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इफको की आंवला इकाई में तीन दिनी दौरे पर आए प्रबंध निदेशक
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इफको की आंवला इकाई में तीन दिनी दौरे पर आए प्रबंध निदेशक ने लगाया पौधा।
- फोटो : अमर उजाला, बरेली
इफको आंवला। इफको की आंवला इकाई में तीन दिवसीय दौरे पर इफको प्रबंध निदेशक डॉ. उदय शंकर अवस्थी अपनी पत्नी रेखा अवस्थी के साथ पहुंचे। अतिथियों ने टाउनशिप का भ्रमण करने के साथ ही सिद्वेश्वर मंदिर परिसर में पौधे रोपे।
अतिथियों ने परंपरागत ‘स्वर्ण जयंती उद्यान’ भी देखा। इस दौरान प्रबंध निदेशक ने पर्यावरण को संरक्षित सुरक्षित करने के लिए देश के प्रत्येक नागरिक को कम से कम एक पौधा लगाने की अपील की। उन्होंने भारत में विलुप्त हो रहीं देशी प्रजातियों के पौधों के संरक्षण पर जोर दिया।
उन्होंने उद्यान का निरीक्षण करते हुए इफको की सहयोगी संस्था आईएफएफडीसी के अधिकारियों से विस्तार से चर्चा की। बताया कि भविष्य में देश का एक मात्र ऐसा उद्यान होगा जहंा एक साथ 200 से ज्यादा प्रजातियां विकसित भी की जा सकेंगी। इफको आंवला इकाई प्रमुख आईसी झा ने बताया कि ‘परंपरागत स्वर्ण जयंती उद्यान’ में सिंदूर, कल्प वृक्ष, औषधि युक्त तेजपात, विषतेंदु नागराज, खिरनी, छाबड़ा और फलदार चिरौंगी समेत 120 प्रजातियों से गुलजार है।
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बताया कि टाउनशिप की 40 हेक्टेयर जमीन में करीब 125 प्रजातियों के पौधे विकसित किए गए हैं, जिसमें कई काफी दुर्लभ प्रजातियों के पौधे भी शामिल हैं। उद्यान में अब तक उत्तराखंड, मध्यप्रदेश, उड़ीसा, राजस्थान व उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न प्रदेशों से पौधे मंगाकर रोपे जा चुके हैं। आज करीब 9 हजार पौधों से यह उपवन गुलजार है। इस अवसर पर राकेश पुरी, हरीश रावत, रामसिंह, सुदामा यादव, जितेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।
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अतिथियों ने परंपरागत ‘स्वर्ण जयंती उद्यान’ भी देखा। इस दौरान प्रबंध निदेशक ने पर्यावरण को संरक्षित सुरक्षित करने के लिए देश के प्रत्येक नागरिक को कम से कम एक पौधा लगाने की अपील की। उन्होंने भारत में विलुप्त हो रहीं देशी प्रजातियों के पौधों के संरक्षण पर जोर दिया।
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उन्होंने उद्यान का निरीक्षण करते हुए इफको की सहयोगी संस्था आईएफएफडीसी के अधिकारियों से विस्तार से चर्चा की। बताया कि भविष्य में देश का एक मात्र ऐसा उद्यान होगा जहंा एक साथ 200 से ज्यादा प्रजातियां विकसित भी की जा सकेंगी। इफको आंवला इकाई प्रमुख आईसी झा ने बताया कि ‘परंपरागत स्वर्ण जयंती उद्यान’ में सिंदूर, कल्प वृक्ष, औषधि युक्त तेजपात, विषतेंदु नागराज, खिरनी, छाबड़ा और फलदार चिरौंगी समेत 120 प्रजातियों से गुलजार है।
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बताया कि टाउनशिप की 40 हेक्टेयर जमीन में करीब 125 प्रजातियों के पौधे विकसित किए गए हैं, जिसमें कई काफी दुर्लभ प्रजातियों के पौधे भी शामिल हैं। उद्यान में अब तक उत्तराखंड, मध्यप्रदेश, उड़ीसा, राजस्थान व उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न प्रदेशों से पौधे मंगाकर रोपे जा चुके हैं। आज करीब 9 हजार पौधों से यह उपवन गुलजार है। इस अवसर पर राकेश पुरी, हरीश रावत, रामसिंह, सुदामा यादव, जितेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।