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कोरोनाः बड़े हुए जागरूक, अब बच्चों को संभालने की जरूरत

Thu, 26 Mar 2020 12:03 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 26 Mar 2020 12:03 AM IST
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man aware but children play in street
शाहजहांपुर। कोरोना को हराने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर लोग जागरूक हुए हैं लेकिन बच्चों को लेकर अभी लोगों को और ज्यादा सतर्क होने की जरूरत है। बुधवार को लॉकडाउन के पहले दिन शहर की अधिकतर सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। चारखंभा से चौक मंडी, घंटाघर से सदर बाजार और गोविंदगंज से जलालनगर तक सभी दुकानों के शटर गिरे रहे। लॉकडाउन इतना प्रभावी रहा कि सड़कों पर फलों के ठेले भी दिखाई नहीं दिए। हालांकि शहर के अंदरूनी रास्तों और गलियों में युवाओं की टोलियां आपस में बतियाती दिखीं, लेकिन गश्त करते पुलिसवालों ने उन्हें हिदायत देकर घरों के अंदर भेज दिया। इसके अलावा कुछ गलियों में बच्चे भी खेलते नजर आए।
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कोरोना के बढ़ते प्रकोप को थामने के लिए सरकार एक के बाद सख्त कदम उठा रही है, जिससे आम आदमी को भी लगने लगा है कि यह लड़ाई उनके भले के लिए है। ऐसे में लोग भी घरों से बाहर न निकलने में ही भलाई समझ रहे हैं। यही वजह रही कि बुधवार को पूरे शहर में सन्नाटा छाया रहा। हालांकि मंगलवार रात आठ बजे 21 दिन के लॉकडाउन की घोषणा होते ही लोग बेचैन हो उठे थे और जरूरत का सामान जुटाने के लिए बाजारों की ओर दौड़ पड़े। इस पर अधिकारियों ने तत्काल बाजारों का रुख कर लोगों को समझाया कि 21 दिन की बंदी के दौरान उन्हें रोजमर्रा की जरूरत वाली किसी चीज की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। इससे आश्वत होकर लौटे लोग बुधवार को दिन भर घरों के अंदर बने रहे। सड़कों पर दौड़ने वाली गाड़ियां रोड साइड की पार्किंग में खड़ी रहीं।
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बहादुरगंज और गल्ला मंडी में खुलीं सीमित दुकानें
लॉकडाउन के दौरान बहादुरगंज मेन मार्केट और गल्ला मंडी में किराना, दालों और खाद्य तेल की इक्का-दुक्का खुलीं, लेकिन उन पर ग्राहक बहुत कम पहुंचे। बहादुरगंज चौराहा पर पुलिस चेक पोस्ट के ठीक सामने किराना और पंसारी की दुकान दोपहर बाद तक खुली रही, लेकिन खरीदारों की संख्या बहुत ही सीमित रही।
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बैंक, गैस एजेंसियों पर सन्नाटा, दफ्तरों में खामोशी
लॉकडाउन के दौरान लोगों को नकदी संकट का सामना न करना पड़े इसलिए बैंक शाखाएं रोजमर्रा की तरह दोपहर दो बजे तक खुली रही। एटीएम में कैश भर दिया गया था, इस वजह से बैंकों का रुख भी कम ही लोगों ने किया। बहादुरगंज मशीनरी मार्केट, मल्हार मोड़, टाउनहाल स्थित एसबीआई की मेन ब्रांच परिसर और कचहरी के आसपास विभिन्न बैंकों के एटीएम पर कैश लेने के लिए लोग मौजूद दिखे। रसोई गैस एजेंसियों के दफ्तर भी रोजाना की तरह खुले, लेकिन कर्मचारियों के अलावा गैस बुक कराने वाले नहीं दिखे। गैस एजेंसियों ने होम डिलीवरी की भी व्यवस्था की है। सरकारी दफ्तरों में पाली में ड्यूटी लगने के चलते कम कर्मचारी ही दिखे।
बाहर का नजारा देखने को बेताब रहे लोग
लॉकडाउन के तीन-चार घंटे घरों में बिताने के बाद कुछ लोगों को ऊब महसूस हुई तो बाहर का नजारा देखने के लिए अपने चबूतरों पर जा बैठे। मल्हार मोड़ के आसपास कई लोग बाहर बैठकर देश-दुनिया के हालातों पर चर्चा में मशगूल रहे। तमाम लोगों ने घरों के अंदर चैनलों और छतों पर खड़े होकर आसपास के इलाकों का जायजा लिया।
गुरुद्वारा के सेवादारों ने बांटा लंगर
लॉकडाउन के कारण परिवहन सेवाएं बंद होने से महानगर में तमाम बाहरी लोग भी फंस गए। चूंकि, सारे होटल-रेस्त्रां बंद रहे, इसलिए उनकी भोजन व्यवस्था के लिए गुरुद्वारा कुटिया साहिब के सेवादारों ने आसपास के इलाकों में भ्रमण करके लोगों को दाल, रोटी, सब्जी का वितरण किया।
मेडिकल स्टोर वालों ने गोले बनाकर खड़े किए ग्राहक
मेडिकल स्टोर संचालकों ने दवा खरीदने वाले मरीजों, तीमारदारों के बीच फासला बनाए रखने को सड़क पर चूना डालकर गोले बनवा दिए। लॉकडाउन के दौरान जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति के लिए बहादुरगंज मेन मार्केट और गल्ला मंडी में किराना, दालों और खाद्य तेल की इक्का-दुक्का खुलीं, लेकिन उन पर ग्राहक बहुत कम पहुंचे। बहादुरगंज चौराहा पर पुलिस चेक पोस्ट के ठीक सामने किराना और पंसारी की दुकान दोपहर बाद तक खुली रही, लेकिन सामान खरीदने वालों की संख्या बहुत सीमित रही।
बच्चों ने क्रिकेट खेलकर बिताया समय
बड़े-बुजुर्गों ने बाहर निकलने पर लगाई गई बंदिश की अहमियत समझी, लेकिन बच्चे इससे बेपरवाह रहे। घरवालों की आंखें फिरते ही वह बैट, बॉल और विकेट लेकर खाली पड़े मैदानों में क्रिकेट खेलने निकल पड़े। बाड़ूजई में बच्चों की टोली रन बनाने मेें मशगूल दिखी। इसी तरह लोहारों वा ला चौराहा के पास मोहल्ला मदराखेल में जुग्गन खां के खाली पड़े खेत को बच्चों ने दोपहर तक क्रिकेट का मैदान बनाए रखा। हालांकि न तो अभिभावकों ने उन्हें बाहर जाने से रोका और पुलिस प्रशासन भी इससे बेपरवाह बना रहा।
नगर निगम ने जारी रखा सैनिटाइजेशन
नगर निगम के कर्मचारियों ने प्रेशर पाइप से सोडियम हाइपो क्लोराइड रसायन के घोल का छिड़काव कर सैनिटाइजेशन का काम बुधवार को भी जारी रखा। बीते दिन इस टीम ने पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस, वित्त मंत्री सुरेश खन्ना के कैंप कार्यालय राजभवन और कचहरी के आसपास के बैंक परिसरों को सैनिटाइज किया और आज सदर बाजार समेत अन्य कई इलाकों को कोरोना मुक्त करने का अभियान चलाया।

मस्जिदों मेें नमाजियों की सीमित रही जमात
रोजाना की तरह बुधवार को महानगर की मस्जिदों मेें सुबह और दोपहर के वक्त नमाज से पहले अजान की आवाजेें उठीं, लेकिन वहां नमाजी बेहद कम संख्या में पहुंचे। शहर इमाम समेत अन्य मुस्लिम धर्मगुरुओं की अपील को देखते नमाजियों ने मस्जिदों में जमात कम होने की परवाह किए बगैर अल्लाह को सजदा कर कोरोना को मिटाने की दुआएं कीं।
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