं। फोन पर उन्होंने बताया कि नेशनल अचीवमेंट सर्वे के कुछ पेपर रिसीव करने के लिए बुलाया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि करीब दो साल से वह अकेले विद्यालय संभाल रहे हैं। कई बार विभाग का ध्यान इस तरफ आकर्षित कराने पर भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। विद्यालय में 105 विद्यार्थी पंजीकृत हैं, इस हिसाब से तीन शिक्षक होने चाहिए लेकिन ऐसा नहीं है। शनिवार की सुबह 60-65 विद्यार्थी विद्यालय आए लेकिन दोपहर में मात्र 30 बचे थे, अन्य घर लौट चुके थे। कर्मचारी सर्वेश कुमार बच्चों की देखरेख कर रहे थे।
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इसी क्रम में प्राथमिक विद्यालय कटघर (प्रथम) भी एकल विद्यालय है। यहां शिक्षिका शौकिया आदिल ने बताया कि उनके यहां 130 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। शनिवार को मात्र 30 विद्यार्थी पढ़ने आए। अकेले होने के कारण सभी बच्चों पर पूरा ध्यान दे पाना संभव नहीं हो पाता है। उन्होंने यह भी बताया कि विद्यालय में बिजली कनेक्शन नही है जिसकी वजह से कक्षाओं में अंधेरा बना रहता है। अब चुनाव ड्यूटी की वजह से तीन दिन विद्यालय को बंद भी करना पड़ेगा।
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वर्जन 
एमएचआरडी की तरफ से नेशनल अचीवमेंट सर्वे होना है, इसी से संबंधित सामग्री रिसीव करने के लिए शिक्षक को डायट बुलाया गया था। 
- शिवानी यादव, डायट प्रवक्ता। 

वर्जन 
बीएसए को प्रस्ताव बनाकर भेजा था। प्रमोशन और तैनाती के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया रुक गई, इसकी वजह से टीचर नहीं मिल पाए। चुनाव के बाद दिसंबर-जनवरी में दिक्कत दूर हो सकती है।  
- देवेश राय, नगर शिक्षा अधिकारी। 
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