{"_id":"6695c8441e490e3824074464","slug":"many-illegal-coaching-of-taekwondo-running-in-the-name-of-sangh-bareilly-news-c-4-bly1015-440100-2024-07-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: संघ के नाम पर चल रहीं ताइक्वांडो की कई अवैध कोचिंग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: संघ के नाम पर चल रहीं ताइक्वांडो की कई अवैध कोचिंग
विज्ञापन
बरेली। शहर में ताइक्वांडो संघ के नाम पर कई अवैध दुकानें संचालित कर खिलाड़ियों से मनमाना शुल्क वसूला जा रहा है। ताइक्वांडो फेडरेशन ऑफ इंडिया (टीएफआई) और इंडिया ताइक्वांडो (आईटी) के नाम पर शहर में 150-200 कोचिंग संचालित की जा रही हैं। अब तक हजारों खिलाड़ियों को अवैध प्रमाणपत्र बांटे जा चुके हैं। सबसे अहम ब्लैक बेल्ट के लिए संघ की ओर से 4500 से 4800 रुपये फीस निर्धारित की गई है, लेकिन कई कोच खिलाड़ियों से इसके लिए मोटा पैसा ले रहे हैं। इस धोखाधड़ी से बचने के लिए खिलाड़ी को प्रवेश से पहले जांच कर लेना चाहिए कि कोचिंग किस संघ से संबंधित है।
हर तीन माह में होती है परीक्षा
संघ का नियम है कि बेल्ट को अपडेट करने के लिए हर तीन माह में एक बार परीक्षा कराई जाती है। यदि खिलाड़ी इस परीक्षा में फेल हो जाता है तो उसे अगली बार का इंतजार करना पड़ता है। कुछ कोच अपनी कमाई के लिए तय समय सीमा से पहले ही परीक्षा करवा लेते है। संवाद
खिलाड़ियों को कोचिंग में पंजीकरण कराने से पहले ही संघ के बारे में पूरी जानकारी कर लेनी चाहिए। अधिकतर मामलों में खिलाड़ियों को फर्जीवाड़े के पता तब चलता है, जब नौकरी के लिए आवेदन करने पर उनके प्रमाणपत्र को फर्जी घोषित कर दिया जाता है। कई खिलाड़ी ऐसे है जिनको कई वर्षों के बाद पता लगा कि उनके प्रमाणपत्र की मान्यता ही नहीं है। - अकमल खान, सचिव, बरेली स्पोर्ट्स ताइक्वांडो संघ
विज्ञापन
विज्ञापन
हर तीन माह में होती है परीक्षा
संघ का नियम है कि बेल्ट को अपडेट करने के लिए हर तीन माह में एक बार परीक्षा कराई जाती है। यदि खिलाड़ी इस परीक्षा में फेल हो जाता है तो उसे अगली बार का इंतजार करना पड़ता है। कुछ कोच अपनी कमाई के लिए तय समय सीमा से पहले ही परीक्षा करवा लेते है। संवाद
विज्ञापन
खिलाड़ियों को कोचिंग में पंजीकरण कराने से पहले ही संघ के बारे में पूरी जानकारी कर लेनी चाहिए। अधिकतर मामलों में खिलाड़ियों को फर्जीवाड़े के पता तब चलता है, जब नौकरी के लिए आवेदन करने पर उनके प्रमाणपत्र को फर्जी घोषित कर दिया जाता है। कई खिलाड़ी ऐसे है जिनको कई वर्षों के बाद पता लगा कि उनके प्रमाणपत्र की मान्यता ही नहीं है। - अकमल खान, सचिव, बरेली स्पोर्ट्स ताइक्वांडो संघ
विज्ञापन