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Bareilly News: प्रैक्टिकल देने पहुंचे कई छात्र अब देंगे इंप्रूवमेंट परीक्षा
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बरेली। 15 साल के दौरान अनिवार्य विषय की परीक्षा से वंचित रहे विद्यार्थियों को प्रयोगात्मक परीक्षा का मौका मिला है। जब वे बरेली कॉलेज पहुंचे और दस्तावेजों का मिलान किया गया तो पता चला कि उन्होंने प्रयोगात्मक परीक्षा के साथ ही, सैद्धांतिक (थ्योरी) की परीक्षा भी नहीं दी है। मौके पर मौजूद विद्यार्थियों की प्रैक्टिकल परीक्षा लेने के बाद उन्हें इंप्रूवमेंट परीक्षा का सुझाव दिया है। इसके बाद ही उन्हें डिग्र्री मिल सकेगी।
रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने सभी संबद्ध कॉलेजों को साल 2007 से अब तक खेलकूद एवं शारीरिक शिक्षा की प्रयोगात्मक परीक्षा का मौका दिया है। दिशानिर्देश के तहत बरेली कॉलेज ने रिकॉर्ड खंगाला तो पता चला कि करीब डेढ़ हजार से ज्यादा विद्यार्थियों की डिग्री अनिवार्य विषय की परीक्षा न देेने से अटकी है। बृहस्पतिवार को परीक्षा का दूसरा दिन था। इसमें नवाबगंज का एक युवक परीक्षा देने पहुंचा था। दस्तावेजों का मिलान करने पर क्रीड़ा प्रभारी विवेक डागर ने इंप्रूवमेंट परीक्षा देने का सुझाव दिया तो विद्यार्थी सकते में आ गया। उन्होंने इंप्रूवमेंट फार्म भरकर संबंधित परीक्षा देने के बाद ही डिग्री मिलने की जानकारी दी।
बताया कि अनिवार्य विषय के तौर पर शारीरिक शिक्षा और खेलकूद की प्रयोगात्मक परीक्षा के साथ ही, एक प्रश्नपत्र सैद्धांतिक का भी होता है। यह भी अनिवार्य विषय के तहत है। डेढ़ हजार में ज्यादातर विद्यार्थी सैद्धांतिक से संबंधित हैं, जिन्हें इंप्रूवमेंट परीक्षा के लिए फार्म भरने की जानकारी दी जा रही है। बुधवार को चार विद्यार्थी परीक्षा देने पहुंचे थे। प्राप्त अंकतालिका की जांच के बाद थ्योरी परीक्षा से गैरहाजिर मिलने की पुष्टि हुई।
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बार काउंसिल में नहीं हो पा रहा पंजीकरण
नवाबगंज के रहने वाले मोहम्मद नाजिम ने बताया कि उन्होंने साल 2009 में बरेली कॉलेज से पढ़ाई की थी। उस दौरान उन्हें अनिवार्य विषय के संबंध में कोई जानकारी नहीं थी। स्नातक पास करने के बाद अंकतालिका लेकर उन्होंने एलएलबी में प्रवेश ले लिया। पढ़ाई पूरी करने के बाद वे प्रैक्टिस के लिए दिल्ली चले गए। करीब दो साल पहले भी वह प्रैक्टिकल देने आए थे। तब किन्हीं वजहों से वे परीक्षा में शामिल नहीं हो सके थे। अब मौका मिला तो वे पहुंचे मगर इंप्रूवमेंट फार्म भरने का सुझाव दिया गया है। बताया कि डिग्री न मिलने से उनका पंजीकरण बार काउंसिल में नहीं हो पा रहा है।
आज सत्र 2012-13 की प्रयोगात्मक परीक्षा
मीडिया प्रभारी प्रोफेसर एसी त्रिपाठी के मुताबिक पिछले दो दिन में सत्र 2009 से 2011 तक के विद्यार्थियों की प्रयोगात्मक परीक्षा के लिए बुलाया गया था। शुक्रवार को सत्र 2012 से 2013 तक की प्रयोगात्मक परीक्षा होगी। वहीं, सत्र 2014 से 2022 तक प्रयोगात्मक परीक्षा से वंचित विद्यार्थी भी 28 जनवरी तक कॉलेज के क्रीड़ा विभाग में अपनी अंकतालिका और संबंधित दस्तावेज लेकर संपर्क कर सकते हैं। परीक्षा कार्यक्रम में अब किसी तरह का कोई संशोधन नहीं होगा। अगर किन्हीं वजहों से कोई विद्यार्थी छूट जाएगा तो इसके जिम्मेदार वे स्वयं होंगे।
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रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने सभी संबद्ध कॉलेजों को साल 2007 से अब तक खेलकूद एवं शारीरिक शिक्षा की प्रयोगात्मक परीक्षा का मौका दिया है। दिशानिर्देश के तहत बरेली कॉलेज ने रिकॉर्ड खंगाला तो पता चला कि करीब डेढ़ हजार से ज्यादा विद्यार्थियों की डिग्री अनिवार्य विषय की परीक्षा न देेने से अटकी है। बृहस्पतिवार को परीक्षा का दूसरा दिन था। इसमें नवाबगंज का एक युवक परीक्षा देने पहुंचा था। दस्तावेजों का मिलान करने पर क्रीड़ा प्रभारी विवेक डागर ने इंप्रूवमेंट परीक्षा देने का सुझाव दिया तो विद्यार्थी सकते में आ गया। उन्होंने इंप्रूवमेंट फार्म भरकर संबंधित परीक्षा देने के बाद ही डिग्री मिलने की जानकारी दी।
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बताया कि अनिवार्य विषय के तौर पर शारीरिक शिक्षा और खेलकूद की प्रयोगात्मक परीक्षा के साथ ही, एक प्रश्नपत्र सैद्धांतिक का भी होता है। यह भी अनिवार्य विषय के तहत है। डेढ़ हजार में ज्यादातर विद्यार्थी सैद्धांतिक से संबंधित हैं, जिन्हें इंप्रूवमेंट परीक्षा के लिए फार्म भरने की जानकारी दी जा रही है। बुधवार को चार विद्यार्थी परीक्षा देने पहुंचे थे। प्राप्त अंकतालिका की जांच के बाद थ्योरी परीक्षा से गैरहाजिर मिलने की पुष्टि हुई।
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बार काउंसिल में नहीं हो पा रहा पंजीकरण
नवाबगंज के रहने वाले मोहम्मद नाजिम ने बताया कि उन्होंने साल 2009 में बरेली कॉलेज से पढ़ाई की थी। उस दौरान उन्हें अनिवार्य विषय के संबंध में कोई जानकारी नहीं थी। स्नातक पास करने के बाद अंकतालिका लेकर उन्होंने एलएलबी में प्रवेश ले लिया। पढ़ाई पूरी करने के बाद वे प्रैक्टिस के लिए दिल्ली चले गए। करीब दो साल पहले भी वह प्रैक्टिकल देने आए थे। तब किन्हीं वजहों से वे परीक्षा में शामिल नहीं हो सके थे। अब मौका मिला तो वे पहुंचे मगर इंप्रूवमेंट फार्म भरने का सुझाव दिया गया है। बताया कि डिग्री न मिलने से उनका पंजीकरण बार काउंसिल में नहीं हो पा रहा है।
आज सत्र 2012-13 की प्रयोगात्मक परीक्षा
मीडिया प्रभारी प्रोफेसर एसी त्रिपाठी के मुताबिक पिछले दो दिन में सत्र 2009 से 2011 तक के विद्यार्थियों की प्रयोगात्मक परीक्षा के लिए बुलाया गया था। शुक्रवार को सत्र 2012 से 2013 तक की प्रयोगात्मक परीक्षा होगी। वहीं, सत्र 2014 से 2022 तक प्रयोगात्मक परीक्षा से वंचित विद्यार्थी भी 28 जनवरी तक कॉलेज के क्रीड़ा विभाग में अपनी अंकतालिका और संबंधित दस्तावेज लेकर संपर्क कर सकते हैं। परीक्षा कार्यक्रम में अब किसी तरह का कोई संशोधन नहीं होगा। अगर किन्हीं वजहों से कोई विद्यार्थी छूट जाएगा तो इसके जिम्मेदार वे स्वयं होंगे।