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UP: बरेली मंडल का पहला यूनानी मेडिकल कॉलेज मार्च तक होगा तैयार, चुनाव से पहले ओपीडी शुरू कराने की तैयारी
Tue, 23 Jan 2024 04:32 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Tue, 23 Jan 2024 04:32 PM IST
सार
बरेली में बन रहा मंडल का पहला और प्रदेश का तीसरा यूनानी मेडिकल कॉलेज बन रहा है। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता के अनुसार 85 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। बाकी 15 प्रतिशत काम 31 मार्च से पहले पूरा होगा।
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निर्माणाधीन यूनानी मेडिकल कॉलेज का भवन
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बरेली में बन रहा मंडल का पहला और प्रदेश का तीसरा यूनानी मेडिकल कॉलेज मार्च तक तैयार हो जाएगा। अभी तक प्रयागराज और लखनऊ में ही राजकीय यूनानी मेडिकल कॉलेज हैं। यूनानी चिकित्सा निदेशालय लोकसभा चुनाव की अधिसूचना से पहले इसकी ओपीडी शुरू कराने की तैयारी कर रहा है।
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हजियापुर में बन रहा यह कॉलेज बीते दिनों निर्माण कार्य में पीली ईंट का इस्तेमाल पकड़े जाने के बाद चर्चा में आया था। अधिकारियों का दावा है कि डीएम के निरीक्षण में पकड़ी गईं गड़बड़ियों को दूर कर लिया गया है। इसका निर्माण कुल 113 करोड़ रुपये लागत से नवंबर 2022 में शुरू हुआ। मार्च 2023 तक काम पूरा होना था लेकिन निर्माण स्थल के परिसर में 50 हजार मीट्रिक टन से अधिक कूड़ा पड़ा था। न तो समय पर कूड़ा हटा और न ही समय पर बजट मिला। इसलिए निर्माण में देरी होती रही।
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अब लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता संजीव कुमार के अनुसार 85 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। बाकी 15 प्रतिशत काम 31 मार्च से पहले पूरा होगा। इस कॉलेज में 100 मरीजों को भर्ती करके इलाज दिया जा सकेगा। बीयूएमएस की पढ़ाई होगी।
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दो विभागों के बीच विवाद में हुई देरी
कॉलेज की जमीन पर बड़ी मात्रा में कूड़ा था और उसके निस्तारण का काम नगर निगम और पीडब्ल्यूडी के बीच तीन महीने तक विवाद में फंसा रहा। तय नहीं हो पा रहा था कि कूड़ा कौन निस्तारित करेगा। अंत में लोक निर्माण विभाग ने निजी फर्म को कूड़ा निस्तारण का ठेका दिया। अब तक करीब 25 हजार मीट्रिक टन कूड़े का निस्तारण हो चुका है।
दर्द के मरीजों का होगा हिजामा
जिले में यूनानी चिकित्सा पद्धति के नौ अस्पताल हैं, लेकिन किसी में मरीज भर्ती करने की कोई सुविधा नहीं है। मेडिकल कॉलेज बनने से जोड़ों में दर्द, पेट संबंधी बीमारियों का उपचार भर्ती करके किया जा सकेगा। क्षेत्रीय यूनानी अधिकारी डॉ. अब्बास अली खान ने बताया कि दर्द के मरीजों को हिजामा करके राहत दी जाएगी।
कॉलेज की जमीन पर बड़ी मात्रा में कूड़ा था और उसके निस्तारण का काम नगर निगम और पीडब्ल्यूडी के बीच तीन महीने तक विवाद में फंसा रहा। तय नहीं हो पा रहा था कि कूड़ा कौन निस्तारित करेगा। अंत में लोक निर्माण विभाग ने निजी फर्म को कूड़ा निस्तारण का ठेका दिया। अब तक करीब 25 हजार मीट्रिक टन कूड़े का निस्तारण हो चुका है।
दर्द के मरीजों का होगा हिजामा
जिले में यूनानी चिकित्सा पद्धति के नौ अस्पताल हैं, लेकिन किसी में मरीज भर्ती करने की कोई सुविधा नहीं है। मेडिकल कॉलेज बनने से जोड़ों में दर्द, पेट संबंधी बीमारियों का उपचार भर्ती करके किया जा सकेगा। क्षेत्रीय यूनानी अधिकारी डॉ. अब्बास अली खान ने बताया कि दर्द के मरीजों को हिजामा करके राहत दी जाएगी।
खास बातें
6.3 एकड़ में हजियापुर में बन रहा मेडिकल कॉलेज
144 लड़के और 122 लड़कियों के लिए होगा बहुमंजिला हॉस्टल
50 से अधिक आवास निदेशक, प्रोफेसर, स्टाफ और प्राचार्य के लिए
कार्यदायी संस्था प्रोजेक्टर मैनेजर मनोज त्रिपाठी ने बताया कि बिजली फिटिंग, बाउंड्री और साज-सज्जा का काम बचा है। बाकी अधिकतर काम पूरा करा लिया गया है। मार्च 2024 तक निर्माण पूरा करके भवन अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को दे दिया जाएगा, क्योंकि इसका निर्माण प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के अंतर्गत हुआ है।
6.3 एकड़ में हजियापुर में बन रहा मेडिकल कॉलेज
144 लड़के और 122 लड़कियों के लिए होगा बहुमंजिला हॉस्टल
50 से अधिक आवास निदेशक, प्रोफेसर, स्टाफ और प्राचार्य के लिए
कार्यदायी संस्था प्रोजेक्टर मैनेजर मनोज त्रिपाठी ने बताया कि बिजली फिटिंग, बाउंड्री और साज-सज्जा का काम बचा है। बाकी अधिकतर काम पूरा करा लिया गया है। मार्च 2024 तक निर्माण पूरा करके भवन अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को दे दिया जाएगा, क्योंकि इसका निर्माण प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के अंतर्गत हुआ है।